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हंसावाला में गंगा में छोड़े गए 60 घड़ियाल
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मुजफ्फरनगर/मीरापुर। गंगा स्वच्छता व वन्य जीव संरक्षण अभियान के तहत बुधवार सुबह लखनऊ के कुकरैल स्थित प्रजनन केंद्र से लाए गए 60 घड़ियाल रामराज क्षेत्र के हंसावाला में गंगा में छोड़े गए। वन अधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों को गंगा में छोड़े गए घड़ियालों की समुचित देखरेख करने के निर्देश दिए हैं।
डब्लूडब्लूएफ और वन विभाग की टीमों ने हाल ही में संयुक्त सर्वेक्षण कर जानसठ रेंज के तहत रामराज क्षेत्र के गांव हंसावाला स्थित गंगा तट को दुर्लभतम जीव घड़ियाल के प्रकृतिवास के लिए उपयुक्त पाया था। इसके बाद यहां घड़ियालों को लाकर छोड़ने की कवायद शुरू की गई थी, जिसके बाद बुधवार को लखनऊ के कुकरैल प्रजनन केंद्र से 60 घड़ियाल लाकर हंसावाला तट पर गंगा में छोड़े गए। क्षेत्रीय वन अधिकारी मनोज कुमार बलोदी ने बताया कि इनमें दस नर व 50 मादा घड़ियाल हैं, जिनकी लंबाई 120 से 137 सेमी और वजन पांच से छह किलोग्राम के बीच है। उन्हीं के शब्दों में, घड़ियाल नदी के हानिकारक जीवों को अपना भोजन बनाते हैं, जिनसे मनुष्य को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इनका मुंह मगरमच्छ की अपेक्षा काफी कम खुलता है, जिसके चलते यह मछली खाना अधिक पसंद करता है। इस दौरान वन संरक्षक सहारनपुर वीके जैन, डीएफओ मुजफ्फरनगर सूरज कुमार, डब्लूडब्लूएफ टीम कॉर्डिनेटर शाहनवाज, मोहन कुमार बहुखंडी, देवेंद्र कुमार और गौरव कुमार आदि मौजूद रहे।
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डब्लूडब्लूएफ और वन विभाग की टीमों ने हाल ही में संयुक्त सर्वेक्षण कर जानसठ रेंज के तहत रामराज क्षेत्र के गांव हंसावाला स्थित गंगा तट को दुर्लभतम जीव घड़ियाल के प्रकृतिवास के लिए उपयुक्त पाया था। इसके बाद यहां घड़ियालों को लाकर छोड़ने की कवायद शुरू की गई थी, जिसके बाद बुधवार को लखनऊ के कुकरैल प्रजनन केंद्र से 60 घड़ियाल लाकर हंसावाला तट पर गंगा में छोड़े गए। क्षेत्रीय वन अधिकारी मनोज कुमार बलोदी ने बताया कि इनमें दस नर व 50 मादा घड़ियाल हैं, जिनकी लंबाई 120 से 137 सेमी और वजन पांच से छह किलोग्राम के बीच है। उन्हीं के शब्दों में, घड़ियाल नदी के हानिकारक जीवों को अपना भोजन बनाते हैं, जिनसे मनुष्य को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इनका मुंह मगरमच्छ की अपेक्षा काफी कम खुलता है, जिसके चलते यह मछली खाना अधिक पसंद करता है। इस दौरान वन संरक्षक सहारनपुर वीके जैन, डीएफओ मुजफ्फरनगर सूरज कुमार, डब्लूडब्लूएफ टीम कॉर्डिनेटर शाहनवाज, मोहन कुमार बहुखंडी, देवेंद्र कुमार और गौरव कुमार आदि मौजूद रहे।
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