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महाशिवरात्रि पर्व के जलाभिषेक को शिवालयों में तैयारी मुकम्मल
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महाशिवरात्रि पर्व के जलाभिषेक को शिवालयों में तैयारी पूरी
देवबंद (सहारनपुर)। महाशिवरात्रि पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। प्राचीन सिद्धपीठ श्री मनकेश्वर महादेव मंदिर मानकी और सिद्धपीठ श्री नागेश्वर महादेव मंदिर घ्याना में भव्य मेलों का भी आयोजन किया जाएगा। जिसकी रविवार से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि के पर्व पर व्रत, रूद्धाभिषेक व ओम नम शिवाय का जाप करना अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। श्री मनकेश्वर महादेव मंदिर की मान्यता है कि हजारों वर्ष पूर्व समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने मानकी गांव को इसी धरा पर अपना आसन जमाया था। ऐसा कहा जाता है कि मंदिर स्थापित वाली भूमि एक मुस्लिम परिवार की थी। जिसे उसने मंदिर के लिए छोड़ दिया था। तभी से यह सिद्धपीठ होने के साथ-साथ हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बन गया। मंदिर के महंत विनय गिरि ने बताया कि वैसे तो मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में भक्तजन आते हैं। लेकिन वर्ष में दो बार लगने वाले विशाल मेले में आसपास ही नहीं दूर दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर जलाभिषेक करते हैं। उधर, सिद्धपीठ श्री नागेश्वर महादेव मंदिर घ्याना में भी महाशिवरात्रि की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं।
कोतवाल कुलदीप सिंह ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व को लेकर पुलिस की ड्यूटी लगा दी गई है। प्रमुख मंदिरों में पुलिस की विशेष व्यवस्था रहेगी।
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देवबंद (सहारनपुर)। महाशिवरात्रि पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। प्राचीन सिद्धपीठ श्री मनकेश्वर महादेव मंदिर मानकी और सिद्धपीठ श्री नागेश्वर महादेव मंदिर घ्याना में भव्य मेलों का भी आयोजन किया जाएगा। जिसकी रविवार से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि के पर्व पर व्रत, रूद्धाभिषेक व ओम नम शिवाय का जाप करना अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। श्री मनकेश्वर महादेव मंदिर की मान्यता है कि हजारों वर्ष पूर्व समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने मानकी गांव को इसी धरा पर अपना आसन जमाया था। ऐसा कहा जाता है कि मंदिर स्थापित वाली भूमि एक मुस्लिम परिवार की थी। जिसे उसने मंदिर के लिए छोड़ दिया था। तभी से यह सिद्धपीठ होने के साथ-साथ हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बन गया। मंदिर के महंत विनय गिरि ने बताया कि वैसे तो मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में भक्तजन आते हैं। लेकिन वर्ष में दो बार लगने वाले विशाल मेले में आसपास ही नहीं दूर दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर जलाभिषेक करते हैं। उधर, सिद्धपीठ श्री नागेश्वर महादेव मंदिर घ्याना में भी महाशिवरात्रि की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं।
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कोतवाल कुलदीप सिंह ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व को लेकर पुलिस की ड्यूटी लगा दी गई है। प्रमुख मंदिरों में पुलिस की विशेष व्यवस्था रहेगी।