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वीरान बंद पड़े ट्रामा सेंटर में सीएचसी की इमरजेंसी शिफ्ट
Updated Thu, 15 Feb 2018 12:04 AM IST
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खतौली। चिकित्सकों की तैनाती और उपकरणों के अभाव में वीरान पड़े खतौली के ट्रामा सेंटर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने अब अपनी इमरजेंसी शिफ्ट कर दी है। यह ट्रामा सेंटर निर्माणाधीन होने के बाद से ही बंद पड़ा था। इस सेंटर में मंगलवार से मरीजों को इमरजेंसी सुविधा देने का काम शुरू कर दिया गया।
वर्ष 2016 में सपा सरकार में कैजुअल्टी प्रबंधन योजना के तहत 1.88 करोड़ रुपये की लागत से इस ट्रामा सेंटर को बनवाया गया। उस वक्त नगरीय और क्षेत्रीय लोगों में आस जगी थी कि उन्हें बेहतर चिकित्सा की सुविधा मिलेगी। मगर, इस ट्रामा सेंटर में आज तक जनरल सर्जन, आर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थेटिक, रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट समेत आवश्यकतानुसार स्टॉफ की तैनाती नहीं की जा सकी और न ही उपकरण लगाए गए हैं। इसलिए यह ट्रामा सेंटर वीरान पड़ा हुआ था। ट्रामा सेंटर को चालू कराने को भाकियू कार्यकर्ताओं के अलावा अन्य सामाजिक संगठनों ने भी कई प्रदर्शन किए।
अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इमरजेंसी को मंगलवार को ट्रामा सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया। हाईवे पर होने वाले बड़े हादसों में गंभीर घायलों को अभी भी पूरी चिकित्सा देना इस इमरजेंसी में संभव नहीं है। जिसका कारण यहां पर चिकित्सकों की कमी और उपकरणों का न होना है। फिलहाल जिस तरह से सीएचसी की इमरजेंसी में मरीजों का प्राथमिक उपचार होता था, उसी तरह ट्रामा सेंटर में उपचार किया जाएगा। गंभीर हालत में मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर करना पड़ेगा। इमरजेंसी कक्ष में मरीजों के लिए बेड डाल दिए गए हैं। ट्रामा सेंटर के दवाई भंडारण में दवाईयां भी पहुंचा दी गई है। अब यह ट्रामा सेंटर न होकर सीएचसी बनकर रह गया है।
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पूर्व सभासद के प्रयासों से बना था ट्रामा सेंटर
नगरपालिका के पूर्व सभासद रहे अनुज सहरावत के प्रयासों से खतौली में ट्रामा सेंटर का निर्माण संभव हो सका था। अनुज सहरावत ने बताया कि सपा सरकार में उन्होंने जनता को बेहतर चिकित्सा दिलाने के लिए कई बार स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा और कई बार लखनऊ में पहुंचकर मंत्री से मिले। इसके अलावा तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी ट्रामा सेंटर बनाने को अपनी ओर से पत्र लिखा। काफी प्रयासों के बाद ट्रामा सेंटर बन सका।
सीएचसी की इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में शिफ्ट कर दी गई है। मरीजों का उपचार अब सेंटर में बनाए गए आपातकालीन कक्ष में किया जाएगा। मंगलवार से इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा ट्रामा सेंटर में शुरू कर दी गई थी। चिकित्सक और स्टाफ की भी तैनाती की जा चुकी है। - डा. राजीव निगम, सीएमएस, सीएचसी खतौली।
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वर्ष 2016 में सपा सरकार में कैजुअल्टी प्रबंधन योजना के तहत 1.88 करोड़ रुपये की लागत से इस ट्रामा सेंटर को बनवाया गया। उस वक्त नगरीय और क्षेत्रीय लोगों में आस जगी थी कि उन्हें बेहतर चिकित्सा की सुविधा मिलेगी। मगर, इस ट्रामा सेंटर में आज तक जनरल सर्जन, आर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थेटिक, रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट समेत आवश्यकतानुसार स्टॉफ की तैनाती नहीं की जा सकी और न ही उपकरण लगाए गए हैं। इसलिए यह ट्रामा सेंटर वीरान पड़ा हुआ था। ट्रामा सेंटर को चालू कराने को भाकियू कार्यकर्ताओं के अलावा अन्य सामाजिक संगठनों ने भी कई प्रदर्शन किए।
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अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इमरजेंसी को मंगलवार को ट्रामा सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया। हाईवे पर होने वाले बड़े हादसों में गंभीर घायलों को अभी भी पूरी चिकित्सा देना इस इमरजेंसी में संभव नहीं है। जिसका कारण यहां पर चिकित्सकों की कमी और उपकरणों का न होना है। फिलहाल जिस तरह से सीएचसी की इमरजेंसी में मरीजों का प्राथमिक उपचार होता था, उसी तरह ट्रामा सेंटर में उपचार किया जाएगा। गंभीर हालत में मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर करना पड़ेगा। इमरजेंसी कक्ष में मरीजों के लिए बेड डाल दिए गए हैं। ट्रामा सेंटर के दवाई भंडारण में दवाईयां भी पहुंचा दी गई है। अब यह ट्रामा सेंटर न होकर सीएचसी बनकर रह गया है।
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पूर्व सभासद के प्रयासों से बना था ट्रामा सेंटर
नगरपालिका के पूर्व सभासद रहे अनुज सहरावत के प्रयासों से खतौली में ट्रामा सेंटर का निर्माण संभव हो सका था। अनुज सहरावत ने बताया कि सपा सरकार में उन्होंने जनता को बेहतर चिकित्सा दिलाने के लिए कई बार स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा और कई बार लखनऊ में पहुंचकर मंत्री से मिले। इसके अलावा तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी ट्रामा सेंटर बनाने को अपनी ओर से पत्र लिखा। काफी प्रयासों के बाद ट्रामा सेंटर बन सका।
सीएचसी की इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में शिफ्ट कर दी गई है। मरीजों का उपचार अब सेंटर में बनाए गए आपातकालीन कक्ष में किया जाएगा। मंगलवार से इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा ट्रामा सेंटर में शुरू कर दी गई थी। चिकित्सक और स्टाफ की भी तैनाती की जा चुकी है। - डा. राजीव निगम, सीएमएस, सीएचसी खतौली।