फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   देश भर में और फैलेगी गुड की महक

देश भर में और फैलेगी गुड की महक

Mon, 15 Jan 2018 01:09 AM IST
Updated Mon, 15 Jan 2018 01:09 AM IST
विज्ञापन
देश भर में और फैलेगी गुड की महक
देश भर में और फैलेगी गुड़ की महक
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट, योजना कामयाब हुई तो जिले के गुड़ की महक देश भर में और फैलेगी। गुड़ उत्पात के कारोबार से गन्ना किसानों के साथ ग्रामीण विकास भी मुख्य रुप से जुड़ा है। यही वजह है कि सरकार की मंशा गुड को नई पहचान दिलाने की है, ताकि रोजगार और आय के अवसर बढ़ सके।
एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी बीते एक दशक में अपनी रौनक खो चुकी है। पूरे देश में मुजफ्फरनगर से गुड़, शक्कर की आपूर्ति होती थी। गुड़ के अवैध कारोबार और मंडी शुल्क की बढ़ोतरी ने जिले में गुड़ व्यवसाय को क्षति पहुंचाई है। गुड़ कारोबार के लिए 50 फर्म पंजीकृत है, जबकि केवल 24 फर्म ही गुड़ व्यापार कर रही है। पांच वर्ष पहले तक भी मंडी में प्रतिदिन 15 से 20 हजार मन गुड़ की आवक होती थी, जो वर्तमान में घट कर 5 से 8 हजार मन रह गई है। फिलहाल भी मुजफ्फरनगर से गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में गुड़ की आपूर्ति होती है। गुड़ के नामी उत्पादों में चाकू, खुरपा, ढैय्या, लड्डू, रसकट ढैय्या, शक्कर सुनहेरी, शक्कर मसाला आदि की डिमांड काफी है। दी गुड़, खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन पिछले कई सालों से प्रदेश सरकार से जिले में संचालित समानांतर अवैध गुड़ मंडी को बंद करने की भी मांग कर रही है। मंडी समिति के कर्मचारियों पर भी अवैध गुड़ के व्यवसाय को संरक्षण देने का आरोप है। ऐसी परिस्थितियों में योगी सरकार की ब्रांड यूपी योजना से जिले के गुड़ कारोबार को नई ताकत मिल सकती है। एक जिला-एक उत्पाद (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) के अंतर्गत गुड को बाजार में बेहतर उत्पाद के रूप में बिक्री करने की मंशा है। गुड़ की पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यूपी के स्थापना दिवस पर 24 जनवरी को लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम में सूबे के हर जिले के उत्पादों का प्रदर्शन करने योजना है। 18 नवंबर को जिले में आए सीएम योगी आदित्यनाथ को गुड व्यापारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन भी दिया था।
विज्ञापन

क्या कहते हैं कारोबारी
सरकार की योजना से गुड़ कारोबार में नई उम्मीदें जग सकती है। आढ़तियों के साथ ग्रामीणों को भी ज्यादा रोजगार मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। जिले में गुड़ उत्पाद लघु उद्योग बन सकता है। गुड़ और शक्कर का उत्पादन परंपरागत व्यवसाय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- संजय मित्तल, अध्यक्ष,दी गुड खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन, मुजफ्फरनगर
---------
गुड़ माफिया पर अंकुश से ही जिले की गुड़ मंडी आदर्श मंडी बनेगी। 75 प्रतिशत उत्पादित गुड़ अवैध तरीके से समानांतर मंडी में बेचा जा रहा है। गुड़ व्यापारी आर्थिक और मानसिक शोषण से पीड़ित है। अवैध गुड़ व्यवसाय रुकना चाहिए।
- श्याम सिंह सैनी, महामंत्री, दी गुड़ खांडसारी एण्ड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन, मुजफ्फरनगर
- केंद्र सरकार गुड़ उत्पाद को कृषि उत्पाद नहीं मानती है, जबकि यूपी सरकार इसे कृषि उत्पाद मान कर ढाई रुपये प्रति मन के हिसाब से मंडी शुल्क ले रही है। यह शुल्क खत्म होना चाहिए। एक जिला-एक उत्पाद योजना से गुड कारोबार में चमक आ सकती है।
-अरुण खंडेलवाल, गुड कारोबारी

- मुजफ्फरनगर के गुड का स्वाद देश के कई प्रांतों में पसंदीदा है। सरकार गुड़ व्यवसाय में छूट और कारोबारियों को वित्तीय सहायता देकर गुड उत्पादन को और अधिक रोजगारपरक बना सकती है। केमिकल्स रहित गुड की अधिक मांग है।

- संजय मिश्रा, अध्यक्ष, नवीन मंडी व्यापार संघ, मुजफ्फरनगर।

इनसेट
वेस्ट यूपी से चुने गए ये उत्पाद
मुजफ्फरनगर। गुड़ के साथ वेस्ट यूपी के अन्य जिलों से योजना में एक-एक उत्पाद शामिल किया गया है। जैसे मेरठ से स्पोर्ट्र्स गुड्स, शामली से रिम-धूरे, सहारनपुर से बुड कार्विंग, बागपत से हैंडलूम, गाजियाबाद से इंजीनियरिंग गुड्स, बिजनौर से लकड़ी की कलाकृतियां आदि चुने गए है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed