{"_id":"687fe033ed537ae4410afc94","slug":"750-farmers-have-collective-objection-to-the-residential-colony-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-150584-2025-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: आवासीय कॉलोनी पर 750 किसानों की सामूहिक आपत्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: आवासीय कॉलोनी पर 750 किसानों की सामूहिक आपत्ति
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। आवास विकास मेरठ की आवासीय कॉलोनी के विरोध में 750 किसानों ने सामूहिक आपत्ति दर्ज कराई है। धंधेड़ा, शेरनगर और बिलासपुर गांव के किसानों का कहना है कि कॉलोनी के लिए एक इंच जमीन नहीं देंगे।
महायोजना 2031 के तहत आवासीय सुविधाएं बढ़ाने के लिए योजना तैयार की गई थी। दिल्ली-दून हाईवे पर कॉलोनी बसाने के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। गजट नोटिफिकेशन हो चुका है, अब परिषद की ओर से धारा-29 की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर दी गई है।
लेकिन तीनों गांव के ग्रामीण विरोध में खड़े हो गए हैं। सामूहिक आपत्ति में ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन उपजाऊ है। इस क्षेत्र से हर साल मंसूरपुर और मोरना चीनी मिल को 70 हजार क्विंटल गन्ने की सप्लाई की जाती है।
विज्ञापन
कॉलोनी पीपीपी मॉडल पर बनाई जाएगी, जिससे कुछ लोगों के निजी स्वार्थ जुड़े हुए हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर समाज के सामने हकीकत बताई जाएगी। तीनों गांव के प्रधान समेत 750 ग्रामीणों ने सामूहिक आपत्ति मेरठ स्थित कार्यालय पर दर्ज कराई।
-- -- -- --
इनसेट
पांच सौ साल पुरानी आबादी को नुकसान
अधिवक्ता खुर्रम अली, सुनील कुमार, जोगेंद्र सिंह, रामबल, हरशरण सिंह का कहना है कि पांच सौ साल पुराने आबादी क्षेत्र को नुकसान होगा। धार्मिक स्थलों को तोड़ा जाएगा। सर्वसमाज के किसानों और ग्रामीणों को इस योजना से नुकसान है।
-- -- -- --
इनसेट
250 किसानों की 280 हेक्टेयर भूमि
मुजफ्फरनगर। आवास विकास परिषद मेरठ की ओर से हाईवे पर नई कॉलोनी के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। तीन गांव के 250 से अधिक किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के इर्द-गिर्द 280 हेक्टेयर भूमि में आवासीय काॅलोनी का खाका खींचा गया है।
-- -- -- -- -- -- --
इनसेट
पुरानी कॉलोनियों में सुविधा बढ़ाए सरकार
आपत्ति में ग्रामीणों ने कहा कि शेरनगर, बिलासपुर और धंधेड़ा के आसपास पहले से ही 10 से अधिक कॉलोनी है। इनमें द्वारिका सिटी, ओम पैराडाइज, गोकुल सिटी, सुरेंद्र नगर, वृंदावन सिटी, वेदांता, पारस एंक्लेव, ड्रीम सिटी, अंसल टाउन शामिल है। इन कॉलोनियों में सुविधा बढ़ाई जानी चाहिए। फिलहाल क्षेत्र में नई कॉलोनी की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
महायोजना 2031 के तहत आवासीय सुविधाएं बढ़ाने के लिए योजना तैयार की गई थी। दिल्ली-दून हाईवे पर कॉलोनी बसाने के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। गजट नोटिफिकेशन हो चुका है, अब परिषद की ओर से धारा-29 की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
लेकिन तीनों गांव के ग्रामीण विरोध में खड़े हो गए हैं। सामूहिक आपत्ति में ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन उपजाऊ है। इस क्षेत्र से हर साल मंसूरपुर और मोरना चीनी मिल को 70 हजार क्विंटल गन्ने की सप्लाई की जाती है।
विज्ञापन
कॉलोनी पीपीपी मॉडल पर बनाई जाएगी, जिससे कुछ लोगों के निजी स्वार्थ जुड़े हुए हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर समाज के सामने हकीकत बताई जाएगी। तीनों गांव के प्रधान समेत 750 ग्रामीणों ने सामूहिक आपत्ति मेरठ स्थित कार्यालय पर दर्ज कराई।
इनसेट
पांच सौ साल पुरानी आबादी को नुकसान
अधिवक्ता खुर्रम अली, सुनील कुमार, जोगेंद्र सिंह, रामबल, हरशरण सिंह का कहना है कि पांच सौ साल पुराने आबादी क्षेत्र को नुकसान होगा। धार्मिक स्थलों को तोड़ा जाएगा। सर्वसमाज के किसानों और ग्रामीणों को इस योजना से नुकसान है।
इनसेट
250 किसानों की 280 हेक्टेयर भूमि
मुजफ्फरनगर। आवास विकास परिषद मेरठ की ओर से हाईवे पर नई कॉलोनी के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। तीन गांव के 250 से अधिक किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के इर्द-गिर्द 280 हेक्टेयर भूमि में आवासीय काॅलोनी का खाका खींचा गया है।
इनसेट
पुरानी कॉलोनियों में सुविधा बढ़ाए सरकार
आपत्ति में ग्रामीणों ने कहा कि शेरनगर, बिलासपुर और धंधेड़ा के आसपास पहले से ही 10 से अधिक कॉलोनी है। इनमें द्वारिका सिटी, ओम पैराडाइज, गोकुल सिटी, सुरेंद्र नगर, वृंदावन सिटी, वेदांता, पारस एंक्लेव, ड्रीम सिटी, अंसल टाउन शामिल है। इन कॉलोनियों में सुविधा बढ़ाई जानी चाहिए। फिलहाल क्षेत्र में नई कॉलोनी की जरूरत नहीं है।