{"_id":"5cba16cebdec2262650b1dba","slug":"71555699406-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अहिंसा सबसे श्रेष्ठ धर्म है : जैन मुनि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अहिंसा सबसे श्रेष्ठ धर्म है : जैन मुनि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुढ़ाना। आचार्य श्री 108 ज्ञान सागर महाराज ने अहिंसा को सर्वश्रेष्ठ धर्म बताया। उन्होंने कहा कि सही और गलत क्या है, सत्कर्म और दुष्कर्म क्या है। पुण्य और पाप की परिभाषाएं क्या मात्र शब्दों का ज्ञान है। नहीं, ये तो की जाने वाली वे क्रियाएं हैं, जो स्वयं की मन के बोझ को हल्का या भारी कर देती है। मोक्ष कल्याणक के बारे में आचार्य मुनि ने विस्तार से जानकारी दी।
श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में सात दिवसीय श्रीज्जिनेंद्र पंचकल्याणक आदिनाथ जिनबिंब प्रतिष्ठा महोत्सव का मोक्ष कल्याणक कार्यक्रम के साथ शुक्रवार को समापन हो गया। आचार्य श्री ने कहा कि दुनिया में अहिंसा सर्वश्रेष्ठ धर्म है। कबीरदास के दोहे का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बकरी पाती खात है ताकी काढ़ी खाल। जो नर बकरी खात है उनको कौन हवाल। पत्ति खाने वाली बकरी की खाल निकाली जाती है, लेकिन जो व्यक्ति बकरी खाते हैं, उनका क्या हाल होगा। आचार्य श्री ने मोक्ष कल्याणक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मोक्ष कल्याणक कार्यक्रम के बाद मंदिर पर कलशारोहण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। आचार्य श्री ने समापन के बाद बरनावा के लिए मंगल विहार किया। कार्यक्रम में महेश चंद जैन, नरेंद्र जैन, नीरज जैन, सतेंद्र कुमार जैन, डॉ. पवन जैन, अनुज उर्फ अप्पू जैन, आकाश जैन, नितिन जैन, रमेश चंद जैन सहित सकल जैन समाज के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में सात दिवसीय श्रीज्जिनेंद्र पंचकल्याणक आदिनाथ जिनबिंब प्रतिष्ठा महोत्सव का मोक्ष कल्याणक कार्यक्रम के साथ शुक्रवार को समापन हो गया। आचार्य श्री ने कहा कि दुनिया में अहिंसा सर्वश्रेष्ठ धर्म है। कबीरदास के दोहे का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बकरी पाती खात है ताकी काढ़ी खाल। जो नर बकरी खात है उनको कौन हवाल। पत्ति खाने वाली बकरी की खाल निकाली जाती है, लेकिन जो व्यक्ति बकरी खाते हैं, उनका क्या हाल होगा। आचार्य श्री ने मोक्ष कल्याणक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मोक्ष कल्याणक कार्यक्रम के बाद मंदिर पर कलशारोहण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। आचार्य श्री ने समापन के बाद बरनावा के लिए मंगल विहार किया। कार्यक्रम में महेश चंद जैन, नरेंद्र जैन, नीरज जैन, सतेंद्र कुमार जैन, डॉ. पवन जैन, अनुज उर्फ अप्पू जैन, आकाश जैन, नितिन जैन, रमेश चंद जैन सहित सकल जैन समाज के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन