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अभिभावकों का बच्चों को टीका लगवाने से इंकार
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:00 AM IST
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जानसठ। सिखेड़ा क्षेत्र के गांव नंगला मुबारिक स्थित गोल्डन बेल पब्लिक स्कूल में कई अभिभावकों ने खसरा व रुबेला के टीके लगवाने से इंकार कर दिया। इसका कारण सोशल मीडिया पर टीकाकरण अभियान के प्रति फैलाई जा रही भ्रांति को करण बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब ऐसे अभिभावकों से संपर्क करने की तैयारी कर रही है। उधर, क्षेत्र के स्कूलों में 700 बच्चों को टीके लगाए गए।
गोल्डन बेल स्कूल प्रबंधक अरविंद कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से खसरा व रुबेला बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण कराया जा रहा है। इसके लिए सभी बच्चों की डायरी में टीका लगवाने को लेकर अभिभावकों से लिखित में पूछा गया था। कुछ अभिभावकों ने टीका लगवाने के लिए अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। कारण बताया कि टीकाकरण अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर बच्चों की तबीयत बिगड़ने की भ्रांतियां फैलाई जा रही है। इसी के चलते अभिभावकों ने टीका लगवाने से इंकार किया है। इसमें स्कूल के 30 से 35 प्रतिशत बच्चों के अभिभावक ऐसे है, जिन्होंने टीका लगवाने से इंकार किया है। उधर, सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. अशोक कुमार ने बताया कि पांच साल से लेकर 15 साल तक के बच्चों को टीकाकरण किया जाना है। उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में 10 करोड़ बच्चों को टीकाकरण किया जा चुका है। कहीं कोई समस्या नहीं आई है। सोशल मीडिया पर आ रही खबरें भ्रमित खबरें हैं। जानसठ ब्लाक में एक लाख 15 हजार बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। टीका लगाने से बच्चों को दोनों बीमारियों से बचाया जा सकता है। इससे कोई नुकसान नहीं होने वाला है। बताया कि यदि कुछ अभिभावकों में भ्रांति है तो उनसे मिलकर इसे दूर कराया जाएगा और टीकाकरण का फायदा बताएंगे।
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गोल्डन बेल स्कूल प्रबंधक अरविंद कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से खसरा व रुबेला बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण कराया जा रहा है। इसके लिए सभी बच्चों की डायरी में टीका लगवाने को लेकर अभिभावकों से लिखित में पूछा गया था। कुछ अभिभावकों ने टीका लगवाने के लिए अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। कारण बताया कि टीकाकरण अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर बच्चों की तबीयत बिगड़ने की भ्रांतियां फैलाई जा रही है। इसी के चलते अभिभावकों ने टीका लगवाने से इंकार किया है। इसमें स्कूल के 30 से 35 प्रतिशत बच्चों के अभिभावक ऐसे है, जिन्होंने टीका लगवाने से इंकार किया है। उधर, सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. अशोक कुमार ने बताया कि पांच साल से लेकर 15 साल तक के बच्चों को टीकाकरण किया जाना है। उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में 10 करोड़ बच्चों को टीकाकरण किया जा चुका है। कहीं कोई समस्या नहीं आई है। सोशल मीडिया पर आ रही खबरें भ्रमित खबरें हैं। जानसठ ब्लाक में एक लाख 15 हजार बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। टीका लगाने से बच्चों को दोनों बीमारियों से बचाया जा सकता है। इससे कोई नुकसान नहीं होने वाला है। बताया कि यदि कुछ अभिभावकों में भ्रांति है तो उनसे मिलकर इसे दूर कराया जाएगा और टीकाकरण का फायदा बताएंगे।
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