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रंग-बिरंगे अंदाज से यादों में समाईं टेनिस परियां

Sun, 18 Nov 2018 12:29 AM IST
Updated Sun, 18 Nov 2018 12:29 AM IST
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रंग-बिरंगे अंदाज से यादों में समाईं टेनिस परियां
रंग-बिरंगे अंदाज से यादों में समाईं टेनिस परियां
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मुजफ्फरनगर। सर्विस क्लब के ग्रास कोर्ट पर विदेशी टेनिस परियों के अंदाज जुदा-जुदा नजर आए। टेरेजा मिहालिकोवा और अल्दिला सुतजियादी की मुस्कराहट काबिल ए तारीफ रही, तो जापान की ओजेकी और ओकामोरा ने कोर्ट पर गंभीरता दिखाई। चीन की दन नी वांग चश्मा लगाकर पूरे टूर्नामेंट में खेलीं। स्लोवीनिया की नस्तजा कोलार के नखरे भी लंबे समय तक याद रहेंगे। सिंगल फाइनल की विजेता बनी सर्बिया की नतालिजा कोस्टिक का चुलबुलापन सभी को भाया।
सर्विस क्लब में पांच साल बाद महिला टेनिस का समागम यादगार बना। भारत की प्रेरणा भांबरी और जील देसाई के सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में हारने की वजह से निराशा हुई, मगर विदेशी खिलाड़ियों ने रंग जमाए रखा। स्लोवाकिया की टेरेजा मिहालिकोवा अपनी लंबाई और खूबसूरती को लेकर सबकी चहेती रही। सर्बिया की नतालिजा कोस्टिक पर शुरू में किसी की निगाहें नहीं थीं। उनके दमदार प्रदर्शन को देख हर कोई अचंभित हो गया। उनके चुलबुलेपन की खूब तारीफ हुई। कोर्ट पर सबसे तेज आवाज, कोच निकोला के साथ डांस स्टेप और स्कूली बच्चों से आत्मीयता को लेकर सर्बिया से आई कोस्टिक एक संपूर्ण टेनिस खिलाड़ी दिखी। इंडोनेशिया से कई बार भारत आ चुकी अल्दिला सुतजियादी से सिंगल में बड़े प्रदर्शन की आशा थी, मगर उन्हें डबल्स में चमकने का मौका मिला। अल्दिला सुलजियादी और जापान की कोयोका ओकामोरा की मुस्कराहट के सब कायल हुए। जापान की मिचिका ओजेकी की गंभीरता उनकी अलग पहचान बनी। चीन की दन नी वांग का चश्मा कोर्ट पर छाया रहा। उन्होंने सभी मैच चश्मा लगाकर खेले। मैच से पहले अपने कोच हावर्ड के साथ उनकी अंडे खाने की आदत भी चर्चा में रही। डबल्स फाइनल की चैंपियन बनी वांग को जहां अंडे पसंद थे, वहीं उनकी जोड़ीदार अल्दिला सुतजियादी को इंडोनेशिया से लाए चावल ही भाए। एनर्जी पाने को उसने खुद चावल पकाए और खाए।
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जापान की हिरोका क्वाटा का शांत भाव भी प्रशंसनीय था। वर्ल्ड में 278वीं रैंक की क्वाटा सेमीफाइनल में कोस्टिक के आगे हार गई थी। स्लोवीनिया की नस्तजा कोलार, यूएसए के अलेक्जेंड्रा रिले और बुल्गारिया की अलेक्जेंड्रा नायडेनोवा के नखरे भी सुर्खियां बने। मैच के दौरान कोर्ट पर अंपायर के फैसले के खिलाफ कोलार सबसे ज्यादा बड़बड़ाती थी। कोलार ने मीडिया से भी बात नहीं की। हालांकि पैर में चोट की वजह से उन्हें दिक्कत आईं। चेक गणराज्य की अन्ना सिस्कोवा का कोर्ट पर मॉडलिंग अंदाज दर्शक नहीं भूलेंगे। आस्ट्रिया की पुलिस में इंस्पेक्टर मैलेनी क्लाफनेर को रंग बिरंगी ड्रेस लुभावनी लगती थी। वर्ष 2013 में क्लाफनेर ने यह टूर्नामेंट जीता था। स्लोवाकिया की टेरेजा मिहालिकोवा को गर्मी ने सबसे ज्यादा परेशान किया। कोर्ट पर हर शॉट के बाद उन्हें तौलिये से पसीना पोंछना पड़ता था।
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रोजर फेडरर बने आइडियल
मुजफ्फरनगर। विदेशी टेनिस महिला खिलाड़ियों में रोजर फेडरर की दीवानगी हद से ज्यादा मिली। वर्ल्ड टेनिस में 20 ग्रैंड स्लम जीत चुके स्विटजरलैंड के फेडरर को टेरेजा मिहालिकोवा, अल्दिला सुतजियादी और कोयोका ओकामोरा ने अपना आइडियल बताया।
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