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मातमी जुलूस निकाले
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:09 AM IST
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मातमी जुलूस निकाले
मीरापुर। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के 72 परिजनों की शहादत की याद में मातमी जुलूस निकाले गए। जुलूसों में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस, पीएसी व फायर ब्रिगेड की तैनाती की गई थी। मोहर्रम की दसवीं तारीख पर कस्बे के मोहल्ला मुश्तर्क स्थित पंचदरा इमामबाड़ा से प्रारंभ हुआ।
मातमी जुलूस इमामबाड़ों से होता हुआ जामा मस्जिद, सराय गेट, बाजार होता हुआ मैन चौराहे पर पहुंचा। यहां मातमी दस्तों ने 102 जंजीरों से खूनी मातम किया। उधर, गांव कैथोड़ा से मातमी जुलूस कोटला दरबार व बाजार होता हुआ चौराहे पर पहुंचा और दोनों जुलूसों ने अलग अलग मातम कर ताजियों को करबला तक ले गए, जहां उन्हें सुपुर्द-ए खाक कर दिया गया। इसके अलावा गांव संभलहेड़ा, गढ़ी मुझेड़ा, बलीपुरा, चुड़िय़ाला, सिकरेड़ा में भी मोहर्रम के मातमी जुलूस निकाले गए। मीरापुर के जुलूस में शमशुल हसन, हैदर मेहंदी, नसीम हैदर, नजीर हैदर, मुंतजिर मेहंदी, शाहीन रजा, नजमुल हसन, शबी हैदर, अनवर रजा, इकरार हुसैन, तंजीम हैदर, शमीम हैदर, सज्जाद हैदर, मजहर अब्बास आदि सक्रिय रहे। उधर, कैथोड़ा के जुलूस में मंजर हसनैन, मशरुर इकबाल, अली जामिन, रौनक मियां फूल मियां, मौलाना अबुल हसन, गांव संभलहेड़ा में जंजीरों से खूनी मातम करने वालों में मौलाना बाकर, तौसीफ अली, वसी हैदर, शाने हैदर, अब्बास, परवेज, गुड्डू मियां, मिनहाल, बबलू, अफरोज जैदी, मोहम्मद मियां आदि शामिल रहे।
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मीरापुर। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के 72 परिजनों की शहादत की याद में मातमी जुलूस निकाले गए। जुलूसों में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस, पीएसी व फायर ब्रिगेड की तैनाती की गई थी। मोहर्रम की दसवीं तारीख पर कस्बे के मोहल्ला मुश्तर्क स्थित पंचदरा इमामबाड़ा से प्रारंभ हुआ।
मातमी जुलूस इमामबाड़ों से होता हुआ जामा मस्जिद, सराय गेट, बाजार होता हुआ मैन चौराहे पर पहुंचा। यहां मातमी दस्तों ने 102 जंजीरों से खूनी मातम किया। उधर, गांव कैथोड़ा से मातमी जुलूस कोटला दरबार व बाजार होता हुआ चौराहे पर पहुंचा और दोनों जुलूसों ने अलग अलग मातम कर ताजियों को करबला तक ले गए, जहां उन्हें सुपुर्द-ए खाक कर दिया गया। इसके अलावा गांव संभलहेड़ा, गढ़ी मुझेड़ा, बलीपुरा, चुड़िय़ाला, सिकरेड़ा में भी मोहर्रम के मातमी जुलूस निकाले गए। मीरापुर के जुलूस में शमशुल हसन, हैदर मेहंदी, नसीम हैदर, नजीर हैदर, मुंतजिर मेहंदी, शाहीन रजा, नजमुल हसन, शबी हैदर, अनवर रजा, इकरार हुसैन, तंजीम हैदर, शमीम हैदर, सज्जाद हैदर, मजहर अब्बास आदि सक्रिय रहे। उधर, कैथोड़ा के जुलूस में मंजर हसनैन, मशरुर इकबाल, अली जामिन, रौनक मियां फूल मियां, मौलाना अबुल हसन, गांव संभलहेड़ा में जंजीरों से खूनी मातम करने वालों में मौलाना बाकर, तौसीफ अली, वसी हैदर, शाने हैदर, अब्बास, परवेज, गुड्डू मियां, मिनहाल, बबलू, अफरोज जैदी, मोहम्मद मियां आदि शामिल रहे।
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