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बालिका को सड़क पर जन्म दिया
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:20 AM IST
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खुले आसमान के नीचे महिला ने नवजात बच्ची को दिया जन्म
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)।
सूबे की भाजपा सरकार के लाख दावों के बावजूद स्वास्थ्य महकमे में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। इसी कड़ी में प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को बृहस्पतिवार की देर रात भर्ती नहीं किए जाने से अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों के दुर्व्यवहार के कारण निजी अस्पताल ले जाते महिला ने नवजात बच्ची को सड़क पर ही जन्म दिया। यूपी डायल 100 पर मिली सूचना पर पहुंची पुलिस ने जच्चा व बच्चा को सीएचसी पर भर्ती करवाया। देर रात में ही दोनों को जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया।
रतनपुरी थाने के गांव भनवाड़ा निवासी यूसुफ ने प्रसव पीड़ा से परेशान अपनी पत्नी फरजाना (22) को लेकर बृहस्पतिवार को आधी रात कस्बे की सीएचसी पर पहुंचा। यूसुफ व गांव की सरकारी दाई शब्बीरी ने महिला चिकित्सक को स्थिति से अवगत कराते हुए फरजाना को भर्ती करने को कहां। आरोप है कि सीएचसी में मौजूद महिला व पुरुष चिकित्सक ने उनके साथ अपमानजनक किया। आरोप है कि महिला को सीएचसी में भर्ती करने से इंकार कर दिया। महिला चिकित्सक ने उन्हें फरजाना को जिला चिकित्सालय ले जाने की सलाह दी। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को प्राथमिक उपचार भी नहीं दिया गया। सीएचसी में उपचार नहीं मिलने से खफा होकर परिजन महिला को लेकर कस्बे के निजी अस्पताल ले जाने लगे। निजी चिकित्सालय में ले जाते समय महिला ने कस्बे की घास मंडी में सड़क पर ही बच्ची को जन्म दे दिया। इस घटना से महिला के पति और उसकी माता सहम गईं। एक युवक ने घटना की जानकारी यूपी डायल 100 को दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जच्चा व बच्चा को कस्बे की सीएचसी में भर्ती करवाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। महिला के पति यूसुफ ने बताया कि जिला चिकित्सालय में दोनो मां बेटी सकुशल है। इस घटना के संबंध में रात में मौके पर मौजूद डा. आसिफ का कहना है कि उन्होंने महिला को जिला चिकित्सालय ले जाने की सलाह दी थी। डा. का कहना है कि महिला का पति अपनी पत्नी को जबरन निजी चिकित्सालय मे ले गया था।
कोई सुविधा भी नसीब नहीं हुई
बुढ़ाना। प्रसव पीड़ा से परेशान महिला ने खुले आसमान के नीचे सड़क पर नवजात बच्ची को जन्म दिया। जच्चा व बच्चा को आधी रात के समय सड़क पर कोई सुविधा भी नसीब नही हुई। घर की छत व चारपाई भी नवजात शिशु की तकदीर में नहीं लिखी थी। बच्ची को जन्म देने के लिए सरकारी चिकित्सालय में भी प्रसव पीड़ित महिला को आसरा नहीं मिल सका। अल्लाह का करिश्मा देखिए खुले आसमान के नीचे दोनों को सहित सलामत रखा। महिला के पति यासीन का कहना है कि अल्लाह के रहमोकरम से उसकी पत्नी व बेटी सही सलामत है।
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)।
सूबे की भाजपा सरकार के लाख दावों के बावजूद स्वास्थ्य महकमे में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। इसी कड़ी में प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को बृहस्पतिवार की देर रात भर्ती नहीं किए जाने से अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों के दुर्व्यवहार के कारण निजी अस्पताल ले जाते महिला ने नवजात बच्ची को सड़क पर ही जन्म दिया। यूपी डायल 100 पर मिली सूचना पर पहुंची पुलिस ने जच्चा व बच्चा को सीएचसी पर भर्ती करवाया। देर रात में ही दोनों को जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया।
रतनपुरी थाने के गांव भनवाड़ा निवासी यूसुफ ने प्रसव पीड़ा से परेशान अपनी पत्नी फरजाना (22) को लेकर बृहस्पतिवार को आधी रात कस्बे की सीएचसी पर पहुंचा। यूसुफ व गांव की सरकारी दाई शब्बीरी ने महिला चिकित्सक को स्थिति से अवगत कराते हुए फरजाना को भर्ती करने को कहां। आरोप है कि सीएचसी में मौजूद महिला व पुरुष चिकित्सक ने उनके साथ अपमानजनक किया। आरोप है कि महिला को सीएचसी में भर्ती करने से इंकार कर दिया। महिला चिकित्सक ने उन्हें फरजाना को जिला चिकित्सालय ले जाने की सलाह दी। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को प्राथमिक उपचार भी नहीं दिया गया। सीएचसी में उपचार नहीं मिलने से खफा होकर परिजन महिला को लेकर कस्बे के निजी अस्पताल ले जाने लगे। निजी चिकित्सालय में ले जाते समय महिला ने कस्बे की घास मंडी में सड़क पर ही बच्ची को जन्म दे दिया। इस घटना से महिला के पति और उसकी माता सहम गईं। एक युवक ने घटना की जानकारी यूपी डायल 100 को दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जच्चा व बच्चा को कस्बे की सीएचसी में भर्ती करवाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। महिला के पति यूसुफ ने बताया कि जिला चिकित्सालय में दोनो मां बेटी सकुशल है। इस घटना के संबंध में रात में मौके पर मौजूद डा. आसिफ का कहना है कि उन्होंने महिला को जिला चिकित्सालय ले जाने की सलाह दी थी। डा. का कहना है कि महिला का पति अपनी पत्नी को जबरन निजी चिकित्सालय मे ले गया था।
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कोई सुविधा भी नसीब नहीं हुई
बुढ़ाना। प्रसव पीड़ा से परेशान महिला ने खुले आसमान के नीचे सड़क पर नवजात बच्ची को जन्म दिया। जच्चा व बच्चा को आधी रात के समय सड़क पर कोई सुविधा भी नसीब नही हुई। घर की छत व चारपाई भी नवजात शिशु की तकदीर में नहीं लिखी थी। बच्ची को जन्म देने के लिए सरकारी चिकित्सालय में भी प्रसव पीड़ित महिला को आसरा नहीं मिल सका। अल्लाह का करिश्मा देखिए खुले आसमान के नीचे दोनों को सहित सलामत रखा। महिला के पति यासीन का कहना है कि अल्लाह के रहमोकरम से उसकी पत्नी व बेटी सही सलामत है।
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