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दलितों की जेल से रिहाई कराने को ज्ञापन भेजा
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:45 AM IST
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निर्दोषों की जेल से रिहाई की मांग
खतौली। दलित जन विकास मंच ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुए बवाल में निर्दोष भेजे गए दलितों को जेल से रिहा कराने की मांग की है। मंच के कार्यकर्ताओं ने मांग पूरी नहीं होने पर मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है।
मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरभान कटारिया ने राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में अवगत कराया कि दो अप्रैल को दलित संगठनों के आह्वान पर भारत बंद किया गया था, जिसमें गैर दलित संगठनों ने शामिल होकर उस भारत बंद का स्वरूप ही बदल दिया। प्रशासन ने दलित समाज के युवाओं और गणमान्य लोगों पर एकतरफा कार्रवाई करके जेल में डाल दिया गया है। मंच ने चार सूत्री मांगों में उपद्रव में मेेें निर्दोषों की बिना शर्त रिहाई की मांग की। गांव गादला के मृतक अमरेश के परिवार को 50 लाख रुपये की सरकारी सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में महेश चंद, राजेंद्र, पदम, राजपाल सिंह, योगेंद्र कुमार, पंकज, प्रदीप, सुभाष चंद, सोनू, राजेंद्र आदि शामिल रहे।
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खतौली। दलित जन विकास मंच ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुए बवाल में निर्दोष भेजे गए दलितों को जेल से रिहा कराने की मांग की है। मंच के कार्यकर्ताओं ने मांग पूरी नहीं होने पर मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है।
मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरभान कटारिया ने राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में अवगत कराया कि दो अप्रैल को दलित संगठनों के आह्वान पर भारत बंद किया गया था, जिसमें गैर दलित संगठनों ने शामिल होकर उस भारत बंद का स्वरूप ही बदल दिया। प्रशासन ने दलित समाज के युवाओं और गणमान्य लोगों पर एकतरफा कार्रवाई करके जेल में डाल दिया गया है। मंच ने चार सूत्री मांगों में उपद्रव में मेेें निर्दोषों की बिना शर्त रिहाई की मांग की। गांव गादला के मृतक अमरेश के परिवार को 50 लाख रुपये की सरकारी सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में महेश चंद, राजेंद्र, पदम, राजपाल सिंह, योगेंद्र कुमार, पंकज, प्रदीप, सुभाष चंद, सोनू, राजेंद्र आदि शामिल रहे।
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