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ऑनलाइन दिखेगा आबोहवा में प्रदूषण
Updated Thu, 15 Mar 2018 11:56 PM IST
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ऑनलाइन पता चलेगा आबोहवा में प्रदूषण
मुजफ्फरनगर। शहर की आबोहवा में घूम रहा प्रदूषण आमजन भी देख सकेंगे। इसके लिए एसडी कॉलेज में ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए मशीन लगेगी। इसके लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले से डाटा सीधे केंद्रीय स्तर पर पहुंचेगा। वहां से वायु प्रदूषण के साथ तमाम जरूरत पर दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तहसील सदर में पहले ही वायु प्रदूषण मापने के लिए मशीन लगा चुका है। हालांकि यह मशीन मैनुअल है, जिसमें रोजाना डाटा जांचने के लिए कर्मचारी को भेजना पड़ता है। मेन पॉवर की कमी के कारण कई मर्तबा जांच नहीं हो पाती है। सबसे बड़ी दिक्कत सर्दी के मौसम में होती है। दिल्ली समेत एनसीआर में स्मॉग और प्रदूषण बढ़ता है। हालांकि एनजीटी भी कई बार निर्देश देकर वायु प्रदूषण के बारे में जांच-पड़ताल करा चुका है, जबकि आम जनता वायु प्रदूषण को नहीं जान पाती है। अब ऐसा नहीं रहेगा, शहर की आबोहवा में तैरने वाले प्रदूषण को पलभर में देखा जा सकेगा। एसडी कालेज में ऑनलाइन एयर क्वालिटी की जांच के लिए प्रदूषण मापक मशीन लगेगी। एम्बाइंट एयर क्वालिटी मानीटरिंग (परवेशी वायु गुणवत्ता जांच) लगेगी। इसके माध्यम से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हवा में घूम रहे 10 पीएम और 2.5 पीएम की मात्रा को ऑनलाइन देखेगा। इसके अलावा शहरवासी और विभाग भी नजर रखेगा। बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक डॉ डीसी पांडे ने बताया कि वायु प्रदूषण की ऑनलाइन जांच के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की मशीन लगेगी। इसके लिए एसडी कालेज प्रबंधतंत्र ने सहयोग दिया है। जगह की जांच कर ली गई है, जल्द ही मशीन को चालू किया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। शहर की आबोहवा में घूम रहा प्रदूषण आमजन भी देख सकेंगे। इसके लिए एसडी कॉलेज में ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए मशीन लगेगी। इसके लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले से डाटा सीधे केंद्रीय स्तर पर पहुंचेगा। वहां से वायु प्रदूषण के साथ तमाम जरूरत पर दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तहसील सदर में पहले ही वायु प्रदूषण मापने के लिए मशीन लगा चुका है। हालांकि यह मशीन मैनुअल है, जिसमें रोजाना डाटा जांचने के लिए कर्मचारी को भेजना पड़ता है। मेन पॉवर की कमी के कारण कई मर्तबा जांच नहीं हो पाती है। सबसे बड़ी दिक्कत सर्दी के मौसम में होती है। दिल्ली समेत एनसीआर में स्मॉग और प्रदूषण बढ़ता है। हालांकि एनजीटी भी कई बार निर्देश देकर वायु प्रदूषण के बारे में जांच-पड़ताल करा चुका है, जबकि आम जनता वायु प्रदूषण को नहीं जान पाती है। अब ऐसा नहीं रहेगा, शहर की आबोहवा में तैरने वाले प्रदूषण को पलभर में देखा जा सकेगा। एसडी कालेज में ऑनलाइन एयर क्वालिटी की जांच के लिए प्रदूषण मापक मशीन लगेगी। एम्बाइंट एयर क्वालिटी मानीटरिंग (परवेशी वायु गुणवत्ता जांच) लगेगी। इसके माध्यम से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हवा में घूम रहे 10 पीएम और 2.5 पीएम की मात्रा को ऑनलाइन देखेगा। इसके अलावा शहरवासी और विभाग भी नजर रखेगा। बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक डॉ डीसी पांडे ने बताया कि वायु प्रदूषण की ऑनलाइन जांच के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की मशीन लगेगी। इसके लिए एसडी कालेज प्रबंधतंत्र ने सहयोग दिया है। जगह की जांच कर ली गई है, जल्द ही मशीन को चालू किया जाएगा।
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