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पानी का अंधाधुंध दोहन रोके: बालियान
Updated Wed, 02 Aug 2017 12:59 AM IST
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पानी का अंधाधुंध दोहन रोकें : बालियान
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि पानी का अंधाधुंध दोहन रोकना होगा। जिले को डार्क जोन से बचाने के लिए लघु सिंचाई योजना के जरिए खेतों को पानी देना होगा। हमारी योजना इस प्रकार की होनी चाहिए कि पानी भी बचे और पैदावार भी बढ़े। जिले में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां नहर का पानी नहीं है। केवल ट्यूबवेल आदि से खेतों की सिंचाई की जाती है, ऐसे में नई तकनीक अधिक लाभकारी है।
विकास भवन के सभागार में माइक्रो इरिगेशन प्रोत्साहन बैठक में बालियान ने कहा कि पानी मानव जीवन के लिए अमूल्य निधि है, लेकिन विश्व में पानी के संसाधन बड़ी तेजी से समाप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें जल को बचाना है, यह तभी संभव है, जब हम खुद इसमें पहल करें। पानी को बचाने में नई-नई तकनीकों का सहारा लेना होगा अन्यथा बहुत देर हो जाएगी। उन्होंने उपस्थित किसानों से कहा कि यह पहल किसानों को सबसे पहले करनी होगी। फसलों को हम आवश्यकता से अधिक पानी दे रहे हैं। हमें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत माइक्रो इरिगेशन योजना के तहत खेतों की सिंचाई करने की तकनीक अपनानी होगी। इसका मकसद कम पानी में अधिक उत्पादन करना है। योजना के लाभ के लिए किसान डीसीओ और डीएचओ से मिल सकते हैं। 90 प्रतिशत अनुदान सरकार दे रही है।
उन्होंने ड्रिप सिस्टम लगाने वाली कंपनियों के अधिकारियों को भी निर्देश किए। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस विधि से 50 प्रतिशत पानी, 30 प्रतिशत खाद और 20 प्रतिशत बिजली की खपत कम होगी, जो कि किसानों के लिए लाभदायक है। उन्होंने कहा कि इस विधि को अपनाने से उपज में भी वृद्धि हुई हैं। बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक, सीडीओ अंकित कुमार अग्रवाल, गौरव टिकैत, भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, डीसीओ ओमप्रकाश यादव, डीएचओ एसी पाठक, उपनिदेशक कृषि नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि पानी का अंधाधुंध दोहन रोकना होगा। जिले को डार्क जोन से बचाने के लिए लघु सिंचाई योजना के जरिए खेतों को पानी देना होगा। हमारी योजना इस प्रकार की होनी चाहिए कि पानी भी बचे और पैदावार भी बढ़े। जिले में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां नहर का पानी नहीं है। केवल ट्यूबवेल आदि से खेतों की सिंचाई की जाती है, ऐसे में नई तकनीक अधिक लाभकारी है।
विकास भवन के सभागार में माइक्रो इरिगेशन प्रोत्साहन बैठक में बालियान ने कहा कि पानी मानव जीवन के लिए अमूल्य निधि है, लेकिन विश्व में पानी के संसाधन बड़ी तेजी से समाप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें जल को बचाना है, यह तभी संभव है, जब हम खुद इसमें पहल करें। पानी को बचाने में नई-नई तकनीकों का सहारा लेना होगा अन्यथा बहुत देर हो जाएगी। उन्होंने उपस्थित किसानों से कहा कि यह पहल किसानों को सबसे पहले करनी होगी। फसलों को हम आवश्यकता से अधिक पानी दे रहे हैं। हमें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत माइक्रो इरिगेशन योजना के तहत खेतों की सिंचाई करने की तकनीक अपनानी होगी। इसका मकसद कम पानी में अधिक उत्पादन करना है। योजना के लाभ के लिए किसान डीसीओ और डीएचओ से मिल सकते हैं। 90 प्रतिशत अनुदान सरकार दे रही है।
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उन्होंने ड्रिप सिस्टम लगाने वाली कंपनियों के अधिकारियों को भी निर्देश किए। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस विधि से 50 प्रतिशत पानी, 30 प्रतिशत खाद और 20 प्रतिशत बिजली की खपत कम होगी, जो कि किसानों के लिए लाभदायक है। उन्होंने कहा कि इस विधि को अपनाने से उपज में भी वृद्धि हुई हैं। बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक, सीडीओ अंकित कुमार अग्रवाल, गौरव टिकैत, भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, डीसीओ ओमप्रकाश यादव, डीएचओ एसी पाठक, उपनिदेशक कृषि नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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