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आस्था के महाकुंभ में बिखरेगी डा. नवाज की शायरी की खुश्बू
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देवबंद (सहारनपुर)। दुनियाभर में अपनी शायरी से धूम मचाने वाले डा. नवाज देवबंदी आस्था के महाकुंभ में अपनी शायरी की खुश्बू बिखेरेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज के विशेष निमंत्रण पर देवबंदी 19 जनवरी को प्रयागराज में होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
डा. नवाज देवबंदी को प्रयागराज के महाकुंभ के अवसर पर आमंत्रित किया जाना ही सांप्रदायिक सौहार्द और मानवता प्रेम का एक अनूठा उदाहरण है। उनकी शायरी जहां प्यार, मोहब्बत और जीवन व समाज के विषयों पर आधारित होती है उसी के साथ साथ विशेष रुप से उनकी शायरी देश प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और मानवतावादी विचारधारा का भी प्रतीक है। आस्था के महाकुंभ में आमंत्रित किए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को डा. नवाज देवबंदी ने कहा कि कुंभ मेले के अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज द्वारा उन्हें आमंत्रित किया जाना मेरे और मेरी शायरी के लिए सौभाग्य भी है और गौरवपूर्ण भी। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास होगा कि वह संगम नगरी में मानवता, देशप्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द की ऐसी खुश्बू छोड़कर आएंगे जो बहुत देर तक महकती रहे। साथ ही उनका यह भी प्रयास होगा कि मेरा काव्य पाठ मोहब्बत, स्नेह और भारतीय परंपरा के इतिहास का सुनहरा अध्याय साबित हो। देवबंदी ने कहा कि इस देश की विशेषता यही है कि जहां राम नाम का जाप होता है, वहीं रहीम की वाणी भी सुनने को मिलती है। यही वो खास बात है जो इस देश को हिंदुस्तान बनाती है।
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डा. नवाज देवबंदी को प्रयागराज के महाकुंभ के अवसर पर आमंत्रित किया जाना ही सांप्रदायिक सौहार्द और मानवता प्रेम का एक अनूठा उदाहरण है। उनकी शायरी जहां प्यार, मोहब्बत और जीवन व समाज के विषयों पर आधारित होती है उसी के साथ साथ विशेष रुप से उनकी शायरी देश प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और मानवतावादी विचारधारा का भी प्रतीक है। आस्था के महाकुंभ में आमंत्रित किए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को डा. नवाज देवबंदी ने कहा कि कुंभ मेले के अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज द्वारा उन्हें आमंत्रित किया जाना मेरे और मेरी शायरी के लिए सौभाग्य भी है और गौरवपूर्ण भी। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास होगा कि वह संगम नगरी में मानवता, देशप्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द की ऐसी खुश्बू छोड़कर आएंगे जो बहुत देर तक महकती रहे। साथ ही उनका यह भी प्रयास होगा कि मेरा काव्य पाठ मोहब्बत, स्नेह और भारतीय परंपरा के इतिहास का सुनहरा अध्याय साबित हो। देवबंदी ने कहा कि इस देश की विशेषता यही है कि जहां राम नाम का जाप होता है, वहीं रहीम की वाणी भी सुनने को मिलती है। यही वो खास बात है जो इस देश को हिंदुस्तान बनाती है।
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