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तालाब का पानी हाईवे पर आया
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:40 AM IST
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तालाब का पानी हाईवे पर आया
मीरापुर। कच्चा पक्का शिव मंदिर तालाब का पानी क्षेत्र के लिये नासूर बन चुका है। पीड़ित किसानों द्वारा पुन: तालाब से निकले पानी को रोक दिए जाने से हाईवे पर जलभराव हुआ तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। एसडीएम जानसठ ने मौके पर पहुंच कर पीड़ित किसानों से वार्ता कर स्थायी समाधान का भरोसा दिया।
नगर पंचायत क्षेत्र का सबसे बड़ा तालाब अतिक्रमण व गंदगी के कारण अपने वास्तविक रूप को खो चुका है। इस कारण बरसात व घरेलू पानी तालाब से निकल कर हाईवे के ऊपर से होता हुआ डिगढेडा के जंगल में भर रहा है। इस समस्या से कई किसान पीड़ित हैं। फसलें चौपट हो रही हैं। गुस्साए किसानों ने तीन दिन पहले पानी का रास्ता बंद कर दिया था। रविवार को अधिकारियों के कहने से कुछ समय के लिये पानी खोल दिया गया था, जिससे रक्षाबंधन का विशेष ट्रैफिक व आवागमन हो सका था। रविवार की देर शाम किसानों ने फिर मिट्टी डालकर पानी की निकासी जंगल की ओर रोक दी थी। इस कारण हाईवे पर फिर पानी जमा हो गया। जानकारी मिलने पर एसडीएम जानसठ विजय कुमार, ईओ अनूप राय, थानाध्यक्ष मनोज चौधरी, पूर्व चेयरमैन जहीर कुरैशी, आदि मौके पर पहुंचे और परेशान किसानों से वार्ता की। वार्ता के बाद एसडीएम ने कहा कि कि जंगल की ओर जाने वाले रास्ते की नपती की जाएगी। नए तालाब के लिये 15 बीघा जमीन खरीदने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। पुराने तालाब से अतिक्रमण हटाया जाएगा तथा सफाई भी कराई जायेगी। उधर, तालाब के कुछ पानी की निकासी के लिये कैथोडा की ओर बिछाई गयी पाइप लाइन को खोला गया है। मामले को लेकर घंटो गहमा गहमी रही।
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मीरापुर। कच्चा पक्का शिव मंदिर तालाब का पानी क्षेत्र के लिये नासूर बन चुका है। पीड़ित किसानों द्वारा पुन: तालाब से निकले पानी को रोक दिए जाने से हाईवे पर जलभराव हुआ तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। एसडीएम जानसठ ने मौके पर पहुंच कर पीड़ित किसानों से वार्ता कर स्थायी समाधान का भरोसा दिया।
नगर पंचायत क्षेत्र का सबसे बड़ा तालाब अतिक्रमण व गंदगी के कारण अपने वास्तविक रूप को खो चुका है। इस कारण बरसात व घरेलू पानी तालाब से निकल कर हाईवे के ऊपर से होता हुआ डिगढेडा के जंगल में भर रहा है। इस समस्या से कई किसान पीड़ित हैं। फसलें चौपट हो रही हैं। गुस्साए किसानों ने तीन दिन पहले पानी का रास्ता बंद कर दिया था। रविवार को अधिकारियों के कहने से कुछ समय के लिये पानी खोल दिया गया था, जिससे रक्षाबंधन का विशेष ट्रैफिक व आवागमन हो सका था। रविवार की देर शाम किसानों ने फिर मिट्टी डालकर पानी की निकासी जंगल की ओर रोक दी थी। इस कारण हाईवे पर फिर पानी जमा हो गया। जानकारी मिलने पर एसडीएम जानसठ विजय कुमार, ईओ अनूप राय, थानाध्यक्ष मनोज चौधरी, पूर्व चेयरमैन जहीर कुरैशी, आदि मौके पर पहुंचे और परेशान किसानों से वार्ता की। वार्ता के बाद एसडीएम ने कहा कि कि जंगल की ओर जाने वाले रास्ते की नपती की जाएगी। नए तालाब के लिये 15 बीघा जमीन खरीदने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। पुराने तालाब से अतिक्रमण हटाया जाएगा तथा सफाई भी कराई जायेगी। उधर, तालाब के कुछ पानी की निकासी के लिये कैथोडा की ओर बिछाई गयी पाइप लाइन को खोला गया है। मामले को लेकर घंटो गहमा गहमी रही।
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