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अध्यादेश के विरोध में ब्राह्मण महासभा ने दिया ज्ञापन
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:33 AM IST
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मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट को संशोधित करने वाले अध्यादेश को पारित कराए जाने के विरोध में ब्राह्मण महासभा ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिलाध्यक्ष शिवओम शर्मा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को संबोधित ज्ञापन डीएम राजीव शर्मा को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट को लेकर तानाशाही वाला रवैया अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पलटने वाले इस काले अध्यादेश को पारित किया गया है। देश में पहले ही जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था को लेकर हिंदू समाज में जातिगत दूरियां बढ़ रहीं हैं। ऐसे में इस तरह के कानून लागू होने से समाज में जातिगत रंजिश बढ़ेगी। यदि इस कानून में संशोधन नहीं किया गया तो इसका फायदा उठाकर किसी भी सवर्ण या ओबीसी वर्ग के व्यक्ति को फर्जी केस में फंसाया जा सकता है, जिसमें बिना किसी जांच के गिरफ्तारी होना दुश्मनी निकालने के लिए दलित समाज का बड़ा हथियार साबित होगा। वहीं, इसके बाद दलितों से लोग वैमनस्य रखने लगेंगेे, जिससे समाज में भी तनाव उत्पन्न होगा। ब्राह्मण महासभा ने उक्त अध्यादेश का पूरे देश में विरोध करने की चेतावनी दी है।
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अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिलाध्यक्ष शिवओम शर्मा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को संबोधित ज्ञापन डीएम राजीव शर्मा को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट को लेकर तानाशाही वाला रवैया अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पलटने वाले इस काले अध्यादेश को पारित किया गया है। देश में पहले ही जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था को लेकर हिंदू समाज में जातिगत दूरियां बढ़ रहीं हैं। ऐसे में इस तरह के कानून लागू होने से समाज में जातिगत रंजिश बढ़ेगी। यदि इस कानून में संशोधन नहीं किया गया तो इसका फायदा उठाकर किसी भी सवर्ण या ओबीसी वर्ग के व्यक्ति को फर्जी केस में फंसाया जा सकता है, जिसमें बिना किसी जांच के गिरफ्तारी होना दुश्मनी निकालने के लिए दलित समाज का बड़ा हथियार साबित होगा। वहीं, इसके बाद दलितों से लोग वैमनस्य रखने लगेंगेे, जिससे समाज में भी तनाव उत्पन्न होगा। ब्राह्मण महासभा ने उक्त अध्यादेश का पूरे देश में विरोध करने की चेतावनी दी है।
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