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देश में लोक पर तंत्र हावी हो गया
Updated Mon, 21 May 2018 12:20 AM IST
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समतावादी व्यवस्था से ही राष्ट्र का कल्याण
मुजफ्फरनगर।
गांधीवादी विचारधारा पर आधारित समतावादी व्यवस्था से ही राष्ट्र का कल्याण होगा। सनातन धर्म कॉलेज के सभागार में जन कल्याण उपभोक्ता समिति की ओर से आयोजित सेमीनार में गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि आजादी के बाद के सत्तर सालों में लोक पर तंत्र हावी हो गया है। अब यह नहीं होगा कि उम्मीदवार पार्टियां खड़ा करें और हम बटन दबाएं। लोकतंत्र तभी आएगा जब उम्मीदवार भी आपका हो और बटन भी आप ही दबाएं। केरल से आए पूर्व सांसद एवं पूर्व मंत्री डॉ नील लोहित दास ने कहा कि गांधी के विचारों को मूर्तरूप देने के लिए जनता को अपने हाथों में ताकत लेनी पड़ेगी। बंधुआ मजदूर मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष स्वामी अग्निवेश ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और जयप्रकाश नारायण देश की राजनीति में सीधे उतरते तो देश की स्थिति दूसरी होती। सेमीनार के संयोजक मनेश गुप्ता ने कहा कि राजनीति को धर्म और जातिवाद में बांटकर लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की जा रही है। दलितों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की स्थिति आज भी अच्छी नहीं है। राजनीति और व्यवस्था में चौतरफा गिरावट आई है। देश को स्वच्छ, ईमानदार और समतावादी विचारों वाले राजनीतिज्ञों की आवश्यकता है। सेमीनार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी जयंती बहन, बिहार से आए कामायनी स्वामी, जैडके फैजान, धीरेंद्र प्रताप ने संबोधित किया। अध्यक्षता पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश ने की।
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मुजफ्फरनगर।
गांधीवादी विचारधारा पर आधारित समतावादी व्यवस्था से ही राष्ट्र का कल्याण होगा। सनातन धर्म कॉलेज के सभागार में जन कल्याण उपभोक्ता समिति की ओर से आयोजित सेमीनार में गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि आजादी के बाद के सत्तर सालों में लोक पर तंत्र हावी हो गया है। अब यह नहीं होगा कि उम्मीदवार पार्टियां खड़ा करें और हम बटन दबाएं। लोकतंत्र तभी आएगा जब उम्मीदवार भी आपका हो और बटन भी आप ही दबाएं। केरल से आए पूर्व सांसद एवं पूर्व मंत्री डॉ नील लोहित दास ने कहा कि गांधी के विचारों को मूर्तरूप देने के लिए जनता को अपने हाथों में ताकत लेनी पड़ेगी। बंधुआ मजदूर मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष स्वामी अग्निवेश ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और जयप्रकाश नारायण देश की राजनीति में सीधे उतरते तो देश की स्थिति दूसरी होती। सेमीनार के संयोजक मनेश गुप्ता ने कहा कि राजनीति को धर्म और जातिवाद में बांटकर लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की जा रही है। दलितों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की स्थिति आज भी अच्छी नहीं है। राजनीति और व्यवस्था में चौतरफा गिरावट आई है। देश को स्वच्छ, ईमानदार और समतावादी विचारों वाले राजनीतिज्ञों की आवश्यकता है। सेमीनार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी जयंती बहन, बिहार से आए कामायनी स्वामी, जैडके फैजान, धीरेंद्र प्रताप ने संबोधित किया। अध्यक्षता पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश ने की।