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शिया सौगवारों का खूनी मातम, ताजिये दफन
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:03 AM IST
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मुजफ्फरनगर। इमाम हुसैन के चेहल्लुम पर शिया सोगवारों ने खूनी मातम किया। ताजिये काली नदी पार सुपुर्दे खाक किए गए।
मजलिसे चेहल्लुम नदीवाला इमामबारगाह प्रेमपुरी पर अदा की गई। इससे पहले किदवईनगर में मजलिस हुई। मौलाना इरफान हैदर ने शाहदते इमाम हुसैन पर रोशनी डाली, जिसे सुनकर शिया सोगवारों की आंखें नम हो आईं। मजलिस के बाद जुलजुनाह अलम और ताबूत बरामद हुए। बीती रात इमाम बारगाह आरफी ने शब्बेदारी का एतमाम किया। अंजुमन प्रस्तारे हक, अंजुमन वारिसे हैदर बिहारी सादात, सोगवारे हुसैनी सिकंदरपुर, पैगामे करबला, अंजुमन शाने अजा जानसठ आदि ने नौख्वानी और सीनाजनी की। इंतजार हुसैन जैदी ने कहा कि चेहल्लुम इंसानियत की खातिर की गई कुर्बानियों को याद करने का दिन है। चेहल्लुम हजरते इमाम हुसैन का चेहल्लुम, सीने पर पड़ती जंजीरों, हाथ से होता मातम, दिल से एक ही आवाज या हुसैन या हुसैन और हुसैनियत को सलाम। मत पूछिये इमाम हुसैन ने करबला में क्या खोया पूछिये तो सिर्फ हुसैन ने दास्ताने करबला के बाद क्या पाया। बेशुमार मौहब्बत, अकीदत इस्लाम की सलामती हासिल की। ताजिये पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच नदी पार सुपुर्दे खाक किए गए। शबी हैदर, लारेब, सोनू, अरशद, मौहम्मद जमा, शाह आजम, जामिन अब्बास, शबी अब्बास आदि का सहयोग रहा।
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मजलिसे चेहल्लुम नदीवाला इमामबारगाह प्रेमपुरी पर अदा की गई। इससे पहले किदवईनगर में मजलिस हुई। मौलाना इरफान हैदर ने शाहदते इमाम हुसैन पर रोशनी डाली, जिसे सुनकर शिया सोगवारों की आंखें नम हो आईं। मजलिस के बाद जुलजुनाह अलम और ताबूत बरामद हुए। बीती रात इमाम बारगाह आरफी ने शब्बेदारी का एतमाम किया। अंजुमन प्रस्तारे हक, अंजुमन वारिसे हैदर बिहारी सादात, सोगवारे हुसैनी सिकंदरपुर, पैगामे करबला, अंजुमन शाने अजा जानसठ आदि ने नौख्वानी और सीनाजनी की। इंतजार हुसैन जैदी ने कहा कि चेहल्लुम इंसानियत की खातिर की गई कुर्बानियों को याद करने का दिन है। चेहल्लुम हजरते इमाम हुसैन का चेहल्लुम, सीने पर पड़ती जंजीरों, हाथ से होता मातम, दिल से एक ही आवाज या हुसैन या हुसैन और हुसैनियत को सलाम। मत पूछिये इमाम हुसैन ने करबला में क्या खोया पूछिये तो सिर्फ हुसैन ने दास्ताने करबला के बाद क्या पाया। बेशुमार मौहब्बत, अकीदत इस्लाम की सलामती हासिल की। ताजिये पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच नदी पार सुपुर्दे खाक किए गए। शबी हैदर, लारेब, सोनू, अरशद, मौहम्मद जमा, शाह आजम, जामिन अब्बास, शबी अब्बास आदि का सहयोग रहा।