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बाढ़ के पानी की निकासी न होने से रोग फैलने की आंशका
Updated Thu, 24 Aug 2017 01:28 AM IST
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पानी की निकासी न होने से संक्रमण फैलने की आशंका
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। खादर क्षेत्र में बाढ़ का पानी नालों और गड्ढों में रुकने से संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। कई लोग कैंसर जैसी घातक बीमारी से पीड़ित हैं। बुखार आने पर भी ग्रामीणों में एक अजीब सा भय बना रहता है।
पुरकाजी खादर क्षेत्र में सोलानी नदी में अधिक पानी आने से बाढ़ आ जाती है। मगर पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। गांवों में कई माह तक गड्ढों और नालों में बाढ़ का पानी रुका रहता है, जो सड़ने लगता है। इसमें कीडे़ और मच्छर पैदा होते हैं। इस पानी से पीने का पानी भी खराब हो जाता है, तो संक्र्रमण फैलाता है। गांव शेरपुर में आठ माह से कैंसर ने पैर पसार लिए हैं। तीन माह में दो लोगों की मौत हो चुकी है। चार लोग कैंसर से पीड़ित हैं, जो चंडीगढ़, ऋषिकेश में उपचार करा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि जब से पानी रुकना शुरू हुआ है तब से गांव में ज्यादा लोग बीमार रहने लगे हैं। वचन सिंह गुर्जर, विक्की गुर्जर, चंद्रबोस, रीतू सिंह, सरदार गुरमीत सिंह, राजेश कुमार, नरेश गुर्जर का कहना है कि लक्सर मार्ग पर बना रपटा ऊंचा है। जिससे बाढ़ का पानी गांव के चारों तरफ जमा हो जाता है और उसे सूखने में कई महीने लगते हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. पूनम लता का कहना है कि गांव में कैंप लगा कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कराई जाएगी। भूगर्भ जल के सैंपल भी जांच के लिए भिजवाए जाएंगे।
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पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। खादर क्षेत्र में बाढ़ का पानी नालों और गड्ढों में रुकने से संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। कई लोग कैंसर जैसी घातक बीमारी से पीड़ित हैं। बुखार आने पर भी ग्रामीणों में एक अजीब सा भय बना रहता है।
पुरकाजी खादर क्षेत्र में सोलानी नदी में अधिक पानी आने से बाढ़ आ जाती है। मगर पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। गांवों में कई माह तक गड्ढों और नालों में बाढ़ का पानी रुका रहता है, जो सड़ने लगता है। इसमें कीडे़ और मच्छर पैदा होते हैं। इस पानी से पीने का पानी भी खराब हो जाता है, तो संक्र्रमण फैलाता है। गांव शेरपुर में आठ माह से कैंसर ने पैर पसार लिए हैं। तीन माह में दो लोगों की मौत हो चुकी है। चार लोग कैंसर से पीड़ित हैं, जो चंडीगढ़, ऋषिकेश में उपचार करा रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि जब से पानी रुकना शुरू हुआ है तब से गांव में ज्यादा लोग बीमार रहने लगे हैं। वचन सिंह गुर्जर, विक्की गुर्जर, चंद्रबोस, रीतू सिंह, सरदार गुरमीत सिंह, राजेश कुमार, नरेश गुर्जर का कहना है कि लक्सर मार्ग पर बना रपटा ऊंचा है। जिससे बाढ़ का पानी गांव के चारों तरफ जमा हो जाता है और उसे सूखने में कई महीने लगते हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. पूनम लता का कहना है कि गांव में कैंप लगा कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कराई जाएगी। भूगर्भ जल के सैंपल भी जांच के लिए भिजवाए जाएंगे।
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