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जीवन की कामयाबी केवल शिक्षा से ही संभव : फारूकी
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जीवन की कामयाबी केवल शिक्षा से ही संभव : फारूकी
देवबंद (सहारनपुर)। सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था साहित्य समागम के कार्यक्रम में इस्लामिया इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शमीम मुर्तजा फारूकी को बेस्ट शिक्षाविद सम्मान 2019 से सम्मानित किया गया।
रविवार को लाल मस्जिद पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शमीम मुर्तजा फारूकी ने कहा कि जीवन की कामयाबी केवल शिक्षा से ही संभव है। जीवन की प्रगति का रास्ता जितना आसान शिक्षा बनाती है दूसरा कोई नहीं है। किसी भी इंसान को अगर महान बनना है तो उसे जीवन में शिक्षा के महत्व को समझना होगा। साहित्यकार डा. शमीम देवबंदी ने कहा कि शमीम फारूकी ने अपने कार्यकाल में समाज, साहित्य और शिक्षा की प्रगति और उसका विस्तार एक मिशन के तौर पर निभाया है। जो कार्य उन्होंने किया, वह बेजोड़ है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नये आयाम पैदा किए हैं। डा. एसए अजीज और डा. मनीष गुप्ता ने कहा कि शमीम फारूकी ने गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए नई ज्योति जलाई है। डा. सादिक देवबंदी और चांद देवबंदी ने कहा कि शमीम फारूकी ने तालीम के साथ-साथ बड़ों का अदब और छोटों का प्यार करना भी सिखाया है। इस मौके पर मुमताज अहमद, शमीम किरतपुरी, नसीम अंसारी, डा. उसामा, शारिक, अब्दुल समी, सलीम अंसारी, हसीन अहमद, फैसल नूर शब्बू, नवेद अंसारी, सुहेल कुरैशी, मो. साजिद, यासिर, रमीज अंसारी, दिलशाद अंसारी, मुनीब अंसारी, डा. नौशाद आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था साहित्य समागम के कार्यक्रम में इस्लामिया इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शमीम मुर्तजा फारूकी को बेस्ट शिक्षाविद सम्मान 2019 से सम्मानित किया गया।
रविवार को लाल मस्जिद पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शमीम मुर्तजा फारूकी ने कहा कि जीवन की कामयाबी केवल शिक्षा से ही संभव है। जीवन की प्रगति का रास्ता जितना आसान शिक्षा बनाती है दूसरा कोई नहीं है। किसी भी इंसान को अगर महान बनना है तो उसे जीवन में शिक्षा के महत्व को समझना होगा। साहित्यकार डा. शमीम देवबंदी ने कहा कि शमीम फारूकी ने अपने कार्यकाल में समाज, साहित्य और शिक्षा की प्रगति और उसका विस्तार एक मिशन के तौर पर निभाया है। जो कार्य उन्होंने किया, वह बेजोड़ है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नये आयाम पैदा किए हैं। डा. एसए अजीज और डा. मनीष गुप्ता ने कहा कि शमीम फारूकी ने गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए नई ज्योति जलाई है। डा. सादिक देवबंदी और चांद देवबंदी ने कहा कि शमीम फारूकी ने तालीम के साथ-साथ बड़ों का अदब और छोटों का प्यार करना भी सिखाया है। इस मौके पर मुमताज अहमद, शमीम किरतपुरी, नसीम अंसारी, डा. उसामा, शारिक, अब्दुल समी, सलीम अंसारी, हसीन अहमद, फैसल नूर शब्बू, नवेद अंसारी, सुहेल कुरैशी, मो. साजिद, यासिर, रमीज अंसारी, दिलशाद अंसारी, मुनीब अंसारी, डा. नौशाद आदि मौजूद रहे।
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