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देश सेवा से बढर्क कोई धर्म नहीं है-भजनानंद महाराज
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देश सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है : भजनानंद महाराज
मोरना। चिल्लागाह माहेशरीफ बिहारगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी भजनानंद महाराज ने कहा कि देश सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। देश की संस्कृति हमें एकजुट होकर भाईचारे के साथ रहकर मानवता की सेवा करना सिखाती है। आपसी भेदभाव को त्याग कर हम प्यार से देश के विकास में सहयोग करें, तो शीघ्र ही हम विश्व के सिरमौर होंगे। इसके बाद, भंडारे का प्रसाद साधु संतों व फकीरों के बीच वितरित कर नकद दान दक्षिणा भी दी गई।
चिल्लागाह माहेशरीफ बिहारगढ़ स्थित पीर खुशहाल के दादा पीर मोहम्मद ख्वाजा हसन सुत्तानूल ओलिया का दो दिवसीय 61वां उर्स बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी महानंद महाराज, स्वामी प्रदीप दास महाराज, स्वामी मृत्युंजय गिरि महाराज, स्वामी नरेंद्रादास महाराज आदि ने आपसी भेदभाव को मिटाकर एक साथ मिलजुलकर रहने का आह्वान किया। सज्जदानंशीन हजरत ख्वाजा जव्वाद अहमद खुशहाली को दूरदराज से आए अनुयायियों ने माला पहनाकर सम्मानित किया। संचालन तंजीम इलाही व सूफी दिलनवाज ने संयुक्त रूप से किया। अध्यक्षता पूर्व गृहमंत्री सईदुज्जमां ने की। इस मौके पर सुजात, कमालुदीन मोहम्मद, शाजिद, फखरुदीन, मोहम्मद साजिद मेरठ, मंसूर सैठ मेसूर, उस्मान हाजी, वाकर अजमेर शरीफ, मोहम्मद बिल्लाल दिल्ली, अनवर दमन, सूफी आफताब, सलीम, बिजेंद्र आर्य, जसविंद्र चौधरी, बाबूराम, चंद्रमोहन शर्मा आदि मौजूद रहे।
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मोरना। चिल्लागाह माहेशरीफ बिहारगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी भजनानंद महाराज ने कहा कि देश सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। देश की संस्कृति हमें एकजुट होकर भाईचारे के साथ रहकर मानवता की सेवा करना सिखाती है। आपसी भेदभाव को त्याग कर हम प्यार से देश के विकास में सहयोग करें, तो शीघ्र ही हम विश्व के सिरमौर होंगे। इसके बाद, भंडारे का प्रसाद साधु संतों व फकीरों के बीच वितरित कर नकद दान दक्षिणा भी दी गई।
चिल्लागाह माहेशरीफ बिहारगढ़ स्थित पीर खुशहाल के दादा पीर मोहम्मद ख्वाजा हसन सुत्तानूल ओलिया का दो दिवसीय 61वां उर्स बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी महानंद महाराज, स्वामी प्रदीप दास महाराज, स्वामी मृत्युंजय गिरि महाराज, स्वामी नरेंद्रादास महाराज आदि ने आपसी भेदभाव को मिटाकर एक साथ मिलजुलकर रहने का आह्वान किया। सज्जदानंशीन हजरत ख्वाजा जव्वाद अहमद खुशहाली को दूरदराज से आए अनुयायियों ने माला पहनाकर सम्मानित किया। संचालन तंजीम इलाही व सूफी दिलनवाज ने संयुक्त रूप से किया। अध्यक्षता पूर्व गृहमंत्री सईदुज्जमां ने की। इस मौके पर सुजात, कमालुदीन मोहम्मद, शाजिद, फखरुदीन, मोहम्मद साजिद मेरठ, मंसूर सैठ मेसूर, उस्मान हाजी, वाकर अजमेर शरीफ, मोहम्मद बिल्लाल दिल्ली, अनवर दमन, सूफी आफताब, सलीम, बिजेंद्र आर्य, जसविंद्र चौधरी, बाबूराम, चंद्रमोहन शर्मा आदि मौजूद रहे।
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