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महिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण
Updated Thu, 06 Sep 2018 01:06 AM IST
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महिला चिकित्सालय का किया निरीक्षण
मुजफ्फरनगर। राज्य महिला आयोग की सदस्या प्रियमवदा तोमर ने जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने केवल एक ही बच्चा मिलने पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाली महिलाओं का सही प्रकार ट्रीटमेंट होना चाहिए। लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
राज्य महिला आयोग की सदस्या ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बात की। डिलीवरी के लिए आई महिलाओं से पूछा कि उनसे डाक्टर किस प्रकार का व्यवहार कर रहे हैं। मरीजों के परिजनों से पैसा तो नहीं लिया जा रहा है। सीएमएस को निर्देश दिए कि जिन गर्भवती महिलाओं का उपचार चल रहा है। बच्चे को जन्म देने के बाद उनकी तुरंत छुट्टी न की जाए। उनकी सही से जांच की जाए। यदि महिला और बच्चे को उपचार की आवश्यकता है तो किया जाए। सीएमएस अमिता गर्ग से कहा कि अस्पताल में पैसा लेने और अच्छा व्यवहार न करने और उपचार में लापरवाही दिखाने की शिकायत नहीं आनी चाहिए। केंद्र और प्रदेश सरकार अस्पतालों पर विशेष ध्यान दे रही है। जच्चा और बच्चा को सुरक्षा प्रदान करना चिकित्सकों का दायित्व है। इससे पूर्व, महिला आयोग की सदस्या ने सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर महिलाओं की समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर जेल अधीक्षक एके सक्सेना, एसपी क्राइम आर बी चौरसिया, एंटी रोमिया प्रभारी ममता गौतम आदि मौजूद रहे।
सुषमा सिंह सात को नगर में
मुजफ्फरनगर। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह सात सितंबर को प्रात: 10 बजे जनपद में पहुंचेगी। स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से संचालित बालिका गृहों, आश्रय गृहों, वृद्धावस्था आश्रम, महिला बन्दी गृहों, स्वाधार गृहों, अनाथाश्रयों आदि का निरीक्षण करेगी।
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मुजफ्फरनगर। राज्य महिला आयोग की सदस्या प्रियमवदा तोमर ने जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने केवल एक ही बच्चा मिलने पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाली महिलाओं का सही प्रकार ट्रीटमेंट होना चाहिए। लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
राज्य महिला आयोग की सदस्या ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बात की। डिलीवरी के लिए आई महिलाओं से पूछा कि उनसे डाक्टर किस प्रकार का व्यवहार कर रहे हैं। मरीजों के परिजनों से पैसा तो नहीं लिया जा रहा है। सीएमएस को निर्देश दिए कि जिन गर्भवती महिलाओं का उपचार चल रहा है। बच्चे को जन्म देने के बाद उनकी तुरंत छुट्टी न की जाए। उनकी सही से जांच की जाए। यदि महिला और बच्चे को उपचार की आवश्यकता है तो किया जाए। सीएमएस अमिता गर्ग से कहा कि अस्पताल में पैसा लेने और अच्छा व्यवहार न करने और उपचार में लापरवाही दिखाने की शिकायत नहीं आनी चाहिए। केंद्र और प्रदेश सरकार अस्पतालों पर विशेष ध्यान दे रही है। जच्चा और बच्चा को सुरक्षा प्रदान करना चिकित्सकों का दायित्व है। इससे पूर्व, महिला आयोग की सदस्या ने सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर महिलाओं की समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर जेल अधीक्षक एके सक्सेना, एसपी क्राइम आर बी चौरसिया, एंटी रोमिया प्रभारी ममता गौतम आदि मौजूद रहे।
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सुषमा सिंह सात को नगर में
मुजफ्फरनगर। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह सात सितंबर को प्रात: 10 बजे जनपद में पहुंचेगी। स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से संचालित बालिका गृहों, आश्रय गृहों, वृद्धावस्था आश्रम, महिला बन्दी गृहों, स्वाधार गृहों, अनाथाश्रयों आदि का निरीक्षण करेगी।
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