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अध्यात्मिकता ही जीवन की श्रेष्ठता-नयन सागर
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:52 AM IST
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आध्यात्मिकता ही जीवन की श्रेष्ठता : नयन सागर
खतौली। जैन साधु भवन में आयोजित धर्म चर्चा व शंका समाधान कार्यक्रम में नयन सागर महाराज ने कहा कि जीवन में अनुकूलता एवं प्रतिकूलता के प्रसंग आते रहते हैं, परंतु जिनकी दृष्टि में आध्यात्मिकता प्रधान हैं, वही श्रेष्ठ जीवन का धारक हो सकता है। आत्मा ही मनुष्य को परमात्मा बनाती है।
नयन सागर महाराज ने कहा कि जीवन में वीतरागता की भावना लानी चाहिए। महिलाएं पारिवारिक जीवन में अच्छे संस्कारों का प्रयोग करें। जिस परिवार में पवित्रता व अनुशासन नहीं है, वह उन्नति मार्ग पर नहीं चल सकता है। हमें सामाजिक संगठन के सुदृढ़ता प्रदान हेतु प्रेमभाव से एकजुट होना है। समाज में समन्वय सद्भावना एवं संगठन ही सर्वोपरि है। सदैव सत्य के मार्ग पर तत्पर रहना, सहिष्णुता का परिचय देना एवं सभी के प्रति वात्सल्य भाव रखना ही सच्ची मानवता व धर्म है। नयन सागर महाराज कल प्रात: 5 बजे साधु भवन से मंसूरपुर के लिए मंगल विहार करेंगे। 15 जून की प्रात: वहलना तीर्थ पर मंगल प्रवेश होगा। 16 से 18 जून तक श्रुत पंचमी महा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 18 जून को जिनवाणी मां की यात्रा का भव्य रूप में आयोजन होगा। इस अवसर पर अनुपम, अन्नू, शीलचंद, संजय मुखिया, अशोक सराफ, एलएम जैन, सुरेंद्र, श्रीपाल, अकलंक, विपिन तिगाई, रामकुमार आदि उपस्थित रहे।
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खतौली। जैन साधु भवन में आयोजित धर्म चर्चा व शंका समाधान कार्यक्रम में नयन सागर महाराज ने कहा कि जीवन में अनुकूलता एवं प्रतिकूलता के प्रसंग आते रहते हैं, परंतु जिनकी दृष्टि में आध्यात्मिकता प्रधान हैं, वही श्रेष्ठ जीवन का धारक हो सकता है। आत्मा ही मनुष्य को परमात्मा बनाती है।
नयन सागर महाराज ने कहा कि जीवन में वीतरागता की भावना लानी चाहिए। महिलाएं पारिवारिक जीवन में अच्छे संस्कारों का प्रयोग करें। जिस परिवार में पवित्रता व अनुशासन नहीं है, वह उन्नति मार्ग पर नहीं चल सकता है। हमें सामाजिक संगठन के सुदृढ़ता प्रदान हेतु प्रेमभाव से एकजुट होना है। समाज में समन्वय सद्भावना एवं संगठन ही सर्वोपरि है। सदैव सत्य के मार्ग पर तत्पर रहना, सहिष्णुता का परिचय देना एवं सभी के प्रति वात्सल्य भाव रखना ही सच्ची मानवता व धर्म है। नयन सागर महाराज कल प्रात: 5 बजे साधु भवन से मंसूरपुर के लिए मंगल विहार करेंगे। 15 जून की प्रात: वहलना तीर्थ पर मंगल प्रवेश होगा। 16 से 18 जून तक श्रुत पंचमी महा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 18 जून को जिनवाणी मां की यात्रा का भव्य रूप में आयोजन होगा। इस अवसर पर अनुपम, अन्नू, शीलचंद, संजय मुखिया, अशोक सराफ, एलएम जैन, सुरेंद्र, श्रीपाल, अकलंक, विपिन तिगाई, रामकुमार आदि उपस्थित रहे।
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