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एमसीटीएस कंप्यूटर आपरेटर डीएचएस से महरूम
Updated Sun, 13 May 2018 12:36 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग के साथ सौतेला व्यवहार
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत रखे गए मुजफ्फरनगर के एमसीटीएस और एचआईएमएस कंप्यूटर आपरेटर ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे हैं, जबकि पड़ोसी जिलों में कंप्यूटर आपरेटरों को जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से समायोजित कर लिया गया है।
मदर चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम को अपडेट करने व डाटा एंट्री करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश भर में डाटा एंट्री आपरेटर रखे गए थे। शुरूआत में सभी कंप्यूटर आपरेटरों को आउट सोर्सिंग कंपनी द्वारा रखा गया था, परन्तु दो साल पूर्व मुजफ्फरनगर को छोड़कर बाकी पड़ोसी जनपदों शामली, सहारनपुर, मेरठ आदि आदि में सभी कंप्यूटर आपरेटरों को ठेकेदारी प्रथा से निजात दिलाई जा चुकी है। सभी कंप्यूटर आपरेटरों को जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से समायोजित किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा समायोजित किये जाने कंप्यूटर आपरेटरों को ठेकेदारों के शोषण से निजात मिल चुकी है। मुजफ्फरनगर में नौ कंप्यूटर आपरेटर एमसीटीएस समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की डाटा एंट्री कर रहे हैं, जो कि ठेकेदारों के अधीन है। इन्हें समय से वेतन भी नहीं मिल पाता। उनके ईपीएफ की भी समस्या बनी रहती है। इसके अलावा उक्त आपरेटरों के साथ अन्य जनपदों में रखे गए कंप्यूटर आपरेटरों के जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित हो जाने के बाद 20 प्रतिशत लायल्टी बोनस दिया गया है, वहीं मुजफ्फरनगर के आपरेटर इससे भी वंचित हैं।
वर्जन
एमसीटीएस कंप्यूटर आपरेटरों को जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से समायोजित किए जाने के लिए डीएम के समक्ष प्रस्ताव रखा गया था, परंतु उन्होंने इस प्रस्ताव पर गौर नही किया है।
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डॉ पीएस मिश्रा
सीएमओ, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत रखे गए मुजफ्फरनगर के एमसीटीएस और एचआईएमएस कंप्यूटर आपरेटर ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे हैं, जबकि पड़ोसी जिलों में कंप्यूटर आपरेटरों को जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से समायोजित कर लिया गया है।
मदर चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम को अपडेट करने व डाटा एंट्री करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश भर में डाटा एंट्री आपरेटर रखे गए थे। शुरूआत में सभी कंप्यूटर आपरेटरों को आउट सोर्सिंग कंपनी द्वारा रखा गया था, परन्तु दो साल पूर्व मुजफ्फरनगर को छोड़कर बाकी पड़ोसी जनपदों शामली, सहारनपुर, मेरठ आदि आदि में सभी कंप्यूटर आपरेटरों को ठेकेदारी प्रथा से निजात दिलाई जा चुकी है। सभी कंप्यूटर आपरेटरों को जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से समायोजित किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा समायोजित किये जाने कंप्यूटर आपरेटरों को ठेकेदारों के शोषण से निजात मिल चुकी है। मुजफ्फरनगर में नौ कंप्यूटर आपरेटर एमसीटीएस समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की डाटा एंट्री कर रहे हैं, जो कि ठेकेदारों के अधीन है। इन्हें समय से वेतन भी नहीं मिल पाता। उनके ईपीएफ की भी समस्या बनी रहती है। इसके अलावा उक्त आपरेटरों के साथ अन्य जनपदों में रखे गए कंप्यूटर आपरेटरों के जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित हो जाने के बाद 20 प्रतिशत लायल्टी बोनस दिया गया है, वहीं मुजफ्फरनगर के आपरेटर इससे भी वंचित हैं।
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एमसीटीएस कंप्यूटर आपरेटरों को जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से समायोजित किए जाने के लिए डीएम के समक्ष प्रस्ताव रखा गया था, परंतु उन्होंने इस प्रस्ताव पर गौर नही किया है।
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डॉ पीएस मिश्रा
सीएमओ, मुजफ्फरनगर