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उत्पीड़न के खिलाफ उतरे किसान
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:49 PM IST
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उत्पीड़न के खिलाफ उतरे किसान
मुजफ्फरनगर। मिल मालिकों की मनमानी और उत्पीड़न के खिलाफ क्षेत्रीय किसानों ने हुंकार भरी है। कलक्ट्रेट में हंगामा-प्रदर्शन कर किसानों ने कहा कि मिले और गन्ना विभाग मिलकर किसानों का आर्थिक, मानसिक उत्पीड़न कर रहा है। गन्ना पर्चियां नहीं दी जा रही है। साथ ही भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा है।
पचेंडा निवासी राजऋषि आर्य के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में आए किसानों ने कहा कि चालू सीजन में किसानों को काफी नुकसान हो चुका है। मिल मालिक मनमानी से इंडेंट पर्ची जारी कर रहे हैं। खेतों में काफी गन्ना बाकी है। इसके लिए समितियों आदि से भी कई कहा गया है, मगर किसानों की समस्या कोई सुनने को तैयार नहीं है। किसान राजऋषि आर्य रुहल ने कहा कि मिलों के तानाशाह रवैये के कारण पिछले सीजन से लेकर अब तक उसे 12 लाख रुपये की क्षति पहुुंची है। लगातार अवगत कराने पर कोई हल नहीं हो सका है। वहीं, किसानों ने साफ कहा कि इंडेंट पर्चियां किसानों के घर पहुंचाई जाए। इलेक्ट्रानिक गन्ना तौल कांटे बंद किए जाए। जले गन्ने पर जो अनुचित कटौती की गई है, वापस की जाए। डीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई।
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मुजफ्फरनगर। मिल मालिकों की मनमानी और उत्पीड़न के खिलाफ क्षेत्रीय किसानों ने हुंकार भरी है। कलक्ट्रेट में हंगामा-प्रदर्शन कर किसानों ने कहा कि मिले और गन्ना विभाग मिलकर किसानों का आर्थिक, मानसिक उत्पीड़न कर रहा है। गन्ना पर्चियां नहीं दी जा रही है। साथ ही भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा है।
पचेंडा निवासी राजऋषि आर्य के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में आए किसानों ने कहा कि चालू सीजन में किसानों को काफी नुकसान हो चुका है। मिल मालिक मनमानी से इंडेंट पर्ची जारी कर रहे हैं। खेतों में काफी गन्ना बाकी है। इसके लिए समितियों आदि से भी कई कहा गया है, मगर किसानों की समस्या कोई सुनने को तैयार नहीं है। किसान राजऋषि आर्य रुहल ने कहा कि मिलों के तानाशाह रवैये के कारण पिछले सीजन से लेकर अब तक उसे 12 लाख रुपये की क्षति पहुुंची है। लगातार अवगत कराने पर कोई हल नहीं हो सका है। वहीं, किसानों ने साफ कहा कि इंडेंट पर्चियां किसानों के घर पहुंचाई जाए। इलेक्ट्रानिक गन्ना तौल कांटे बंद किए जाए। जले गन्ने पर जो अनुचित कटौती की गई है, वापस की जाए। डीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई।
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