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4151 वोट निरस्त, प्रत्याशियों के छूटे पसीने
Updated Sat, 02 Dec 2017 01:58 AM IST
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4151 वोट निरस्त, प्रत्याशियों के छूटे पसीने
मुजफ्फरनगर। पालिका चुनाव में हार-जीत के लिए कीमती बनी एक-एक वोट के लिए प्रत्याशियों में जंग छिड़ी रही। ऐसे में चार हजार से ज्यादा वोट निरस्त किया जाना उम्मीदवारों के अरमानों पर भारी पड़ गया। चुनाव में प्राप्त हुए डाक मतों में मतदाताओं के बीच कमल और पंजा पसंद रहा। भाजपा को 70 और कांग्रेस को 61 मत मिले।
चुनावी मतगणना में उस वक्त प्रत्याशियों की सांसें अटक गईं, जब बैलेट पर सही मुहर नहीं लगाने की वजह से मत निरस्त कर दिए गए। जब जीत के लिए एक-एक वोट कीमती बन गया हो, ऐसे में एक भी मत का निरस्त होना उम्मीदवारों पर भारी पड़ गया। निरस्त मतों की संख्या ने भी न केवल हार-जीत के अंतर को कम किया, बल्कि कई प्रत्याशियों को शिकस्त भी दिला दी। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में मतगणना के बाद 4151 मत निरस्त कर दिए गए हैं। चार हजार से ज्यादा मत निरस्त होने से अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों और वार्ड सभासद का चुनाव लड़े उम्मीदवारों को निराशा हुई। पहले चरण में 1016, दूसरे चरण में 1050, तीसरे चरण में 1067 तथा चौथे चरण में 1014 मत निरस्त किए गए हैं।
पालिका चुनाव में अपनी पसंद के प्रत्याशियों को डाक के जरिये भी वोट किया गया। डॉकमत पत्र खुले तो कहीं कमल और कहीं पंजे को समर्थन मिला। भाजपा को 70 और कांग्रेस 61 मत मिले हैं। सपा और बसपा को 15-15 डॉकमत पत्र मिले। रालोद को कोई डॉक मत नहीं मिला है। निकाय चुनाव में भी वोटरों ने नोटा का भी प्रयोग किया। पालिका प्रत्याशी को चुनने के लिए 445 मतदाताओं ने सभी पाटयों को नकार दिया।
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मुजफ्फरनगर। पालिका चुनाव में हार-जीत के लिए कीमती बनी एक-एक वोट के लिए प्रत्याशियों में जंग छिड़ी रही। ऐसे में चार हजार से ज्यादा वोट निरस्त किया जाना उम्मीदवारों के अरमानों पर भारी पड़ गया। चुनाव में प्राप्त हुए डाक मतों में मतदाताओं के बीच कमल और पंजा पसंद रहा। भाजपा को 70 और कांग्रेस को 61 मत मिले।
चुनावी मतगणना में उस वक्त प्रत्याशियों की सांसें अटक गईं, जब बैलेट पर सही मुहर नहीं लगाने की वजह से मत निरस्त कर दिए गए। जब जीत के लिए एक-एक वोट कीमती बन गया हो, ऐसे में एक भी मत का निरस्त होना उम्मीदवारों पर भारी पड़ गया। निरस्त मतों की संख्या ने भी न केवल हार-जीत के अंतर को कम किया, बल्कि कई प्रत्याशियों को शिकस्त भी दिला दी। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में मतगणना के बाद 4151 मत निरस्त कर दिए गए हैं। चार हजार से ज्यादा मत निरस्त होने से अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों और वार्ड सभासद का चुनाव लड़े उम्मीदवारों को निराशा हुई। पहले चरण में 1016, दूसरे चरण में 1050, तीसरे चरण में 1067 तथा चौथे चरण में 1014 मत निरस्त किए गए हैं।
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पालिका चुनाव में अपनी पसंद के प्रत्याशियों को डाक के जरिये भी वोट किया गया। डॉकमत पत्र खुले तो कहीं कमल और कहीं पंजे को समर्थन मिला। भाजपा को 70 और कांग्रेस 61 मत मिले हैं। सपा और बसपा को 15-15 डॉकमत पत्र मिले। रालोद को कोई डॉक मत नहीं मिला है। निकाय चुनाव में भी वोटरों ने नोटा का भी प्रयोग किया। पालिका प्रत्याशी को चुनने के लिए 445 मतदाताओं ने सभी पाटयों को नकार दिया।
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