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ऋण माफी योजना में डाटा फीडिंग पूरी
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:30 AM IST
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार की फसली ऋण माफी योजना में डाटा फीडिंग का काम पूरा हो गया है। उन सभी किसानों का डाटा फीड किया गया है, जिन्होंने 2016 में समितियों और बैंकों से ऋण लिया था। इनमें अब उन किसानों को योजना से अलग कर दिया जाएगा, जो 31 मार्च 2016 से पहले पैसा जमा कर नए तरीके से ऋण ले चुके हैं। इसके बाद वे किसान अलग हो जाएंगे, जिन्होंने दो बैंकों से ऋण ले रखा है। आधार से लिंक होते ही यह सब सामने आ जाएगा।
प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2016 से पहले फसली ऋण लेने वाले किसानों की सूची जिला प्रशासन को भेजी थी। इस सूची को संबंधित बैंकों में फीडिंग कराने का काम जिला प्रशासन ने कराया। बैंकों की दिन-रात मेहनत के चलते फीडिंग का काम बुधवार को पूरा कर लिया गया। जिले में एक लाख 26 हजार 401 की फीडिंग विभिन्न बैंकों के माध्यम से हुई है। अब इस सूची से वे किसान अलग हो जाएंगे जो 2016 में अपना फसली ऋण जमा कर चुके हैं। कृषि विभाग से जुड़े अफसरों के अनुसार 60 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जो पैसा जमा कर चुके हैं। ऐसे में 75 हजार किसान इसमें एक ही झटके में बाहर हो जाएंगे।
दस हजार से ज्यादा किसान ऐसे निकलने की संभावना है, जिन्होंने दो से ज्यादा बैंकों से कर्ज ले रखा है। आधार लिंक होते ही ये भी सामने आ जाएंगे और ऋण माफी योजना से बाहर हो जाएंगे। सीडीओ अंकित अग्रवाल ने बताया कि जिले में फसली ऋण माफी योजना में लगभग 40 हजार किसान शामिल हो सकते हैं। बाकी समस्त डाटा सामने आने के बाद सच्चाई सामने आएगी।
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प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2016 से पहले फसली ऋण लेने वाले किसानों की सूची जिला प्रशासन को भेजी थी। इस सूची को संबंधित बैंकों में फीडिंग कराने का काम जिला प्रशासन ने कराया। बैंकों की दिन-रात मेहनत के चलते फीडिंग का काम बुधवार को पूरा कर लिया गया। जिले में एक लाख 26 हजार 401 की फीडिंग विभिन्न बैंकों के माध्यम से हुई है। अब इस सूची से वे किसान अलग हो जाएंगे जो 2016 में अपना फसली ऋण जमा कर चुके हैं। कृषि विभाग से जुड़े अफसरों के अनुसार 60 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जो पैसा जमा कर चुके हैं। ऐसे में 75 हजार किसान इसमें एक ही झटके में बाहर हो जाएंगे।
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दस हजार से ज्यादा किसान ऐसे निकलने की संभावना है, जिन्होंने दो से ज्यादा बैंकों से कर्ज ले रखा है। आधार लिंक होते ही ये भी सामने आ जाएंगे और ऋण माफी योजना से बाहर हो जाएंगे। सीडीओ अंकित अग्रवाल ने बताया कि जिले में फसली ऋण माफी योजना में लगभग 40 हजार किसान शामिल हो सकते हैं। बाकी समस्त डाटा सामने आने के बाद सच्चाई सामने आएगी।
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