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तेंदुए ने हमला कर बछड़ा मार डाला, ग्रामीणों में दहशत
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:34 PM IST
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रतनपुर क्षेत्र में तेंदुए का आतंक
रतनपुरी/खतौली।
रतनपुरी क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थम नहीं रहा है। तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
रतनपुरी के गांव समौली निवासी मदन रविवार सुबह अपने खेत मे ईख बांध रहा था। कुछ देर बाद उसे खेत के दूसरे छोर पर बछड़े के जोर जोर से रंभाने की आवाजें सुनाई दी। इस पर वह भयभीत हो गया। मदन ने साहस करते हुए थोड़ा आगे जाकर देखा, तो उसने एक बछड़े को इधर उधर भागते हुए और रंभाते हुए देखा। बछड़े को देखकर उसने इसकी सूचना तुरंत गांव में दी। सूचना पर ग्रामीण खेतों पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बछड़े पर तेंदुए के हमले की सूचना रतनपुरी में यशपाल पुत्र रामजीलाल की नलकूप पर तैनात वन विभाग की टीम को दी। सूचना पर वन विभाग के डिप्टी रेंजर मोहन कुमार बहुखंडी, वन दरोगा मोहनलाल यादव, वनरक्षक नंदकिशोर, सुनील कुमार, अंशीलाल, प्रहलाद सिंह आदि तुरंत मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बताए गए स्थान पर जाकर देखा तो वहां गन्ने के खेत में एक बछड़ा तड़पता हुआ मिला। कुछ देर बाद बछड़े ने दम तोड़ दिया। बछड़े को किसी जंगली जानवर ने बुरी तरह नोंच कर मारा था। मृत बछड़े की जांच पड़ताल करने के बाद डिप्टी रेंजर ने मृत बछड़े की जांच के लिए बड़सू से पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाया। सूचना पर पशु चिकित्सक डा. विनोद कुमार ढ़ाका अपने साथ पशुधन प्रसार अधिकारी डा. हुकम सिंह को लेकर मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सक ने बताया कि बछड़े के गले पर कोई निशान नहीं है। पशु चिकित्सक ढ़ाका ने बछड़े पर तेंदुए जैसे किसी हमले की बात से इंकार किया। उन्होंने कहा कि अमूमन तेंदुआ किसी भी जानवर की गर्दन पर ही वार करता है। इसके बावजूद डिप्टी रेंजर ने ग्रामीणों को सचेत रहने के लिए कहते हुए बताया कि शाम तक पिंजरा समौली में लगा दिया जाएगा।
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रतनपुरी/खतौली।
रतनपुरी क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थम नहीं रहा है। तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
रतनपुरी के गांव समौली निवासी मदन रविवार सुबह अपने खेत मे ईख बांध रहा था। कुछ देर बाद उसे खेत के दूसरे छोर पर बछड़े के जोर जोर से रंभाने की आवाजें सुनाई दी। इस पर वह भयभीत हो गया। मदन ने साहस करते हुए थोड़ा आगे जाकर देखा, तो उसने एक बछड़े को इधर उधर भागते हुए और रंभाते हुए देखा। बछड़े को देखकर उसने इसकी सूचना तुरंत गांव में दी। सूचना पर ग्रामीण खेतों पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बछड़े पर तेंदुए के हमले की सूचना रतनपुरी में यशपाल पुत्र रामजीलाल की नलकूप पर तैनात वन विभाग की टीम को दी। सूचना पर वन विभाग के डिप्टी रेंजर मोहन कुमार बहुखंडी, वन दरोगा मोहनलाल यादव, वनरक्षक नंदकिशोर, सुनील कुमार, अंशीलाल, प्रहलाद सिंह आदि तुरंत मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बताए गए स्थान पर जाकर देखा तो वहां गन्ने के खेत में एक बछड़ा तड़पता हुआ मिला। कुछ देर बाद बछड़े ने दम तोड़ दिया। बछड़े को किसी जंगली जानवर ने बुरी तरह नोंच कर मारा था। मृत बछड़े की जांच पड़ताल करने के बाद डिप्टी रेंजर ने मृत बछड़े की जांच के लिए बड़सू से पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाया। सूचना पर पशु चिकित्सक डा. विनोद कुमार ढ़ाका अपने साथ पशुधन प्रसार अधिकारी डा. हुकम सिंह को लेकर मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सक ने बताया कि बछड़े के गले पर कोई निशान नहीं है। पशु चिकित्सक ढ़ाका ने बछड़े पर तेंदुए जैसे किसी हमले की बात से इंकार किया। उन्होंने कहा कि अमूमन तेंदुआ किसी भी जानवर की गर्दन पर ही वार करता है। इसके बावजूद डिप्टी रेंजर ने ग्रामीणों को सचेत रहने के लिए कहते हुए बताया कि शाम तक पिंजरा समौली में लगा दिया जाएगा।
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