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अपहरण के मामले में पिता-पुत्र को कारावास
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:41 AM IST
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मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने किसान का अपहरण कर उसकी जमीन का बैनामा कराकर गायब करने वाले पिता-पुत्र को छह-छह वर्ष का कारावास और एक-एक लाख का जुर्माना लगाया है। जुर्माना की आधी धनराशि मृतक के वारिस का दी जाएगी।
शहर कोतवाली पर गांव फलौदा निवासी प्रवेश पत्नि संजीव कुमार ने 30तील सितंबर 2005 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसके देवर नीरज उर्फ नीटू पुत्र महेंद्र को उसके ही गांव निवासी रिटायर्ड सूबेदार शांतनु ने अपने पुत्र राजू उर्फ राजकुमार के साथ मिल कर एक सितंबर 2005 को अपहरण कर उसकी जमीन का बैनामा अपने नाम करा कर नीरज को गायब कर दिया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शबिस्ता आकिल की फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या- 4 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनोद बालियान ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त शांतनु व उसके पुत्र राजकुमार को अपहरण करने का दोषी करार देते हुए छह-छह वर्ष का कारावास और एक-एक लाख रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई है।
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शहर कोतवाली पर गांव फलौदा निवासी प्रवेश पत्नि संजीव कुमार ने 30तील सितंबर 2005 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसके देवर नीरज उर्फ नीटू पुत्र महेंद्र को उसके ही गांव निवासी रिटायर्ड सूबेदार शांतनु ने अपने पुत्र राजू उर्फ राजकुमार के साथ मिल कर एक सितंबर 2005 को अपहरण कर उसकी जमीन का बैनामा अपने नाम करा कर नीरज को गायब कर दिया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शबिस्ता आकिल की फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या- 4 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनोद बालियान ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त शांतनु व उसके पुत्र राजकुमार को अपहरण करने का दोषी करार देते हुए छह-छह वर्ष का कारावास और एक-एक लाख रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई है।
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