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पेपर उद्योग में नई तकनीक अपनाने पर बल

Sat, 18 Aug 2018 12:29 AM IST
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:29 AM IST
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पेपर उद्योग में नई तकनीक अपनाने पर बल
मुजफ्फरनगर।
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पेपर उद्योग में नई तकनीक के अपनाने पर बल दिया गया है। कम से कम पानी, कम प्रदूषण और कम लागत में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुसार कागज के निर्माण के लिए उद्यमियों ने विशेषज्ञों के साथ नवीन तकनीक को समझा।
शुक्रवार को इंडियन पल्प एंड पेपर टेक्निकल एसोसिएशन के द्वारा जनपद में पहली बार जोनल सेमिनार एवं वर्कशॉप 2018 का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि रामा पेपर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इप्टा की ऑर्गेनाइजिंग एंड प्रोग्राम कमेटी चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर बिंदल डुप्लैक्स पंकज अग्रवाल ने अतिथियों एवं आगंतुक उद्यमियों का स्वागत किया। सीपीपीआरआई के डायरेक्टर डॉ. बिपिन थपलियाल ने पेपर उद्यमियों को केन्द्रीय मानकों के संबंध में जानकारी दी। जनपद की पेपर मिलें मानकों का उपयोग करने में काफी बेहतर हैं और यहां पर काफी कम प्रदूषण हो रहा है। स्थिति अन्य क्षेत्रों से बेहतर है। खटीमा फाइबर लिमिटेड नई दिल्ली के चेयरमैन डॉ आरसी रस्तौगी ने भी पेपर उद्योग में भविष्य में नये आयामों और चुनौतियों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।
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उद्यमी पंकज अग्रवाल ने बताया कि मुजफ्फरनगर वर्तमान में 15 लाख टन पेपर का निर्माण कर रहा है। वेस्ट पेपर और एग्रो गेहूं भूसा, गन्ना खोई से पेपर बनाया जाता है, इसके साथ लकड़ी से भी पेपर बनाया जाता है, लेकिन इसके लिए जंगल नहीं काटे जाते, किसानों के द्वारा यूकेलिप्टिस व पॉपलर की खेती की जाती है, इसी लकड़ी से पेपर तैयार किया जाता है। इप्टा के करीब 54 सालों में आज हम यहां मुजफ्फरनगर में सेमिनार करा रहे हैं। भारत के पेपर उद्योग को वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भारत में प्लास्टिक बैन निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यदि ये लागू होता है तो देश का पेपर उद्योग शाइन करेगा। प्लास्टिक और विश्व में प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत बन रहा है। मुजफ्फरनगर को उद्योग पटल पर शुगर, स्टील और पेपर उत्पादन के लिए जाना जाता है, यहां पर शुगर को लेकर ज्यादा प्रचार प्रसार रहता है, जबकि आंकड़ों को देखें तो इस जिले में शुगर से करीब डेढ़ गुना ज्यादा पेपर उत्पादन हो रहा है। इप्टा के उपाध्यक्ष एवं यश पेपर मिल फैजाबाद के ऑनर वेद कृष्णा ने विचार रखे। पेनल डिस्कशन सीजन में कंसल्टेंट चारू जोगलेकर, बिन्दल पेपर के बिजनेस हैड अतुल भारद्वाज, पैकेज डिजाइन रिसर्च एण्ड टेस्ट लेब के डायरेक्टर ललित मोहन गुप्ता और हैवल्स इंडिया ने अपने विचार रखे। इप्टा चेयरमैन पवन अग्रवाल ने सभी का आभार जताया।
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