{"_id":"5aa2d61c4f1c1bab758b48cb","slug":"41520621084-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वितविहीन शिक्षकों का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वितविहीन शिक्षकों का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर।
समान कार्य, समान वेतन की मांग करते हुए वित्त विहीन शिक्षकों ने शुक्रवार को जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की जिलाध्यक्ष स्नेहलता मिश्रा के नेतृत्व में शिक्षक और शिक्षिकाएं जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पर पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार से समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग की। जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी को ज्ञापन दिया। इसमें महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक आज भुखमरी के कगार पर हैं। सर्वोत्तम परीक्षा परिणाम देकर भी प्रदेश के 20 हजार माध्यमिक विद्यालयों के दो लाख वित्तविहीन शिक्षक नाम से और वेतन से शोषित हैं और मौलिक अधिकार से भी इनको वंचित रखा गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से समान कार्य के लिए समान वेतन की नीति लागू करते हुए वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मान पूर्वक जीवन जीने की प्रेरणा देने की मांग की। मौके पर स्नेहलता मिश्रा, मासूम त्यागी, ऋषिपाल सिंह, तिरसपाल पुंडीर, देवेंद्र कुमार, नवीन त्यागी, निर्वेश, ईश कुमार, अनुज मित्तल, सुमन लता, कौशर जहां, जयवती, विजय लक्ष्मी रविंद्र, प्रमोद देवी, पुष्पा देवी, अंजुम आदि शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल रहे।
विज्ञापन
समान कार्य, समान वेतन की मांग करते हुए वित्त विहीन शिक्षकों ने शुक्रवार को जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की जिलाध्यक्ष स्नेहलता मिश्रा के नेतृत्व में शिक्षक और शिक्षिकाएं जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पर पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार से समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग की। जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी को ज्ञापन दिया। इसमें महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक आज भुखमरी के कगार पर हैं। सर्वोत्तम परीक्षा परिणाम देकर भी प्रदेश के 20 हजार माध्यमिक विद्यालयों के दो लाख वित्तविहीन शिक्षक नाम से और वेतन से शोषित हैं और मौलिक अधिकार से भी इनको वंचित रखा गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से समान कार्य के लिए समान वेतन की नीति लागू करते हुए वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मान पूर्वक जीवन जीने की प्रेरणा देने की मांग की। मौके पर स्नेहलता मिश्रा, मासूम त्यागी, ऋषिपाल सिंह, तिरसपाल पुंडीर, देवेंद्र कुमार, नवीन त्यागी, निर्वेश, ईश कुमार, अनुज मित्तल, सुमन लता, कौशर जहां, जयवती, विजय लक्ष्मी रविंद्र, प्रमोद देवी, पुष्पा देवी, अंजुम आदि शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल रहे।