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आबादी बढ़ने से कम पड़ रहे सफाईकर्मी
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:34 AM IST
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आबादी बढ़ने से कम पड़ रहे सफाईकर्मी
मुजफ्फरनगर। सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने अपनी अनेक मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने कहा कि अनेक नगर पंचायत और पालिका में सफाई कर्मचारियों को 18 हजार रुपये का वेतन मिल रहा है, जबकि यहां भी ऐसी ही व्यवस्था होनी जरूरी है। इसके अलावा वार्डों और आबादी के सापेक्ष कर्मचारियों की संख्या कम होने पर परेशानी जाहिर की है।
कर्मचारी संघ ने ईओ और पालिकाध्यक्ष को दिए ज्ञापन में कहा कि शहर की आबादी में लगातार इजाफा हो रहा है। आबादी के हिसाब से 1600 कर्मचारियों की जरूरत है। ऐसे में पालिका प्रशासन नए बने वार्ड में पुराने वार्डों से कर्मचारियों को अटैच कर रहा है। इससे व्यवस्था बेपटरी हो गई है। पदाधिकारियों ने कूड़ा उठाने वाली ए-टू-जेड कंपनी पर आरोप लगाए हैं। यह कंपनी समय से कूड़ा नहीं उठा रही है। वहीं, 100 कर्मचारियों ठेका प्रथा पर रखा गया है, जिनका वेतन पालिका नहीं दे रही है। संविदा सफाई कर्मचारियों को शासनादेश के अनुरूप साप्ताहिक अवकाश और अन्य छुट्टियां मिलनी चाहिए। कूड़ा उठाने वाले रेहड़ों के जर्जर होने की शिकायत की गई है। इस दौरान कर्मचारी संघ ने अपनी 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
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मुजफ्फरनगर। सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने अपनी अनेक मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने कहा कि अनेक नगर पंचायत और पालिका में सफाई कर्मचारियों को 18 हजार रुपये का वेतन मिल रहा है, जबकि यहां भी ऐसी ही व्यवस्था होनी जरूरी है। इसके अलावा वार्डों और आबादी के सापेक्ष कर्मचारियों की संख्या कम होने पर परेशानी जाहिर की है।
कर्मचारी संघ ने ईओ और पालिकाध्यक्ष को दिए ज्ञापन में कहा कि शहर की आबादी में लगातार इजाफा हो रहा है। आबादी के हिसाब से 1600 कर्मचारियों की जरूरत है। ऐसे में पालिका प्रशासन नए बने वार्ड में पुराने वार्डों से कर्मचारियों को अटैच कर रहा है। इससे व्यवस्था बेपटरी हो गई है। पदाधिकारियों ने कूड़ा उठाने वाली ए-टू-जेड कंपनी पर आरोप लगाए हैं। यह कंपनी समय से कूड़ा नहीं उठा रही है। वहीं, 100 कर्मचारियों ठेका प्रथा पर रखा गया है, जिनका वेतन पालिका नहीं दे रही है। संविदा सफाई कर्मचारियों को शासनादेश के अनुरूप साप्ताहिक अवकाश और अन्य छुट्टियां मिलनी चाहिए। कूड़ा उठाने वाले रेहड़ों के जर्जर होने की शिकायत की गई है। इस दौरान कर्मचारी संघ ने अपनी 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
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