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आधी आबादी का दर्द नहीं सुनती खाकी
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:48 AM IST
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आधी आबादी का दर्द नहीं सुनती खाकी
मुजफ्फरनगर। आधी आबादी पर हो रहे जुल्म ज्यादती का दर्द लगता है कि पुलिस महकमे के अधिकारियों को महसूस नहीं होता। महिला उत्पीड़न के मामलों में पुलिस कार्रवाई तो दूर तहरीर तक लेने में गुरेज कर रही है। हताश पीड़िताओं ने राज्य, राष्ट्रीय महिला आयोग के दरबार में अर्जी लगाकर अपनी उत्पीड़न बयां किया। आयोग ने पुलिस-प्रशासन को फटकार लगाते हुए कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। इनमें कुछ पीड़िताएं ऐसी हैं, जो कई साल से ससुराल, यौन शोषण के जुल्म के खिलाफ न्याय के लिए भटक रही हैं। आयोग की सक्रियता के बाद इन मामलों की पुलिस ने केस दर्ज करने शुरू कर दिए हैं।
-केस-1
- गांव सुजडू निवासी महिला सैय्यदा ने 28 मई को पड़ोस के ही अफरोज, अफसर, नज्जू, रियाजुल पर मारपीट कर कुंडल आदि लूटने की तहरीर पुलिस को दी थी। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए महिला धक्के खाती रही। इसके बावजूद पुलिस ने एक नहीं सुनी। इसके बाद राज्य महिला आयोग को शिकायत भेजी। आयोग ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए शनिवार को पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
-केस-2
- मोहल्ला नई आबादी खालापार की यासमीन को ससुराल वालों ने दहेज की मांग के लिए मारपीट कर 10 नवंबर 2015 को निकाल दिया था, तब से पीड़िता न्याय के लिए भटक रही है। सुनवाई नहीं होने पर पीड़िता ने राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया। इस पर आयोग ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए मामले में कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
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-केस-3
- जामिया नगर निवासी अफसा पुत्री असरफ का निकाह चार जून 2015 को आफिस पुत्र शहजाद, निवासी गांव कुतुबशेर सहारनपुर के साथ हुई थी। ससुराल वाले पीड़िता का शुरू से मानसिक उत्पीड़न करते रहे। 19 मई 2017 को दहेज की मांग को लेकर महिला को उसका पति आफिस, ससुर शहजाद ने मारपीट कर निकाल दिया। कई माह तक थाने के चक्कर लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुुई। उसने भी राष्ट्रीय महिला आयोग में अर्जी लगाई। शनिवार को आयोग ने पुलिस को फटकार लगाने के साथ मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए।
-केस-4
- खालापार निवासी शाहिदा पुत्री हदीस मियां का आरोप है कि शामली के जलालाबाद निवासी उसके बहनोई शमीम उर्फ मीम ने उसकी बहन शायरा से धोखे से शादी की थी, जबकि उसकी एक बहन शकीना की शादी तुड़वाकर अपने पास बंधक बना रखा है। पीड़िता ने पुलिस से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग में न्याय की गुहार लगाई। आयोग ने शिकायत पर कार्रवाई न होने पर पुलिस को फटकारा है।
बोले इंस्पेक्टर
- महिलाओं से संबंधित जो भी शिकायतें थाने आती हैं, उन पर तुरंत एक्शन लिया जाता है। महिला आयोग से आए निर्देशों पर भी पीड़िताओं की रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिन पर जल्द ही कार्रवाई कर आरोपियों की धरपकड़ की जाएगी।
संजीव कुमार शर्मा, एसएचओ, शहर कोतवाली।
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मुजफ्फरनगर। आधी आबादी पर हो रहे जुल्म ज्यादती का दर्द लगता है कि पुलिस महकमे के अधिकारियों को महसूस नहीं होता। महिला उत्पीड़न के मामलों में पुलिस कार्रवाई तो दूर तहरीर तक लेने में गुरेज कर रही है। हताश पीड़िताओं ने राज्य, राष्ट्रीय महिला आयोग के दरबार में अर्जी लगाकर अपनी उत्पीड़न बयां किया। आयोग ने पुलिस-प्रशासन को फटकार लगाते हुए कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। इनमें कुछ पीड़िताएं ऐसी हैं, जो कई साल से ससुराल, यौन शोषण के जुल्म के खिलाफ न्याय के लिए भटक रही हैं। आयोग की सक्रियता के बाद इन मामलों की पुलिस ने केस दर्ज करने शुरू कर दिए हैं।
-केस-1
- गांव सुजडू निवासी महिला सैय्यदा ने 28 मई को पड़ोस के ही अफरोज, अफसर, नज्जू, रियाजुल पर मारपीट कर कुंडल आदि लूटने की तहरीर पुलिस को दी थी। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए महिला धक्के खाती रही। इसके बावजूद पुलिस ने एक नहीं सुनी। इसके बाद राज्य महिला आयोग को शिकायत भेजी। आयोग ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए शनिवार को पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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-केस-2
- मोहल्ला नई आबादी खालापार की यासमीन को ससुराल वालों ने दहेज की मांग के लिए मारपीट कर 10 नवंबर 2015 को निकाल दिया था, तब से पीड़िता न्याय के लिए भटक रही है। सुनवाई नहीं होने पर पीड़िता ने राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया। इस पर आयोग ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए मामले में कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
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-केस-3
- जामिया नगर निवासी अफसा पुत्री असरफ का निकाह चार जून 2015 को आफिस पुत्र शहजाद, निवासी गांव कुतुबशेर सहारनपुर के साथ हुई थी। ससुराल वाले पीड़िता का शुरू से मानसिक उत्पीड़न करते रहे। 19 मई 2017 को दहेज की मांग को लेकर महिला को उसका पति आफिस, ससुर शहजाद ने मारपीट कर निकाल दिया। कई माह तक थाने के चक्कर लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुुई। उसने भी राष्ट्रीय महिला आयोग में अर्जी लगाई। शनिवार को आयोग ने पुलिस को फटकार लगाने के साथ मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए।
-केस-4
- खालापार निवासी शाहिदा पुत्री हदीस मियां का आरोप है कि शामली के जलालाबाद निवासी उसके बहनोई शमीम उर्फ मीम ने उसकी बहन शायरा से धोखे से शादी की थी, जबकि उसकी एक बहन शकीना की शादी तुड़वाकर अपने पास बंधक बना रखा है। पीड़िता ने पुलिस से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग में न्याय की गुहार लगाई। आयोग ने शिकायत पर कार्रवाई न होने पर पुलिस को फटकारा है।
बोले इंस्पेक्टर
- महिलाओं से संबंधित जो भी शिकायतें थाने आती हैं, उन पर तुरंत एक्शन लिया जाता है। महिला आयोग से आए निर्देशों पर भी पीड़िताओं की रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिन पर जल्द ही कार्रवाई कर आरोपियों की धरपकड़ की जाएगी।
संजीव कुमार शर्मा, एसएचओ, शहर कोतवाली।