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खतौली डिपो अपनी 24 बसों को,
Updated Fri, 09 Feb 2018 11:32 PM IST
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खतौली। खतौली डिपो अपनी 24 बसों को अब हरिद्वार-ऋषिकेश में नहीं भेजेगा। इस रूट से इन बसों का संचालन बिल्कुल बंद कर दिया है। आरएम के अनुसार डिपो को प्रतिदिन होने वाले हजारों रुपयों का घाटा रोकने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है।
खतौली डिपो को बंद होने से बचाने के लिए अधिकारी काफी प्रयास करने में लगे हैं। बसों के रूट और किमी की दूरी घटा बढ़ाकर डिपो को आमदनी पहुंचने के लिए एआरएम प्रतिदिन चालकों और परिचालकों के साथ बैठक लेकर योजना तैयार कर रहे हैं। एआरएम रणजीत सिंह के मुताबिक डिपो से 74 बसों का संचालन होता है। प्रत्येक वर्ष इन बसों से डिपो को आमदनी होने के बजाए करीब 1.22 करोड़ का प्रतिवर्ष घाटा होता था। पिछले वर्ष डिपो ने एक करोड़ का घाटा पूरा किया और अब 22 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। एआरएम ने 22 लाख रुपये का घाटा पूरा करने के लिए खतौली से हरिद्वार व ऋषिकेश रूट पर चलने वाली 24 बसों का संचालन बंद कर दिया है। इन बसों को अब खतौली से मेरठ, मेरठ से शामली, खतौली से बुढ़ाना, कांधला, कैराना तथा खतौली से बुढ़ाना, शामली और बिड़ौली रूट पर संचालन शुरू कर दिया है। पिछले दस दिन पूर्व इन बसों का संचालन शुरू किया गया था। इन रूटों पर बसों का संचालन होने से डिपो को आमदनी होनी शुरू हो गई है।
डिपो की छवि सुधारने में जुटे अधिकारी
प्रदेश सरकार की नजर में खतौली डिपो की छवि आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया वाली है। इस छवि को सुधारने के लिए अधिकारी भरसक प्रयास करने में लगे हैं। पिछले दिनों प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला ने भी सिर्फ व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यशैली में बदलाव लाने के लिए डिपो का निरीक्षण किया था। प्रमुख सचिव के निरीक्षण के बाद से डिपो में बदलाव आना शुरू हुआ है। आमदनी बढ़ाने को योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
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गांवों में भी चलेंगी रोडवेज बस
प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने डिपो के निरीक्षण के वक्त पत्रकारों को बताया था कि बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के गांवों के ग्रामीणों को भी परिवहन की सेवा दी जाएगी। इसके लिए नए रूट बनाए जाएंगे। अधिकारियों ने नए रूट पर कार्ययोजना भी शुरू कर दी है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नए रूट बनने पर आसपास क्षेत्र के गांवों में भी रोडवेज बसों का संचालन हो सकेगा। ग्रामीण परिवहन सेवा का भरपूर लाभ उठा सकेंगे।
डिपो को घाटा होने से रोकने के लिए यह कदम उठाना उचित था। नए रूट पर 24 बसों का संचालन होने से डिपो का आमदनी में इजाफा होना शुरू हो गया है। धीरे-धीरे डिपो की आमदनी बढ़ाने के प्रयास किया जाएगा। - रणजीत सिंह, एआरएम।
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खतौली डिपो को बंद होने से बचाने के लिए अधिकारी काफी प्रयास करने में लगे हैं। बसों के रूट और किमी की दूरी घटा बढ़ाकर डिपो को आमदनी पहुंचने के लिए एआरएम प्रतिदिन चालकों और परिचालकों के साथ बैठक लेकर योजना तैयार कर रहे हैं। एआरएम रणजीत सिंह के मुताबिक डिपो से 74 बसों का संचालन होता है। प्रत्येक वर्ष इन बसों से डिपो को आमदनी होने के बजाए करीब 1.22 करोड़ का प्रतिवर्ष घाटा होता था। पिछले वर्ष डिपो ने एक करोड़ का घाटा पूरा किया और अब 22 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। एआरएम ने 22 लाख रुपये का घाटा पूरा करने के लिए खतौली से हरिद्वार व ऋषिकेश रूट पर चलने वाली 24 बसों का संचालन बंद कर दिया है। इन बसों को अब खतौली से मेरठ, मेरठ से शामली, खतौली से बुढ़ाना, कांधला, कैराना तथा खतौली से बुढ़ाना, शामली और बिड़ौली रूट पर संचालन शुरू कर दिया है। पिछले दस दिन पूर्व इन बसों का संचालन शुरू किया गया था। इन रूटों पर बसों का संचालन होने से डिपो को आमदनी होनी शुरू हो गई है।
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डिपो की छवि सुधारने में जुटे अधिकारी
प्रदेश सरकार की नजर में खतौली डिपो की छवि आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया वाली है। इस छवि को सुधारने के लिए अधिकारी भरसक प्रयास करने में लगे हैं। पिछले दिनों प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला ने भी सिर्फ व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यशैली में बदलाव लाने के लिए डिपो का निरीक्षण किया था। प्रमुख सचिव के निरीक्षण के बाद से डिपो में बदलाव आना शुरू हुआ है। आमदनी बढ़ाने को योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
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गांवों में भी चलेंगी रोडवेज बस
प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने डिपो के निरीक्षण के वक्त पत्रकारों को बताया था कि बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के गांवों के ग्रामीणों को भी परिवहन की सेवा दी जाएगी। इसके लिए नए रूट बनाए जाएंगे। अधिकारियों ने नए रूट पर कार्ययोजना भी शुरू कर दी है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नए रूट बनने पर आसपास क्षेत्र के गांवों में भी रोडवेज बसों का संचालन हो सकेगा। ग्रामीण परिवहन सेवा का भरपूर लाभ उठा सकेंगे।
डिपो को घाटा होने से रोकने के लिए यह कदम उठाना उचित था। नए रूट पर 24 बसों का संचालन होने से डिपो का आमदनी में इजाफा होना शुरू हो गया है। धीरे-धीरे डिपो की आमदनी बढ़ाने के प्रयास किया जाएगा। - रणजीत सिंह, एआरएम।