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जिला कारागार में सजायाप्ता कैदी की मौत
Updated Wed, 13 Dec 2017 12:26 AM IST
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जिला कारागार में सजायाफ्ता कैदी की मौत
मुजफ्फरनगर।
जिला कारागार में बीमारी के चलते एक कैदी मौत हो गई। कैदी को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कैदी की हत्या के मामले में आजीवन सजा काट रहा था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। कारागार में बीते तीन दिन में बीमारी से दो बंदियों की मौत हो चुकी है।
जिला कारागार में बंद कैदी गफ्फार की रविवार रात अचानक गफ्फार की तबियत ज्यादा बिगड़ गई, जिसे उपचार के लिए प्रधान बंदी रक्षक मुन्ना खां जिला चिकित्सालय लेकर गए, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक कैदी के परिजनों को जेल प्रशासन द्वारा रात में ही सूचना दे दी गई थी। सूचना पर पुलिस ने शव का कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। बाद में शव उसके परिजनों को सौंप दिया। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि शामली जिले के थानाभवन क्षेत्र के ग्राम भैंसानी निवासी गफ्फार (72) पुत्र नियाज हत्या के मामले में 3 नवंबर 2014 से जिला कारागार में बंद था। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। गफ्फार 5 जुलाई 2015 से लगातार बीमार चल रहा था, जिसका उपचार जिला चिकित्सालय में चल रहा था। रविवार रात को अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ने से उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व भी जिला कारागार में बीमारी के चलते पुरकाजी निवासी बंदी रुपचंद की मौत हो गई थी,जिसका उपचार मेरठ मेडिकल कालेज में चल रहा था।
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मुजफ्फरनगर।
जिला कारागार में बीमारी के चलते एक कैदी मौत हो गई। कैदी को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कैदी की हत्या के मामले में आजीवन सजा काट रहा था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। कारागार में बीते तीन दिन में बीमारी से दो बंदियों की मौत हो चुकी है।
जिला कारागार में बंद कैदी गफ्फार की रविवार रात अचानक गफ्फार की तबियत ज्यादा बिगड़ गई, जिसे उपचार के लिए प्रधान बंदी रक्षक मुन्ना खां जिला चिकित्सालय लेकर गए, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक कैदी के परिजनों को जेल प्रशासन द्वारा रात में ही सूचना दे दी गई थी। सूचना पर पुलिस ने शव का कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। बाद में शव उसके परिजनों को सौंप दिया। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि शामली जिले के थानाभवन क्षेत्र के ग्राम भैंसानी निवासी गफ्फार (72) पुत्र नियाज हत्या के मामले में 3 नवंबर 2014 से जिला कारागार में बंद था। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। गफ्फार 5 जुलाई 2015 से लगातार बीमार चल रहा था, जिसका उपचार जिला चिकित्सालय में चल रहा था। रविवार रात को अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ने से उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व भी जिला कारागार में बीमारी के चलते पुरकाजी निवासी बंदी रुपचंद की मौत हो गई थी,जिसका उपचार मेरठ मेडिकल कालेज में चल रहा था।
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