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मझौते की कोशिश में जुटे चिकित्सक
Updated Fri, 01 Dec 2017 01:02 AM IST
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समझौते की कोशिश में जुटे चिकित्सक
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में मरीजों से सुविधा शुल्क लेने के मामले में स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। विभाग ने डॉ अतीक से पल्ला झाड़ लिया है। डॉ अतीक के कालेज को भी इस बाबत कोई जानकारी नहीं भेजी गई है।
शामली के कैंडी बाबरी निवासी इमरान की तीन साल की बेटी बुशरा के ऑपरेशन के नाम पर उगाही की गई थी। मासूम बच्ची के पैर की हड्डी टूट गई थी। आरोप है कि पैर में रॉड डालने के लिए अस्पताल के अस्थि विभाग के चिकित्सकों ने छह हजार रुपये लिए थे। हंगामा होने के बाद डॉक्टर ने पीड़ितों को रुपये लौटा दिए थे। सुविधा शुल्क के मामले में अस्पताल प्रशासन ने डॉ एमआर सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने अस्थि रोग विभाग में इंटर्नशिप कर रहे डॉ अतीक को हटा दिया है, जबकि उसके कॉलेज को प्रशासन ने इसकी कोई जानकारी नहीं दी है। उधर, नोटिस मिलने के बाद डॉ एमआर सिंह पीड़ित से समझौते की कोशिश में जुट गए हैं। इस संबंध में डॉ एमआर का कहना है कि उन्हें नोटिस मिल गया है। वह बेकसूर हैं। नोटिस का जवाब भेजवाया जा रहा है।
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मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में मरीजों से सुविधा शुल्क लेने के मामले में स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। विभाग ने डॉ अतीक से पल्ला झाड़ लिया है। डॉ अतीक के कालेज को भी इस बाबत कोई जानकारी नहीं भेजी गई है।
शामली के कैंडी बाबरी निवासी इमरान की तीन साल की बेटी बुशरा के ऑपरेशन के नाम पर उगाही की गई थी। मासूम बच्ची के पैर की हड्डी टूट गई थी। आरोप है कि पैर में रॉड डालने के लिए अस्पताल के अस्थि विभाग के चिकित्सकों ने छह हजार रुपये लिए थे। हंगामा होने के बाद डॉक्टर ने पीड़ितों को रुपये लौटा दिए थे। सुविधा शुल्क के मामले में अस्पताल प्रशासन ने डॉ एमआर सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने अस्थि रोग विभाग में इंटर्नशिप कर रहे डॉ अतीक को हटा दिया है, जबकि उसके कॉलेज को प्रशासन ने इसकी कोई जानकारी नहीं दी है। उधर, नोटिस मिलने के बाद डॉ एमआर सिंह पीड़ित से समझौते की कोशिश में जुट गए हैं। इस संबंध में डॉ एमआर का कहना है कि उन्हें नोटिस मिल गया है। वह बेकसूर हैं। नोटिस का जवाब भेजवाया जा रहा है।
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