{"_id":"59f62dd04f1c1b69678b8085","slug":"31509305808-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीराम ही हमारे आदर्श हैं-साध्वी लक्ष्मी ज्योति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीराम ही हमारे आदर्श हैं-साध्वी लक्ष्मी ज्योति
Updated Mon, 30 Oct 2017 01:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीराम ही हमारे आदर्श : साध्वी लक्ष्मी ज्योति
मोरना (मुजफ्फरनगर)।
शुकतीर्थ स्थित सच्चा प्रकाश आश्रम में आयोजित धार्मिक समारोह में वृंदावन धाम से पधारी कथावाचक बाल साध्वी लक्ष्मी ज्योति जी ने कहा कि श्रीराम कथा को मनुष्य के अलावा पशु पक्षी भी सुनते हैं। इसका वर्णन शास्त्रों में हैं। भगवान श्रीराम का नाम लिखा पत्थर भी समुद्र में नहीं डूबता। इस प्रकार सच्ची श्रद्धा के साथ राम का नाम लेने से मनुष्य दुखों को भूल जाता है। शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। आज मनुष्य हर प्रकार के दुखों व रोगों से ग्रस्त है। श्रीराम कथा के श्रवण से मनुष्य की मानसिक चेतना का विकास होता है। साध्वी ने श्रीराम के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालकर उनके चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। धार्मिक कार्यक्रम में राजेश जानसठ, पंकज गर्ग, डा. राधेश्याम, चौधरी अनिल, रमेश, माता अनीता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मोरना (मुजफ्फरनगर)।
शुकतीर्थ स्थित सच्चा प्रकाश आश्रम में आयोजित धार्मिक समारोह में वृंदावन धाम से पधारी कथावाचक बाल साध्वी लक्ष्मी ज्योति जी ने कहा कि श्रीराम कथा को मनुष्य के अलावा पशु पक्षी भी सुनते हैं। इसका वर्णन शास्त्रों में हैं। भगवान श्रीराम का नाम लिखा पत्थर भी समुद्र में नहीं डूबता। इस प्रकार सच्ची श्रद्धा के साथ राम का नाम लेने से मनुष्य दुखों को भूल जाता है। शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। आज मनुष्य हर प्रकार के दुखों व रोगों से ग्रस्त है। श्रीराम कथा के श्रवण से मनुष्य की मानसिक चेतना का विकास होता है। साध्वी ने श्रीराम के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालकर उनके चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। धार्मिक कार्यक्रम में राजेश जानसठ, पंकज गर्ग, डा. राधेश्याम, चौधरी अनिल, रमेश, माता अनीता आदि मौजूद रहे।