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हीमो डायलेसिस यूनिट लगाने की पहल शुरू
Updated Sun, 29 Oct 2017 01:07 AM IST
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बर्न वार्ड में बनाई जाएगी यूनिट
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में हीमो डायलेसिस यूनिट लगाने के लिए पहल शुरू हो गई है। बर्न वार्ड में लगने वाली यूनिट के लिए विभाग ने तैयारियां शुरु कर दी है। यूनिट के लिए विभागीय इंजीनियर और चिकित्सकों ने वार्ड की जांच कर वहां पड़े सामान को हटाने के निर्देश दिए हैं। विभाग की मंशा है कि दिसंबर तक हरहाल में यूनिट चालू हो जाए। इसके लिए प्रपोजल तैयार किया गया है।
जनपद के साथ शामली के लोगों को हीमो डायलेसिस के लिए मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद-नोएड़ा की दौड़ लगानी पड़ती है। रोगी को साथ लेकर सफर करने के साथ इलाज पर भी महंगा खर्च वहन करना पड़ता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए तत्कालीन सपा सरकार ने जिला अस्पताल में हीमो डायलेसिस यूनिट लगाने को मंजूरी दे दी थी। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के कारण प्रोजेक्ट लटक गया। अब फिर से स्वास्थ्य विभाग ने मामले में पहल प्रारंभ कर दी है। शासन ने विभाग से यूनिट लगाने वाले स्थान, प्रक्रिया और खर्च का स्टीमेट मांगा था। जिसके आधार पर बजट जारी किया गया है। शनिवार को विभाग के सिविल इंजीनियर और चिकित्सकों ने डायलेसिस के लिए बर्न वार्ड का जायजा लिया है। यहां पर पड़े अन्य सामान को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमएस डॉ पंकज अग्रवाल ने बताया कि हीमो डायलेसिस यूनिट लगाने के लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। विभाग की मंशा है कि दिसंबर माह तक यूनिट चालू की जाए। इसके लिए सभी जरुरी तथ्यों की जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में हीमो डायलेसिस यूनिट लगाने के लिए पहल शुरू हो गई है। बर्न वार्ड में लगने वाली यूनिट के लिए विभाग ने तैयारियां शुरु कर दी है। यूनिट के लिए विभागीय इंजीनियर और चिकित्सकों ने वार्ड की जांच कर वहां पड़े सामान को हटाने के निर्देश दिए हैं। विभाग की मंशा है कि दिसंबर तक हरहाल में यूनिट चालू हो जाए। इसके लिए प्रपोजल तैयार किया गया है।
जनपद के साथ शामली के लोगों को हीमो डायलेसिस के लिए मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद-नोएड़ा की दौड़ लगानी पड़ती है। रोगी को साथ लेकर सफर करने के साथ इलाज पर भी महंगा खर्च वहन करना पड़ता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए तत्कालीन सपा सरकार ने जिला अस्पताल में हीमो डायलेसिस यूनिट लगाने को मंजूरी दे दी थी। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के कारण प्रोजेक्ट लटक गया। अब फिर से स्वास्थ्य विभाग ने मामले में पहल प्रारंभ कर दी है। शासन ने विभाग से यूनिट लगाने वाले स्थान, प्रक्रिया और खर्च का स्टीमेट मांगा था। जिसके आधार पर बजट जारी किया गया है। शनिवार को विभाग के सिविल इंजीनियर और चिकित्सकों ने डायलेसिस के लिए बर्न वार्ड का जायजा लिया है। यहां पर पड़े अन्य सामान को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमएस डॉ पंकज अग्रवाल ने बताया कि हीमो डायलेसिस यूनिट लगाने के लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। विभाग की मंशा है कि दिसंबर माह तक यूनिट चालू की जाए। इसके लिए सभी जरुरी तथ्यों की जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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