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रात में इंटरनेट का इस्तेमाल न करें बच्चे
Updated Wed, 27 Sep 2017 02:07 AM IST
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रात में इंटरनेट का इस्तेमाल न करें बच्चे
मुजफ्फरनगर। आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि समाज के अध्यात्म, धर्म और नैतिकता के रास्ते पर ले जाने में पत्रकारों का अहम रोल है। पत्रकार ऐसा अभियान चलाएं कि रात्रि में दस बजे के बाद कोई भी बच्चा, युवा मोबाइल और कंप्यूटर का प्रयोग न करें। एक सर्वे के अनुसार हमारे 40 प्रतिशत युवा अवसाद के शिकार हैं। वहलना जैन मंदिर में दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र समिति की ओर से आयोजित पत्रकार सम्मेलन में आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि हमारी संस्कृति योग की है भोग की नहीं। हमारे संस्कार ही हमारी पहचान हैं। यदि हम अपने माता-पिता, दादा-दादी की सेवा नहीं करते, उन्हें वृद्धाश्रम भेजते हैं तो किसी भगवान की पूजा कर लो सब व्यर्थ है। उन्होंने कहा कि पत्रकार अपने व्यस्त जीवन में अपने परिवार के लिए समय जरूर निकालें। इंटरनेट ने मोबाइल और कंप्यूटर के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को कामुकता की चपेट में ले लिया है। एक तरफ शराब विनाश कर रही है, दूसरी तरफ यह आंखों से पी जाने वाली कामुकता की शराब है, जो हमारी पीढ़ी को तबाह करने पर लगी है। पत्रकार समाज में अध्यात्म, नैतिकता और धर्म को अपनी लेखनी में महत्व दें। हम एक अच्छा समाज, अच्छा युवा चाहते हैं। जिसमें राष्ट्रभक्ति और नैतिकता कूट-कूटकर भरी हो। एक सर्वे के अनुसार हमारी 40 प्रतिशत युवा पीढ़ी अवसाद का शिकार हो चुकी है। माता-पिता रात्रि में दस बजे के बाद अपने बच्चों को मोबाइल, इंटरनेट का प्रयोग न करने दें। उन्हें सही समय पर सुलाएं। सुबह चार से पांच बजे के बीच जागना चाहिए। दिल्ली से आए वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि देश में संचार क्रांति हुई है। पत्रकारिता का महत्व और अधिक बढ़ गया है। वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत लखेड़ा ने कहा कि देश में जिस तरह पत्रकारों की हत्याएं हो रही हैं, इससे पत्रकारों के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं। देहरादून से आए सुशील उपाध्याय ने कहा कि भगवान बुद्ध और महावीर का जो सिद्धांत है, पत्रकार उसी पर अपनी पत्रकारिता करता है। इसलिए पत्रकारिता धर्म से अलग नहीं है। श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि समाज और राष्ट्र को क्षति पहुंचाने वाली रिपोर्टिंग से हमें बचना चाहिए। इस अवसर पर बच्चों ने जैन इंटर की छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति दी। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार उत्तमचंद शर्मा ने की। मंदिर समिति के मंत्री राजकुमार जैन ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में रविंद्र जैन, डीके जैन, राजेश जैन, संजय जैन, अनमोल जैन आदि का विशेष सहयोग रहा।
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मुजफ्फरनगर। आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि समाज के अध्यात्म, धर्म और नैतिकता के रास्ते पर ले जाने में पत्रकारों का अहम रोल है। पत्रकार ऐसा अभियान चलाएं कि रात्रि में दस बजे के बाद कोई भी बच्चा, युवा मोबाइल और कंप्यूटर का प्रयोग न करें। एक सर्वे के अनुसार हमारे 40 प्रतिशत युवा अवसाद के शिकार हैं। वहलना जैन मंदिर में दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र समिति की ओर से आयोजित पत्रकार सम्मेलन में आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि हमारी संस्कृति योग की है भोग की नहीं। हमारे संस्कार ही हमारी पहचान हैं। यदि हम अपने माता-पिता, दादा-दादी की सेवा नहीं करते, उन्हें वृद्धाश्रम भेजते हैं तो किसी भगवान की पूजा कर लो सब व्यर्थ है। उन्होंने कहा कि पत्रकार अपने व्यस्त जीवन में अपने परिवार के लिए समय जरूर निकालें। इंटरनेट ने मोबाइल और कंप्यूटर के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को कामुकता की चपेट में ले लिया है। एक तरफ शराब विनाश कर रही है, दूसरी तरफ यह आंखों से पी जाने वाली कामुकता की शराब है, जो हमारी पीढ़ी को तबाह करने पर लगी है। पत्रकार समाज में अध्यात्म, नैतिकता और धर्म को अपनी लेखनी में महत्व दें। हम एक अच्छा समाज, अच्छा युवा चाहते हैं। जिसमें राष्ट्रभक्ति और नैतिकता कूट-कूटकर भरी हो। एक सर्वे के अनुसार हमारी 40 प्रतिशत युवा पीढ़ी अवसाद का शिकार हो चुकी है। माता-पिता रात्रि में दस बजे के बाद अपने बच्चों को मोबाइल, इंटरनेट का प्रयोग न करने दें। उन्हें सही समय पर सुलाएं। सुबह चार से पांच बजे के बीच जागना चाहिए। दिल्ली से आए वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि देश में संचार क्रांति हुई है। पत्रकारिता का महत्व और अधिक बढ़ गया है। वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत लखेड़ा ने कहा कि देश में जिस तरह पत्रकारों की हत्याएं हो रही हैं, इससे पत्रकारों के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं। देहरादून से आए सुशील उपाध्याय ने कहा कि भगवान बुद्ध और महावीर का जो सिद्धांत है, पत्रकार उसी पर अपनी पत्रकारिता करता है। इसलिए पत्रकारिता धर्म से अलग नहीं है। श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि समाज और राष्ट्र को क्षति पहुंचाने वाली रिपोर्टिंग से हमें बचना चाहिए। इस अवसर पर बच्चों ने जैन इंटर की छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति दी। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार उत्तमचंद शर्मा ने की। मंदिर समिति के मंत्री राजकुमार जैन ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में रविंद्र जैन, डीके जैन, राजेश जैन, संजय जैन, अनमोल जैन आदि का विशेष सहयोग रहा।