{"_id":"59caa2794f1c1bd1538b49af","slug":"31506452089-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीवना में बीमारी का कहर जारी, दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीवना में बीमारी का कहर जारी, दहशत
Updated Wed, 27 Sep 2017 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीवना में बीमारी का कहर जारी, दहशत
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। गांव जीवना में बुखार का कहर जारी है। बीमारी के चलते गांव में एक माह में महिलाओं समेत 11 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है और अधिकांश ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाकर चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें दवाइयों का वितरण किया और फॉगिंग कराई। मंगलवार को पूर्वमंत्री योगराज सिंह एवं रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने गांव पहुंचकर बुखार से पीड़ित लोगों के परिजनों से हालचाल पूछा।
पूर्व मंत्री योगराज सिंह एवं रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने बताया कि गांव में बीमारी फैलने का मुख्य कारण गांव के पास से बहने वाली काली नदी का पानी दूषित हो चुका है। इस कारण गांव के हैंडपंपों में भी दूषित पानी निकल रहा है, जिसको पीकर ग्रामीण बीमार हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र ही काली नदी की सफाई कराकर इसमें पड़ने वाले फैक्ट्रियों के दूषित पानी को रोका जाए और गांव में टंकी का निर्माण कराकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। पूर्वमंत्री का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजी गई टीम ग्रामीणों का ठीक प्रकार से उपचार नहीं कर रही है। उन्होंने बड़े चिकित्सकों की टीम गांव भेजकर कैंप लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण कराने की मांग की। रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो दिन के भीतर प्रशासन की ओर से काली नदी की सफाई कराने और गांव में टंकी बनवाने की घोषणा नहीं करता है तो रालोद कार्यकर्ता मजबूर होकर जिला मुख्यालय पर 28 सितंबर को धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान रालोद के प्रदेश सचिव विकास बालियान, मोहित अहलावत, पूर्व प्रधान भोला, विकास कादियान आदि मौजूद रहे। ग्राम प्रधान सोहनवीर का कहना है कि गांव में टंकी निर्माण के लिए प्रशासन को जगह उपलब्ध कराकर सर्वे करा दिया गया है। इसके बावजूद टंकी निर्माण की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। गांव में बुखार पीड़ित लोगों में सुरेंद्र, योगेश, सुनील, नूरफातमा, महकसिंह, कलवा, जयचंद, महेंद्री, सेठपाल, हुसैन्ना, जदुवन, प्रमिता शामिल हैं।
विज्ञापन
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। गांव जीवना में बुखार का कहर जारी है। बीमारी के चलते गांव में एक माह में महिलाओं समेत 11 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है और अधिकांश ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाकर चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें दवाइयों का वितरण किया और फॉगिंग कराई। मंगलवार को पूर्वमंत्री योगराज सिंह एवं रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने गांव पहुंचकर बुखार से पीड़ित लोगों के परिजनों से हालचाल पूछा।
पूर्व मंत्री योगराज सिंह एवं रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने बताया कि गांव में बीमारी फैलने का मुख्य कारण गांव के पास से बहने वाली काली नदी का पानी दूषित हो चुका है। इस कारण गांव के हैंडपंपों में भी दूषित पानी निकल रहा है, जिसको पीकर ग्रामीण बीमार हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र ही काली नदी की सफाई कराकर इसमें पड़ने वाले फैक्ट्रियों के दूषित पानी को रोका जाए और गांव में टंकी का निर्माण कराकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। पूर्वमंत्री का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजी गई टीम ग्रामीणों का ठीक प्रकार से उपचार नहीं कर रही है। उन्होंने बड़े चिकित्सकों की टीम गांव भेजकर कैंप लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण कराने की मांग की। रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो दिन के भीतर प्रशासन की ओर से काली नदी की सफाई कराने और गांव में टंकी बनवाने की घोषणा नहीं करता है तो रालोद कार्यकर्ता मजबूर होकर जिला मुख्यालय पर 28 सितंबर को धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान रालोद के प्रदेश सचिव विकास बालियान, मोहित अहलावत, पूर्व प्रधान भोला, विकास कादियान आदि मौजूद रहे। ग्राम प्रधान सोहनवीर का कहना है कि गांव में टंकी निर्माण के लिए प्रशासन को जगह उपलब्ध कराकर सर्वे करा दिया गया है। इसके बावजूद टंकी निर्माण की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। गांव में बुखार पीड़ित लोगों में सुरेंद्र, योगेश, सुनील, नूरफातमा, महकसिंह, कलवा, जयचंद, महेंद्री, सेठपाल, हुसैन्ना, जदुवन, प्रमिता शामिल हैं।
विज्ञापन