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Muzaffarnagar News: 3. 80 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाला मास्टरमाइंड और साथी गिरफ्तार
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- फर्जी कंपनी बनाकर बिना बिक्री के काटे थे बिल
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली पुलिस ने फर्जी कंपनी बनाकर तीन करोड़ 80 लाख रुपये की सीजीएसटी और जीएसटी चोरी करने वाले मास्टरमाइंड सलमान सहित दो आरोपी गिरफ्तार किए हैं। गिरफ्तार आरोपी सुजडू निवासी मास्टरमाइंड व उसके साथी खतौली निवासी इम्तयाज का चालान कर दिया। आरोपियों से तीन मोबाइल, एक सिम कार्ड, फर्जी कंपनियों के जीएसटी के फर्जी बिल की सौ से ज्यादा प्रतियां व अन्य दस्तावेज मिले हैं।
सीओ मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि राज्य वस्तु एवं सेवाकर की विशेष शाखा एसआइबी के उपायुक्त मनोज कुमार शुक्ला ने फर्जी कंपनी बनाकर फर्जी रूप से आइटीसी (जीएसटी) हड़पने का मामला नई मंडी कोतवाली में 19 अक्तूबर 2025 को दर्ज कराया था।
कंपनी संचालक मोहम्मद सलमान ने प्लास्टिक स्क्रैप का क्रय-विक्रय दिखाया था। 8 अप्रैल 2024 को जांच में इस फर्म का अस्तित्व में होना नहीं पाया गया था। आइटीसी हड़पने के लिए दिल्ली, हरियाणा, यूपी व अन्य राज्यों में बिना किसी माल के बिक्री प्रदर्शित कर आइटीसी हड़प ली थी।
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इस मामले में कार्रवाई कर खालसा पट्टी सुजडू निवासी सलमान व उसके साथी खतौली के मोइदीनपुर के मूल निवासी वर्तमान में शहर कोतवाली के लद्धावाला में रहने वाले इम्तयाज को लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ करने के बाद आरोपियों का चालान कर दिया गया। जांच में तीन करोड़ 80 लाख रुपये की सीजीएसटी व जीएसटी चोरी करना सामने आया है।
नई कंपनी के लिए जगह देखने आए थे दोनों सीओ ने बताया कि पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि वह अपनी पुरानी कंपनी सिया इंटरप्राइजेज फर्म को बंद कर चुके हैं । नई कंपनी खोलने के लिए जगह देखने के लिए आए थे।
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पूछताछ में ये दी जानकारी-
सलमान ने पुलिस को बताया कि दोनों ने वर्ष 2022 में संधावली फ्लाईओवर के पास सिया एंटरप्राइजेज के नाम से एक ऑनलाइन फर्म तैयार की थी। जिसमें इन्तयाज के आधार कार्ड व पैन कार्ड लगाए थे। मेरे पास से बरामद मोबाइल नंबर एक हजार रुपये में दिल्ली से नादिर से लिया था। उसे इस फर्म की पर्सनल डिटेल में लिंक कराया था। भोपा रोड के एक्सिस बैंक में सिया एंटरप्राइजेज के नाम पर खाता खोला था।उसमें इन्तयाज के कागजात लगाए थे। इस खाते में पैसों का लेन-देन करते थे। बैंक से पैसे निकालने व आरटीजीएस करने का काम इन्तयाज करता था। जो फर्जी बिल बनाकर लाभ होता था। उसे दोनों बांट लेते थे। कुछ महीनों पहले जिले में फर्जी फर्मों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के दौरान उनकी कंपनी के खिलाफ भी कोतवाली नई मंडी पर मामला दर्ज हुआ था। तब कंपनी बंद कर दी थी। हम जगह-जगह फर्जी फर्म तैयार करके उन पर फर्जी बिल तैयार करते हैं। जो सिम बरामद हुआ है वह फर्जी आईडी पर लिया गया था।
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सलमान है मास्टरमाइंड
विवेचक उप निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि ग्रेजुएशन तक शिक्षित सलमान जीएसटी चोरी का मास्टरमाइंड है। इम्तयाज अनपढ़ है। दोनों आरोपियों ने फर्जी कंपनी बनाकर तीन करोड़ 80 लाख 24 हजार रुपये की जीएसटी चोरी की है। सलमान के मोबाइल से सौ से ज्यादा फर्जी बिल व अन्य कागजात बरामद हुए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली पुलिस ने फर्जी कंपनी बनाकर तीन करोड़ 80 लाख रुपये की सीजीएसटी और जीएसटी चोरी करने वाले मास्टरमाइंड सलमान सहित दो आरोपी गिरफ्तार किए हैं। गिरफ्तार आरोपी सुजडू निवासी मास्टरमाइंड व उसके साथी खतौली निवासी इम्तयाज का चालान कर दिया। आरोपियों से तीन मोबाइल, एक सिम कार्ड, फर्जी कंपनियों के जीएसटी के फर्जी बिल की सौ से ज्यादा प्रतियां व अन्य दस्तावेज मिले हैं।
सीओ मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि राज्य वस्तु एवं सेवाकर की विशेष शाखा एसआइबी के उपायुक्त मनोज कुमार शुक्ला ने फर्जी कंपनी बनाकर फर्जी रूप से आइटीसी (जीएसटी) हड़पने का मामला नई मंडी कोतवाली में 19 अक्तूबर 2025 को दर्ज कराया था।
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कंपनी संचालक मोहम्मद सलमान ने प्लास्टिक स्क्रैप का क्रय-विक्रय दिखाया था। 8 अप्रैल 2024 को जांच में इस फर्म का अस्तित्व में होना नहीं पाया गया था। आइटीसी हड़पने के लिए दिल्ली, हरियाणा, यूपी व अन्य राज्यों में बिना किसी माल के बिक्री प्रदर्शित कर आइटीसी हड़प ली थी।
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इस मामले में कार्रवाई कर खालसा पट्टी सुजडू निवासी सलमान व उसके साथी खतौली के मोइदीनपुर के मूल निवासी वर्तमान में शहर कोतवाली के लद्धावाला में रहने वाले इम्तयाज को लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ करने के बाद आरोपियों का चालान कर दिया गया। जांच में तीन करोड़ 80 लाख रुपये की सीजीएसटी व जीएसटी चोरी करना सामने आया है।
नई कंपनी के लिए जगह देखने आए थे दोनों सीओ ने बताया कि पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि वह अपनी पुरानी कंपनी सिया इंटरप्राइजेज फर्म को बंद कर चुके हैं । नई कंपनी खोलने के लिए जगह देखने के लिए आए थे।
पूछताछ में ये दी जानकारी-
सलमान ने पुलिस को बताया कि दोनों ने वर्ष 2022 में संधावली फ्लाईओवर के पास सिया एंटरप्राइजेज के नाम से एक ऑनलाइन फर्म तैयार की थी। जिसमें इन्तयाज के आधार कार्ड व पैन कार्ड लगाए थे। मेरे पास से बरामद मोबाइल नंबर एक हजार रुपये में दिल्ली से नादिर से लिया था। उसे इस फर्म की पर्सनल डिटेल में लिंक कराया था। भोपा रोड के एक्सिस बैंक में सिया एंटरप्राइजेज के नाम पर खाता खोला था।उसमें इन्तयाज के कागजात लगाए थे। इस खाते में पैसों का लेन-देन करते थे। बैंक से पैसे निकालने व आरटीजीएस करने का काम इन्तयाज करता था। जो फर्जी बिल बनाकर लाभ होता था। उसे दोनों बांट लेते थे। कुछ महीनों पहले जिले में फर्जी फर्मों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के दौरान उनकी कंपनी के खिलाफ भी कोतवाली नई मंडी पर मामला दर्ज हुआ था। तब कंपनी बंद कर दी थी। हम जगह-जगह फर्जी फर्म तैयार करके उन पर फर्जी बिल तैयार करते हैं। जो सिम बरामद हुआ है वह फर्जी आईडी पर लिया गया था।
सलमान है मास्टरमाइंड
विवेचक उप निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि ग्रेजुएशन तक शिक्षित सलमान जीएसटी चोरी का मास्टरमाइंड है। इम्तयाज अनपढ़ है। दोनों आरोपियों ने फर्जी कंपनी बनाकर तीन करोड़ 80 लाख 24 हजार रुपये की जीएसटी चोरी की है। सलमान के मोबाइल से सौ से ज्यादा फर्जी बिल व अन्य कागजात बरामद हुए हैं।