मुजफ्फरनगर: लाइसेंसी हथियारों से अपराध करने वालों पर कसेगी नकेल, 29 शस्त्र लाइसेंस निलंबित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब एक वर्ष में एसएसपी की ओर से 32 शस्त्र लाइसेंसों को निलंबित किए जाने की संस्तुति की जा चुकी है, जिनमें से डीएम ने 29 शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए हैं, जबकि सीएए बवाल के आरोपी का एक शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। दो फाइलें अभी लंबित चल रही है।
जनपद में 17,608 शस्त्र लाइसेंस निर्गत हैं। वहीं, विरासत में और स्थानांतरित होने के लिए आवेदन किए जाने वाले 58 शस्त्र लाइसेंस लंबित प्रक्रिया में है। शस्त्र लाइसेंसों से संबंधित ऐसे कई मामले प्रकाश में आए हैं, जिनका इस्तेमाल आपराधिक, हर्ष फायरिंग या अन्य गतिविधियों में किया गया है।
इसके अलावा ऐसे भी लाइसेंस शस्त्र धारक जांच में सामने आए हैं, जिन्होंने रसूख के बल पर इन्हें हासिल किया है। एसएसपी अभिषेक यादव द्वारा करीब एक वर्ष की अवधि में इस तरह के 32 लाइसेंस धारकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ निलंबन की संस्तुति की डीएम को की गई।
इनमें से 29 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनके वाद डीएम कोर्ट में चल रहे हैं, जबकि खालापार निवासी आसिफ राही का 29 अगस्त को शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया गया है। उक्त व्यक्ति गत वर्ष 20 दिसंबर को हुए सीएए बवाल का आरोपी है। दो शस्त्र लाइसेंस की फाइल अभी लंबित है।
इसके अलावा, जनपद में एक दर्जन आवेदन ऐसे भी लंबित हैं, जो विभिन्न आपराधिक घटनाओं के पीड़ितों द्वारा अपनी सुरक्षा के मद्देनजर आवेदित किए गए हैं। एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे सभी आवेदकों की जांच चल रही है।
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि पिछले कुछ समय से ऐसे लोगों को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू की गई है, जो शस्त्र लाइसेंस धारक होने के बावजूद अवैधानिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। ऐसे 32 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबन की संस्तुति डीएम कार्यालय को की जा चुकी है, जिनमें से एक का लाइसेंस निरस्त हो गया तथा 29 शस्त्र निलंबित किए गए हैं। दो फाइल अभी प्रक्रिया में है, जिन पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।