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कोल्हुओं पर 270 रुपये क्विंटल गन्ने का भाव, नया गुड़ बनना शुरू
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 21 Sep 2017 12:49 AM IST
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कोल्हू पर गुड़ बनाता मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के कई इलाकों में कोल्हुओं पर गन्ने की पेराई शुरू हो गई है। इनमें नए गन्ने से गुड़ भी बनना शुरू हो गया है। कोल्हू संचालकों ने गन्ने का भाव 270 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव घोषित किया है। वहीं, मोरना मिल का पेराई सत्र शुरू होने में अभी महीनों का समय बाकी है।
विकास खंड मोरना क्षेत्र भोपा, मोरना, भोकरहेड़ी, चौरावाला मार्ग पर कोल्हुओं का संचालन शुरू हो गया है। किसान गन्ने की छिलाई कर कोल्हू में गन्ना डाल रहे हैं। कोल्हू मालिक प्रतिदिन कई क्विंटल गन्ना खरीद रहे हैं। कोल्हू संचालकों का कहना है कि गन्ने की अगेती और सामान्य फसल से एक क्विंटल गन्ने में आठ किलो गुड़ तैयार हो रहा है, जिसमें एक क्विंटल गुड़ में करीब आठ किलो चीनी को मिलाकर व करीब 250 ग्राम सुकलाई और हाईड्रो को मिलाकर गुड़ तैयार किया जाता है। क्योंकि गन्ने की फसल अभी पूर्ण रूप से कटने को तैयार नहीं हुई है। यह तैयार गुड़ दूरदराज के इलाकों में भेजा जाता है।
कोल्हुओं के जल्द शुरू होने से किसानों के लिए फायदा हो रहा है। किसान गन्ने की पेड़ी को काटकर 270 रुपये क्विंटल के भाव में बेच रहे हैं, जिससे किसान खेत खाली होने पर आगामी सरसों, बरसीम, आलू और सब्जी आदि की फसलों की बुआई समय से कर सके। इससे पशुओं के चारे का संकट भी दूर हो रहा है।
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गांव ककराला, मोरना, वजीराबाद, छछरौली, अथाई, भेडाहेड़ी, शुक्रतारी, करहेड़ा, बेहड़ा सादात, ककरौली, गंगदासपुर आदि गांवों में किसान गन्ना काटने की तैयारी में लगे हुए है। किसान ओमबीर, श्यामबीर, वेदपाल, हरपाल, मोनू, ओम सिंह, नेपाल, जगबीर, विपिन आदि ने बताया कि मोरना मिल के पेराई सत्र शुरू होने में काफी समय है। ज्वार की फसल खत्म होने के बाद चारे का संकट आने लगा है। कोल्हुओं के चलने से गन्ने की फसल को काटकर अच्छे दाम में बेचने का मौका मिल रहा है।
15 दिन पहले मिल चलाने की तैयारी
मोरना। दि गंगा किसान चीनी मिल मोरना प्रबंधक प्रबुद्ध चौबे ने बताया कि रिकवरी मेंटेन होने से अबकी बार शासन प्रशासन व संघ भी मिल को करीब 15 दिन पहले अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में चलाने की तैयारी में जुटा हुआ है, जिसके लिए युद्ध स्तर पर मिल में मरम्मत का कार्य चल रहा है। गत वर्षों में पेराई सत्र नवंबर में शुरू किया जाता था, जिससे गेहूं आदि की फसल की बुवाई में देरी हो जाती थी, लेकिन अबकी बार समय रहते किसान को उम्मीद से पहले मिल में गन्ने डालने का मौका मिलेगा।
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विकास खंड मोरना क्षेत्र भोपा, मोरना, भोकरहेड़ी, चौरावाला मार्ग पर कोल्हुओं का संचालन शुरू हो गया है। किसान गन्ने की छिलाई कर कोल्हू में गन्ना डाल रहे हैं। कोल्हू मालिक प्रतिदिन कई क्विंटल गन्ना खरीद रहे हैं। कोल्हू संचालकों का कहना है कि गन्ने की अगेती और सामान्य फसल से एक क्विंटल गन्ने में आठ किलो गुड़ तैयार हो रहा है, जिसमें एक क्विंटल गुड़ में करीब आठ किलो चीनी को मिलाकर व करीब 250 ग्राम सुकलाई और हाईड्रो को मिलाकर गुड़ तैयार किया जाता है। क्योंकि गन्ने की फसल अभी पूर्ण रूप से कटने को तैयार नहीं हुई है। यह तैयार गुड़ दूरदराज के इलाकों में भेजा जाता है।
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कोल्हुओं के जल्द शुरू होने से किसानों के लिए फायदा हो रहा है। किसान गन्ने की पेड़ी को काटकर 270 रुपये क्विंटल के भाव में बेच रहे हैं, जिससे किसान खेत खाली होने पर आगामी सरसों, बरसीम, आलू और सब्जी आदि की फसलों की बुआई समय से कर सके। इससे पशुओं के चारे का संकट भी दूर हो रहा है।
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गांव ककराला, मोरना, वजीराबाद, छछरौली, अथाई, भेडाहेड़ी, शुक्रतारी, करहेड़ा, बेहड़ा सादात, ककरौली, गंगदासपुर आदि गांवों में किसान गन्ना काटने की तैयारी में लगे हुए है। किसान ओमबीर, श्यामबीर, वेदपाल, हरपाल, मोनू, ओम सिंह, नेपाल, जगबीर, विपिन आदि ने बताया कि मोरना मिल के पेराई सत्र शुरू होने में काफी समय है। ज्वार की फसल खत्म होने के बाद चारे का संकट आने लगा है। कोल्हुओं के चलने से गन्ने की फसल को काटकर अच्छे दाम में बेचने का मौका मिल रहा है।
15 दिन पहले मिल चलाने की तैयारी
मोरना। दि गंगा किसान चीनी मिल मोरना प्रबंधक प्रबुद्ध चौबे ने बताया कि रिकवरी मेंटेन होने से अबकी बार शासन प्रशासन व संघ भी मिल को करीब 15 दिन पहले अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में चलाने की तैयारी में जुटा हुआ है, जिसके लिए युद्ध स्तर पर मिल में मरम्मत का कार्य चल रहा है। गत वर्षों में पेराई सत्र नवंबर में शुरू किया जाता था, जिससे गेहूं आदि की फसल की बुवाई में देरी हो जाती थी, लेकिन अबकी बार समय रहते किसान को उम्मीद से पहले मिल में गन्ने डालने का मौका मिलेगा।