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27 उपद्रवियों को जेल भेजा, कचहरी में भारी संख्या में पुलिस बल रही तैनात
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:16 AM IST
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कचहरी में तैनात आरएएफ।
- फोटो : अमर उजाला
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सोमवार को दलितों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की घटना में नई मंडी पुलिस ने बुधवार को 27 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के दौरान कोर्ट परिसर में पुलिस के अलावा आरएएफ तैनात रही।
उधर, पुलिस वीडियो, फोटो और सीसीटीवी कैमरों के जरिये उपद्रव में शामिल आरोपियों की चिह्नित कर रही है। मंगलवार देर रात को जनपद के थानों की पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में आरोपियों की तलाश में छापे की कार्रवाई की। पुलिस की दबिश से दलितों में भय है तथा काफी युवक अपने घरों को छोड़ कर अन्य स्थानों पर चले गए है।
दलितों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में पुलिस अभी तक 68 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। मंगलवार को 41 लोगों को जेल भेजा था। बुधवार को नई मंडी पुलिस ने 27 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। नई मंडी पुलिस ने आरोपी बेलड़ा के दीपक, शेरपुर के परविंदर, मीरापुर के गौरव, अलमासपुर के प्रंजय, हरिनगर के सचिन, जौली के चेतराम, रूडकली के संजय, सिकरेडा के अमित, एकता विहार के मोनिक, भरतिया कालोनी के विक्की, संधावली के कृष्णपाल, कूकड़ा के शाहरुख,
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बेलड़ा के काडा, कासमपुर के अमित, नंगला मुबारिक के रोहित, बेलड़ा के शुभम, चंदनफार्म पुरकाजी के नवीन, पुरकाजी के अनुज, फुलत के अमित, बेलडा के अमित, राहुल, सचिन व विपिन, खान्नुपुर के अमन व अंकित, कासमपुर के अर्जुन, नंगली के सुमित को गिरफ्तार कर पहले चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा।
20 लाख का नुकसान, प्रशासन ने रेलवे और रोडवेज की क्षति नहीं जोड़ी
मुजफ्फरनगर। शहर में एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में भड़की हिंसा में करीब 20 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। यह नुकसान सबसे अधिक नईमंडी थाना क्षेत्र में रहा है। इसके अलावा सड़क किनारे रखे गमलों, अन्य सामान को भी तोड़ा गया है। वहीं, प्रशासन ने क्षति में रेलवे और रोडवेज के हुए नुकसान की राशि नहीं जोड़ी है।
दलित संगठनों के बैनरतले आई भीड़ ने शहर में जमकर हिंसा का खेल खेला था। मार्केट से लेकर रोडवेज, रेलवे की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। भीड़ का उपद्रव प्रकाश चौक से प्रारंभ होकर रोडवेज, रेलवे स्टेशन पहुंचा था। यहां पर ट्रेन रोकने के बाद भीड़ को हटाना पुलिस को भारी पड़ा है। शहर की अनेक विधानसभाओं से एकत्र हुए करीब 5 हजार से अधिक लोगों ने मारपीट, तोड़फोड़ के साथ आगजनी की है।
आगजनी का शिकार 15 से अधिक कारें, बाइकें और तोड़फोड़ में पीएनबी का एटीएम के अलावा पालिका की लाइट और गमले को आदि निशाना बनाया गया है। तीन दिनों तक प्रशासन की टीम ने नुकसान का आंकलन किया है। सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों और प्राइवेट स्तर पर बवालियों ने करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति को क्षति पहुंचाई है। वहीं, रोडवेज और रेलवे को हुए नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट नहीं मिली है। इसे जोड़ा जाए तो नुकसान अधिक बढ़ने का अनुमान है।
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उधर, पुलिस वीडियो, फोटो और सीसीटीवी कैमरों के जरिये उपद्रव में शामिल आरोपियों की चिह्नित कर रही है। मंगलवार देर रात को जनपद के थानों की पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में आरोपियों की तलाश में छापे की कार्रवाई की। पुलिस की दबिश से दलितों में भय है तथा काफी युवक अपने घरों को छोड़ कर अन्य स्थानों पर चले गए है।
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दलितों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में पुलिस अभी तक 68 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। मंगलवार को 41 लोगों को जेल भेजा था। बुधवार को नई मंडी पुलिस ने 27 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। नई मंडी पुलिस ने आरोपी बेलड़ा के दीपक, शेरपुर के परविंदर, मीरापुर के गौरव, अलमासपुर के प्रंजय, हरिनगर के सचिन, जौली के चेतराम, रूडकली के संजय, सिकरेडा के अमित, एकता विहार के मोनिक, भरतिया कालोनी के विक्की, संधावली के कृष्णपाल, कूकड़ा के शाहरुख,
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बेलड़ा के काडा, कासमपुर के अमित, नंगला मुबारिक के रोहित, बेलड़ा के शुभम, चंदनफार्म पुरकाजी के नवीन, पुरकाजी के अनुज, फुलत के अमित, बेलडा के अमित, राहुल, सचिन व विपिन, खान्नुपुर के अमन व अंकित, कासमपुर के अर्जुन, नंगली के सुमित को गिरफ्तार कर पहले चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा।
20 लाख का नुकसान, प्रशासन ने रेलवे और रोडवेज की क्षति नहीं जोड़ी
मुजफ्फरनगर। शहर में एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में भड़की हिंसा में करीब 20 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। यह नुकसान सबसे अधिक नईमंडी थाना क्षेत्र में रहा है। इसके अलावा सड़क किनारे रखे गमलों, अन्य सामान को भी तोड़ा गया है। वहीं, प्रशासन ने क्षति में रेलवे और रोडवेज के हुए नुकसान की राशि नहीं जोड़ी है।
दलित संगठनों के बैनरतले आई भीड़ ने शहर में जमकर हिंसा का खेल खेला था। मार्केट से लेकर रोडवेज, रेलवे की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। भीड़ का उपद्रव प्रकाश चौक से प्रारंभ होकर रोडवेज, रेलवे स्टेशन पहुंचा था। यहां पर ट्रेन रोकने के बाद भीड़ को हटाना पुलिस को भारी पड़ा है। शहर की अनेक विधानसभाओं से एकत्र हुए करीब 5 हजार से अधिक लोगों ने मारपीट, तोड़फोड़ के साथ आगजनी की है।
आगजनी का शिकार 15 से अधिक कारें, बाइकें और तोड़फोड़ में पीएनबी का एटीएम के अलावा पालिका की लाइट और गमले को आदि निशाना बनाया गया है। तीन दिनों तक प्रशासन की टीम ने नुकसान का आंकलन किया है। सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों और प्राइवेट स्तर पर बवालियों ने करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति को क्षति पहुंचाई है। वहीं, रोडवेज और रेलवे को हुए नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट नहीं मिली है। इसे जोड़ा जाए तो नुकसान अधिक बढ़ने का अनुमान है।