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खास खबर: जीआईसी के स्थापना के 100 वर्ष पूरे

Mon, 22 Jan 2018 12:33 AM IST
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:33 AM IST
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खास खबर: जीआईसी के स्थापना के 100 वर्ष पूरे
मुजफ्फरनगर।
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विद्यार्थियों के जीवन निर्माण से जुड़े राजकीय इंटर कॉलेज ने अपनी शैक्षिक यात्रा के एक सौ वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह गौरवान्वित संस्था वर्ष 1917 में स्थापित की गई थी। पुरातन छात्र अपने गुरुजनों की दीक्षा और शिक्षा को आज तक नहीं भूले हैं। यहां शिक्षा ग्रहण कर चुके विद्यार्थी ने न्यायाधीश, वैज्ञानिक, डॉक्टर और प्रशासनिक अफसर आदि बन कर देश की सेवा की है।
स्थापना के एक साल पूरे कर चुके शहर के जीआईसी से जिले का गहरा नाता है। जब मुल्क फिरंगी हुकूमत के आधीन था, तब इस शिक्षण संस्था की नींव पड़ी थी। जिले के सबसे प्राचीन विद्यालय की शुरुआत वर्ष 1882 में डिस्ट्रिक्ट स्कूल के नाम से नगर पालिका कार्यालय के एक भाग में की गई थी, जहां आज गोल मार्केट है। पहले कक्षा तीन से कक्षा सात तक के बच्चों के अध्ययन की व्यवस्था थी। बाद में कक्षा एक से तीन तक की पढ़ाई भी प्रारंभ हुई। वर्ष 1894 में इस विद्यालय को चार भागों में विभाजित कर दिया गया। कुछ वक्त तक यह विद्यालय एसएसपी आवास के सामने एक भवन में भी संचालित रहा। जीआईसी के वर्तमान भवन में वर्ष 1917 में यह संस्था हाई स्कूल के रुप में स्थानांतरित कर दी गई। जुलाई, 1965 में प्रदेश सरकार से जीआईसी को साहित्य और विज्ञान वर्ग में इंटरमीडिएट की मान्यता मिली, तब मुजफ्फरनगर और शामली के ग्रामीण क्षेत्रों में जीआईसी में शिक्षा ग्रहण करने का हर विद्यार्थी का सपना होता था। शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को एनसीसी, पीटी और योग का प्रशिक्षण दिया जाता है। व्यावसायिक शिक्षा में फोटोग्राफी, रेडियो-टेलीविजन, टंकन तथा कंप्यूटर में हजारों छात्रों को निपुण किया गया है। वर्तमान में जीआईसी में 1352 विद्यार्थी पंजीकृत है। संस्था के शताब्दी वर्ष में छात्राओं के प्रवेश भी इसी शैक्षिक सत्र में प्रारंभ हुए है।
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मुजफ्फरनगर। भारतीय विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बलबीर सिंह चौहान जीआईसी के विद्यार्थी रहे हैं। कांधला के जसाला गांव में दो जुलाई, 1949 को जन्में चौहान ने यहां से इंटरमीडिएट की। मेधावी छात्र चौहान इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश बने। फिर उन्होंनेे उड़ीसा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का दायित्व निभाया। 11 मई, 2009 से एक जुलाई, 2014 तक वे सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति रहे। सेवानिवृत्त होने के बाद मोदी सरकार ने उन्हें कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया। 10 मार्च, 2016 को जस्टिस चौहान को विधि आयोग का 21 वां अध्यक्ष बनने का गौरव मिला।
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जीआईसी के मेधावियों की यादें
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- वर्ष 1986 से1989 तक संस्था में पढ़े मेरठ में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पद पर तैनात यज्ञदत्त आर्य बताते है कि जीआईसी गांव के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र था। प्रधानाचार्य वीपी गुप्ता और शिक्षक रमेशचंद शर्मा ने गणित में रूचि जागृत की। हॉस्टल इंचार्ज एवं हिंदी अध्यापक देवकुमार ने एक वक्ता के रूप में निपुण किया।
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- बीएसएफ इंजीनियरिंग कॉलेज नई दिल्ली में प्राचार्य हरिकांत शर्मा अपने गुरुजनों के अनुशासन को याद करते हैं। वर्ष 1979 में बारहवीं के छात्र रहे शर्मा बताते है कि उस समय कक्षा छह में प्रवेश के लिए भी परीक्षा देनी पड़ती थी। प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद अग्रवाल, शिक्षक कमल किशोर गुप्ता, दीपचंद शर्मा आदि छात्रों के साथ शिक्षा में परिश्रम करते थे।
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- अमेरिका के मिसीकन सिटी में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ सूर्यकांत शर्मा जीवन में कामयाबी के लिए जीआईसी की शिक्षा को श्रेय देते है। उनका कहना है कि विज्ञान और गणित वर्ग के विद्यार्थियों को विषय में निपुण होने का मौका मिलता था। छात्रों के सुनहरे भविष्य के लिए अध्यापक अतिरिक्त क्लास लेते थे। उनके भाई डॉ श्रीकांत शर्मा भी यहीं पढ़े है, जो अमरोहा में एसीएमओ के पद पर कार्यरत हैं।

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- पूर्व विधायक पंकज मलिक ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में जीआईसी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। बघरा और शामली से एमएलए बने मलिक कहते हैं कि प्रतिभावान छात्रों को समूह में मार्गदर्शन मिलता था, जिससे शिक्षा की मजबूत नींव बनती थी। संस्था में पढ़े छात्रों ने विविध क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित किए है।
क्या कहते हैं प्रधानाचार्य
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मुजफ्फरनगर। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रमेशचंद शर्मा इसी संस्था के विद्यार्थी रहे हैं। स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर गौरवान्वित शर्मा कहते हैं कि कॉलेज के विद्यार्थियों ने देश-दुनिया में अपनी योग्यता से सराहना पाई है। पूर्व आईएएस राकेश मित्तल पुरकाजी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में निदेशक भूम्मा गांव के चरण सिंह, कानपुर के प्रसिद्ध पैथोलॉजिस्ट डॉ शिवमंगल सिंह, शहर के डॉ ईश्वर चंद्रा, डॉ सोमेश गुप्ता, दूरदर्शन निदेशक चंद्रकांत शर्मा आदि जीआईसी के मेधावी रहे है।

इनसेट
शताब्दी समारोह में जुटेंगे पुरातन छात्र और शिक्षक
मुजफ्फरनगर। राजकीय इंटर कॉलेज के शताब्दी समारोह में सोमवार को आज पुरातन छात्र और गुरुजन जुटेंगेे। प्रात: आठ बजे सरस्वती पूजन और हवन किया जाएगा। पीटीआई प्रमोद कुमार ने बताया कि मुख्य अतिथि संयुक्त शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी रहेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेधावियों को सम्मातिन किया जाएगा।
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