{"_id":"5a4533d74f1c1bc5758bbba6","slug":"21514484695-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिल गेट पर कर्मचारी का शव रखकर दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिल गेट पर कर्मचारी का शव रखकर दिया धरना
Updated Thu, 28 Dec 2017 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिल गेट पर कर्मचारी का शव रखकर दिया धरना
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। मंसूरपुर शुगर मिल में कार्यरत सीजनल कर्मचारी की हादसे के दो माह बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर शुगर मिल के गेट पर शव रखकर धरना दिया। परिजन कर्मचारी को मुआवजा और बेटे को मिल में नौकरी देने की मांग पर अड़ गए। मिल अधिकारियों द्वारा मांग पूरी करने पर परिजनों ने शव को उठाया।
मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी 49 वर्षीय राजपाल पुत्र बलदेवा शुगर मिल में सीजनल कर्मचारी था। करीब दो माह पूर्व 26 अक्तूबर को वह मिल से काम कर वापस गांव पुरबालियान लौट रहा था। गांव के निकट ही सड़क हादसे में वह घायल हो गया था, जिसमें उसके पैर की हड्डी टूट गई थी। कर्मचारी का मुजफ्फरनगर में एक चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था। बुधवार रात राजपाल की अचानक तबीयत बिगड़ गई तो उसे मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार को परिजन और ग्रामीण मृतक के पुत्र को नौकरी तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर शव मिल गेट पर रखकर धरना देकर बैठ गए। धरने पर पहुंचे शुगर मिल के फैक्ट्री मैनेजर ओंकार नाथ तिवारी, जीएम टेक्निकल सुरेंद्र शर्मा, गन्ना प्रबंधक बलधारी सिंह तथा धरने पर बैठे लोगों के बीच वार्ता हुई। वार्ता के बाद शुगर मिल अधिकारियों ने बताया कि मृतक की मौत फैक्ट्री से बाहर हुई है। फैक्ट्री नियमों के अनुसार मृतक के वारिस को स्थाई नौकरी नहीं दी जा सकती। सहानुभूति के तौर पर फैक्ट्री एफटीसी (कॉन्ट्रेक्ट पर ) श्रमिक के रूप में मृतक के बेटे को 11 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी देगी। इसके बाद परिजन श्रमिक का शव लेकर गांव चले गए। धरने पर भूपेंद्र राठी, नीरज पहलवान, मोनू प्रधान, अमित राठी, मोहित अहलावत, भोला प्रधान, संतोष प्रधान शामिल थे।
विज्ञापन
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। मंसूरपुर शुगर मिल में कार्यरत सीजनल कर्मचारी की हादसे के दो माह बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर शुगर मिल के गेट पर शव रखकर धरना दिया। परिजन कर्मचारी को मुआवजा और बेटे को मिल में नौकरी देने की मांग पर अड़ गए। मिल अधिकारियों द्वारा मांग पूरी करने पर परिजनों ने शव को उठाया।
मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी 49 वर्षीय राजपाल पुत्र बलदेवा शुगर मिल में सीजनल कर्मचारी था। करीब दो माह पूर्व 26 अक्तूबर को वह मिल से काम कर वापस गांव पुरबालियान लौट रहा था। गांव के निकट ही सड़क हादसे में वह घायल हो गया था, जिसमें उसके पैर की हड्डी टूट गई थी। कर्मचारी का मुजफ्फरनगर में एक चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था। बुधवार रात राजपाल की अचानक तबीयत बिगड़ गई तो उसे मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार को परिजन और ग्रामीण मृतक के पुत्र को नौकरी तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर शव मिल गेट पर रखकर धरना देकर बैठ गए। धरने पर पहुंचे शुगर मिल के फैक्ट्री मैनेजर ओंकार नाथ तिवारी, जीएम टेक्निकल सुरेंद्र शर्मा, गन्ना प्रबंधक बलधारी सिंह तथा धरने पर बैठे लोगों के बीच वार्ता हुई। वार्ता के बाद शुगर मिल अधिकारियों ने बताया कि मृतक की मौत फैक्ट्री से बाहर हुई है। फैक्ट्री नियमों के अनुसार मृतक के वारिस को स्थाई नौकरी नहीं दी जा सकती। सहानुभूति के तौर पर फैक्ट्री एफटीसी (कॉन्ट्रेक्ट पर ) श्रमिक के रूप में मृतक के बेटे को 11 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी देगी। इसके बाद परिजन श्रमिक का शव लेकर गांव चले गए। धरने पर भूपेंद्र राठी, नीरज पहलवान, मोनू प्रधान, अमित राठी, मोहित अहलावत, भोला प्रधान, संतोष प्रधान शामिल थे।
विज्ञापन