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सहज और सरल जीवन सुखदायी
Updated Tue, 14 Nov 2017 12:23 AM IST
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मोरना। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम शुक्रताल में भक्ति गीतों के साथ श्रद्धालुओं ने भागवत यात्रा श्रद्धा से निकाली। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि सहज और सरल जीवन ही सुखदायी है।
श्री शुकदेव आश्रम में अक्षय वट की परिक्रमा के बाद श्रद्धा और भक्ति से भागवत पोथी यात्रा निकाली गई। हरिद्वार से पधारे कथा व्यास आचार्य मधुशुधनाचार्य और यज्ञमान कृति राजकुमार ने पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती से आशीर्वाद लिया। स्वामी ने कहा कि भागवत मानव को श्रेष्ठ बनाती है। विचारों की पवित्रता बनेगी, उसी से मानव का जीवन सहज और सरल बनेगा। भागवत संपूर्ण मानव जाति के लिए संजीवनी है। जीवन में भय से मुक्ति के लिए सबसे सरलतम साधन भगवान के चरण कमलों की उपासना है। इन्हीं चरणों की उपासना करके नारद, प्रहलाद ने भगवान के अनन्य स्वरूप को प्राप्त किया। आचार्य सुमन शास्त्री, श्यामाचार्य, हर्षमणि, राजू आदि का सहयोग रहा।
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श्री शुकदेव आश्रम में अक्षय वट की परिक्रमा के बाद श्रद्धा और भक्ति से भागवत पोथी यात्रा निकाली गई। हरिद्वार से पधारे कथा व्यास आचार्य मधुशुधनाचार्य और यज्ञमान कृति राजकुमार ने पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती से आशीर्वाद लिया। स्वामी ने कहा कि भागवत मानव को श्रेष्ठ बनाती है। विचारों की पवित्रता बनेगी, उसी से मानव का जीवन सहज और सरल बनेगा। भागवत संपूर्ण मानव जाति के लिए संजीवनी है। जीवन में भय से मुक्ति के लिए सबसे सरलतम साधन भगवान के चरण कमलों की उपासना है। इन्हीं चरणों की उपासना करके नारद, प्रहलाद ने भगवान के अनन्य स्वरूप को प्राप्त किया। आचार्य सुमन शास्त्री, श्यामाचार्य, हर्षमणि, राजू आदि का सहयोग रहा।
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