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जीवन में भावनाओं का बड़ा महत्व: ज्ञान सागर
Updated Wed, 09 Aug 2017 12:52 AM IST
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जीवन में भावनाओं का बड़ा महत्व : ज्ञान सागर
मुजफ्फरनगर। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में धर्म सभा में जैन आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज ने कहा कि जीवन में भावनाओं का बड़ा महत्व है। व्यक्ति को हिंसा, झूठ, छल, कपट की भावनाओं से दूर रहना चाहिए।
महाराज ने कहा कि भादो का महीना सोलह कारण पर्व हम सभी को अच्छी भावनाएं रखने की प्रेरणा दे रहा है। जीवन में भावनाओं का ही महत्व है। संसार में जो भी खेल है, वह सब भावों का खेल है। यह तो हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हमारी भावनाएं शुभ है या अशुभ। प्रभु के दर्शन की भावना, अभिषेक, पूजन, स्वाध्याय की भावना, गुरु के दर्शन की भावना, परोपकार, दया-करुणा आदि के भाव शुभ भाव हैं। हिंसा की भावना, झूठ, छल, कपट, छल, ईर्ष्या, घृणा आदि अशुभ भावनाएं हैं। अशुभ भावनाओं से दुर्गति और अच्छी भावनाओं से जीवन सुखमय हो जाता है। समिति के महामंत्री राजकुमार जैन ने बताया कि आस-पास के जनपदों से बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग प्रवचन सुनने आ रहे हैं।
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मुजफ्फरनगर। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में धर्म सभा में जैन आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज ने कहा कि जीवन में भावनाओं का बड़ा महत्व है। व्यक्ति को हिंसा, झूठ, छल, कपट की भावनाओं से दूर रहना चाहिए।
महाराज ने कहा कि भादो का महीना सोलह कारण पर्व हम सभी को अच्छी भावनाएं रखने की प्रेरणा दे रहा है। जीवन में भावनाओं का ही महत्व है। संसार में जो भी खेल है, वह सब भावों का खेल है। यह तो हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हमारी भावनाएं शुभ है या अशुभ। प्रभु के दर्शन की भावना, अभिषेक, पूजन, स्वाध्याय की भावना, गुरु के दर्शन की भावना, परोपकार, दया-करुणा आदि के भाव शुभ भाव हैं। हिंसा की भावना, झूठ, छल, कपट, छल, ईर्ष्या, घृणा आदि अशुभ भावनाएं हैं। अशुभ भावनाओं से दुर्गति और अच्छी भावनाओं से जीवन सुखमय हो जाता है। समिति के महामंत्री राजकुमार जैन ने बताया कि आस-पास के जनपदों से बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग प्रवचन सुनने आ रहे हैं।
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