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Muzaffarnagar News: किसान को दिए 20.33 रुपये, बताइए यह क्षतिपूर्ति है या मजाक
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राशिद अली
मुजफ्फरनगर। बीमार व्यवस्था में लाचार अन्नदाता की पीड़ा देखिए। गोयला गांव के किसान सतीश की धान की फसल खराब हुई। बीमा याद आया तो क्लेम किया गया। जांच हुई और भरोसा मिला। छह माह से अधिक लंबे इंतजार के बाद मुआवजा मिला 20.33 रुपये। यह अकेले सतीश की कहानी नहीं है। मंडावली के जय को भी इतने ही रुपये मिले। धान की फसल को पहुंचे नुकसान पर जनपद के 30 किसानों के हिस्से में 9369 रुपये ही आए हैं।
फसल की बुवाई से कटाई की अवधि तक प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान पर क्षतिपूर्ति के लिए किसानों की फसलों का बीमा कराया जाता है। जनपद में किसानों की फसलों का बीमा कराने के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया नामित है। गन्ना बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद गन्ने की फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल नहीं किया गया। जनपद में खरीफ में केवल धान की फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है।
दो प्रतिशत प्रीमियम लेकर किया जाता है फसल बीमा
योजना के तहत धान की फसल में बीमित राशि का दो प्रतिशत प्रीमियम लेकर खरीफ की फसल का बीमा किया जाता है। किसानों से फसलों का बीमा स्वैच्छिक आधार पर कराया जाता है। गत वर्ष जिले के 251 कृषकों ने 1.43 करोड़ रुपये का बीमा कराया था। किसानों की 180 हेक्टेयर बीमित भूमि के सापेक्ष उनसे 2.86 लाख का प्रीमियम वसूल किया गया जबकि बीमित धनराशि हासिल करने के लिए आवेदन करने वाले 30 किसानों को 10 हजार से कम में ही संतुष्ट कर दिया गया।
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इनसेट
जनपद के 10 किसानों को प्राप्त खरीफ फसल बीमा धनराशि
किसान गांव ब्लाक धनराशि (रुपयों में)
मो.यामीन रहकड़ा मोरना 204.24
ललतेश मंडावली बांगर शाहपुर 43.20
सतीश गोयला शाहपुर 20.33
जय मंडावली बांगर शाहपुर 20.33
ब्रजेश छिमाऊ चरथावल 42.51
पवन छिमाऊं चरथावल 24.28
मो. शिराज खुसरोपुर चरथावल 194.07
जाकिर रहकड़ा मोरना 188.92
सत्यपाल इंचौड़ा शाहपुर 378.62
धीरज चरथावल देहात चरथावल 1912.58
इनसेट
33 किसानों को मिला दो लाख का रबी फसल बीमा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जनपद के 321 किसानों ने सीजन 2024-25 में रबी फसल बीमा कराया था। किसानों की 290 हेक्टेयर भूमि के लिए किए गए बीमे के सापेक्ष 2.6 करोड़ रुपये का बीमा किया गया था जबकि किसानों से 4.26 लाख रुपये का प्रीमियम लिया गया था। जनपद के 33 किसानों की ओर से किए गए क्लेम के सापेक्ष उन्हें 2.078 लाख रुपये की बीमित धनराशि दी गई।
नुकसान का आकलन कर ही क्लेम दिया जाता है: प्रमोद सिरोही
उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही का कहना है कि फसल को हुए नुकसान का आकलन करने का एक फार्मूला है। उसी फार्मूले के आधार पर ही नुकसान का आंकलन किया जाता है और क्लेम दिया जाता है। नियम के हिसाब से ही मुआवजा दिया जाता है।
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दो कप चाय में ही मुआवजा खत्म
भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी का कहना है कि आखिर यह कौन सा फार्मूला है। प्रत्येक वर्ष खादर और अन्य क्षेत्र में फसल बर्बाद हो जाती है, बीमे की रकम दो कप चाय जितनी भी नहीं मिलती। व्यवस्था में सुधार होना जरूरी है।
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मुजफ्फरनगर। बीमार व्यवस्था में लाचार अन्नदाता की पीड़ा देखिए। गोयला गांव के किसान सतीश की धान की फसल खराब हुई। बीमा याद आया तो क्लेम किया गया। जांच हुई और भरोसा मिला। छह माह से अधिक लंबे इंतजार के बाद मुआवजा मिला 20.33 रुपये। यह अकेले सतीश की कहानी नहीं है। मंडावली के जय को भी इतने ही रुपये मिले। धान की फसल को पहुंचे नुकसान पर जनपद के 30 किसानों के हिस्से में 9369 रुपये ही आए हैं।
फसल की बुवाई से कटाई की अवधि तक प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान पर क्षतिपूर्ति के लिए किसानों की फसलों का बीमा कराया जाता है। जनपद में किसानों की फसलों का बीमा कराने के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया नामित है। गन्ना बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद गन्ने की फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल नहीं किया गया। जनपद में खरीफ में केवल धान की फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है।
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दो प्रतिशत प्रीमियम लेकर किया जाता है फसल बीमा
योजना के तहत धान की फसल में बीमित राशि का दो प्रतिशत प्रीमियम लेकर खरीफ की फसल का बीमा किया जाता है। किसानों से फसलों का बीमा स्वैच्छिक आधार पर कराया जाता है। गत वर्ष जिले के 251 कृषकों ने 1.43 करोड़ रुपये का बीमा कराया था। किसानों की 180 हेक्टेयर बीमित भूमि के सापेक्ष उनसे 2.86 लाख का प्रीमियम वसूल किया गया जबकि बीमित धनराशि हासिल करने के लिए आवेदन करने वाले 30 किसानों को 10 हजार से कम में ही संतुष्ट कर दिया गया।
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जनपद के 10 किसानों को प्राप्त खरीफ फसल बीमा धनराशि
किसान गांव ब्लाक धनराशि (रुपयों में)
मो.यामीन रहकड़ा मोरना 204.24
ललतेश मंडावली बांगर शाहपुर 43.20
सतीश गोयला शाहपुर 20.33
जय मंडावली बांगर शाहपुर 20.33
ब्रजेश छिमाऊ चरथावल 42.51
पवन छिमाऊं चरथावल 24.28
मो. शिराज खुसरोपुर चरथावल 194.07
जाकिर रहकड़ा मोरना 188.92
सत्यपाल इंचौड़ा शाहपुर 378.62
धीरज चरथावल देहात चरथावल 1912.58
इनसेट
33 किसानों को मिला दो लाख का रबी फसल बीमा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जनपद के 321 किसानों ने सीजन 2024-25 में रबी फसल बीमा कराया था। किसानों की 290 हेक्टेयर भूमि के लिए किए गए बीमे के सापेक्ष 2.6 करोड़ रुपये का बीमा किया गया था जबकि किसानों से 4.26 लाख रुपये का प्रीमियम लिया गया था। जनपद के 33 किसानों की ओर से किए गए क्लेम के सापेक्ष उन्हें 2.078 लाख रुपये की बीमित धनराशि दी गई।
नुकसान का आकलन कर ही क्लेम दिया जाता है: प्रमोद सिरोही
उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही का कहना है कि फसल को हुए नुकसान का आकलन करने का एक फार्मूला है। उसी फार्मूले के आधार पर ही नुकसान का आंकलन किया जाता है और क्लेम दिया जाता है। नियम के हिसाब से ही मुआवजा दिया जाता है।
दो कप चाय में ही मुआवजा खत्म
भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी का कहना है कि आखिर यह कौन सा फार्मूला है। प्रत्येक वर्ष खादर और अन्य क्षेत्र में फसल बर्बाद हो जाती है, बीमे की रकम दो कप चाय जितनी भी नहीं मिलती। व्यवस्था में सुधार होना जरूरी है।