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किसान दिवस में छाया गन्ने की पर्ची का मुद्दा
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किसान दिवस में छाया गन्ने की पर्ची का मुद्दा
मुजफ्फरनगर। किसान दिवस में गन्ने की पर्ची नियमित जारी नहीं होने का मामला गूंजा। तितावी मिल पर किसानों ने कम इंडेंट जारी करने और कम पर्ची भेजने का आरोप लगाया। जमा करने के बाद भी बिल आने पर बिजली विभाग के अफसरों को घेरा। तितावी मिल के जीएम को तत्काल मिल की पेराई बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायत के सभागार में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने गन्ने को लेकर सबसे ज्यादा समस्याएं रखीं। रोनी हरजीपुर और दधेडू के किसानों ने गन्ने के सेंटर सुचारु नहीं करने के आरोप लगाए। किसानों ने आरोप लगाया कि जान बूझकर चीनी मिल कम पेराई कर रही है। क्षमता से केवल 70 प्रतिशत पर ही चलाया जा रहा है। इसी के चलते चीनी मिल कम इंडेंट जारी कर रहा है और पर्ची भी किसानों का कम ही मिल रही है। डीसीओ आरडी द्विवेदी ने किसानों की शिकायत पर तितावी मिल के जीएम को तत्काल पेराई क्षमता के अनुसार करने के निर्देश दिए। एडीएम वित्त आलोक कुमार ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल पेराई नहीं बढ़ाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने अन्य चीनी मिलों पर पर्चीं तेजी से जारी नहीं करने का आरोप लगाया। इन चीनी मिलों ने अपनी क्षमता के अनुसार मिल चलाने की बात कही। वहीं, बैठक में पुरबालियान के किसान ने बताया कि वह अपना पूरा बिल जमा कर चुका है। बिजली विभाग ने दोबार बिल भेज दिया। किसानों ने बिजली विभाग के अफसरों को भी जमकर घेरा। कृषि विभाग के खिलाफ किसानों ने मामला उठाया कि छूट के यंत्र एक ही दुकान से खरीदने के लिए विवश करने के पीछे किसानों का शोषण हुआ है। उपनिदेशक कृषि नरेंद्र कुमार ने किसानों से कहा कि उन्होंने दुकान निश्चित नहीं की है। शासन ने जो दुकान तय की है, उसी से यंत्र खरीदे जा रहे हैं। बैठक में सिंचाई, विद्युत, कृषि, गन्ना आदि विभागों के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। नवीन राठी, नीरज पहलवान, ओमप्रकाश शर्मा, योगेश शर्मा, विकास शर्मा, अंकित चौधरी, विवेक, शाहिद आलम, कपिल सोम, राशिद, प्रवेंद्र, सतेंद्र, नीशु, बिट्टू आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। किसान दिवस में गन्ने की पर्ची नियमित जारी नहीं होने का मामला गूंजा। तितावी मिल पर किसानों ने कम इंडेंट जारी करने और कम पर्ची भेजने का आरोप लगाया। जमा करने के बाद भी बिल आने पर बिजली विभाग के अफसरों को घेरा। तितावी मिल के जीएम को तत्काल मिल की पेराई बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायत के सभागार में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने गन्ने को लेकर सबसे ज्यादा समस्याएं रखीं। रोनी हरजीपुर और दधेडू के किसानों ने गन्ने के सेंटर सुचारु नहीं करने के आरोप लगाए। किसानों ने आरोप लगाया कि जान बूझकर चीनी मिल कम पेराई कर रही है। क्षमता से केवल 70 प्रतिशत पर ही चलाया जा रहा है। इसी के चलते चीनी मिल कम इंडेंट जारी कर रहा है और पर्ची भी किसानों का कम ही मिल रही है। डीसीओ आरडी द्विवेदी ने किसानों की शिकायत पर तितावी मिल के जीएम को तत्काल पेराई क्षमता के अनुसार करने के निर्देश दिए। एडीएम वित्त आलोक कुमार ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल पेराई नहीं बढ़ाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने अन्य चीनी मिलों पर पर्चीं तेजी से जारी नहीं करने का आरोप लगाया। इन चीनी मिलों ने अपनी क्षमता के अनुसार मिल चलाने की बात कही। वहीं, बैठक में पुरबालियान के किसान ने बताया कि वह अपना पूरा बिल जमा कर चुका है। बिजली विभाग ने दोबार बिल भेज दिया। किसानों ने बिजली विभाग के अफसरों को भी जमकर घेरा। कृषि विभाग के खिलाफ किसानों ने मामला उठाया कि छूट के यंत्र एक ही दुकान से खरीदने के लिए विवश करने के पीछे किसानों का शोषण हुआ है। उपनिदेशक कृषि नरेंद्र कुमार ने किसानों से कहा कि उन्होंने दुकान निश्चित नहीं की है। शासन ने जो दुकान तय की है, उसी से यंत्र खरीदे जा रहे हैं। बैठक में सिंचाई, विद्युत, कृषि, गन्ना आदि विभागों के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। नवीन राठी, नीरज पहलवान, ओमप्रकाश शर्मा, योगेश शर्मा, विकास शर्मा, अंकित चौधरी, विवेक, शाहिद आलम, कपिल सोम, राशिद, प्रवेंद्र, सतेंद्र, नीशु, बिट्टू आदि मौजूद रहे।
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